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हरे पेड़ों की अवैध कटान में वन रेंजर का स्पष्टीकरण तलब
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कानपुर देहात। अमरौधा ब्लॉक के पचलख व हरि का पुरवा में अवैध तरीके से नीम के हरे पेड़ काटने पर डीएफओ ने भोगनीपुर रेंजर व वन दरोगा से नाराजगी जताई। इसके बाद जांच करने गए दरोगा काटे गए पेड़ों के ठूंठ नहीं ढूंढ सके। केवल दो ठूंठ मिलने पर बैना गांव के लकड़ी ठेकेदार पर केस दर्ज किया। लापरवाही पर वन रेंजर से स्पष्टीकरण तलब किया गया है। वहीं, वन दरोगा को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है।
पचलख व हरि का पुरवा गांव में अवैध तरीके से नीम के हरे पेड़ों की कटान की गई थी। ठेकेदार ने लकड़ी की उठान भी कर ली। शुक्रवार को किसी ने डीएफओ को पेड़ों की अवैध कटान की सूचना दी। इसपर डीएफओ के नाराजगी जताने के बाद वन रेंजर ने वन दरोगा रमेश कौशल को जांच सौंपी। इधर, शनिवार को पचलख गांव में पहुंचे वन दरोगा रमेश कौशल काटे गए दो पेड़ के ठूंठ ही ढूंढ सके। ग्रामीणों का आरोप है कि वह दूसरे कटान स्थल व हरि का पुरवा नहीं गए। केवल बैना गांव के लकड़ी ठेकेदार पर वन अधिनियम में केस दर्ज किया। हरे पेड़ों की अवैध कटान को लेकर सही जानकारी नहीं दी।
डीएफओ एके द्विवेदी ने बताया कि प्रकरण में भोगनीपुर रेंजर छेदालाल से स्पष्टीकरण तलब किया गया है। वन दरोगा की भूमिका संदिग्ध है। विभागीय कार्रवाई के लिए नोटिस जारी किया गया है। जवाब मिलने पर कार्रवाई की जाएगी।
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पचलख व हरि का पुरवा गांव में अवैध तरीके से नीम के हरे पेड़ों की कटान की गई थी। ठेकेदार ने लकड़ी की उठान भी कर ली। शुक्रवार को किसी ने डीएफओ को पेड़ों की अवैध कटान की सूचना दी। इसपर डीएफओ के नाराजगी जताने के बाद वन रेंजर ने वन दरोगा रमेश कौशल को जांच सौंपी। इधर, शनिवार को पचलख गांव में पहुंचे वन दरोगा रमेश कौशल काटे गए दो पेड़ के ठूंठ ही ढूंढ सके। ग्रामीणों का आरोप है कि वह दूसरे कटान स्थल व हरि का पुरवा नहीं गए। केवल बैना गांव के लकड़ी ठेकेदार पर वन अधिनियम में केस दर्ज किया। हरे पेड़ों की अवैध कटान को लेकर सही जानकारी नहीं दी।
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डीएफओ एके द्विवेदी ने बताया कि प्रकरण में भोगनीपुर रेंजर छेदालाल से स्पष्टीकरण तलब किया गया है। वन दरोगा की भूमिका संदिग्ध है। विभागीय कार्रवाई के लिए नोटिस जारी किया गया है। जवाब मिलने पर कार्रवाई की जाएगी।
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