फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Kanpur News ›   expenditure limit in lok sabha elections 2019

लोकसभा चुनाव जीतने के लिए करोड़ों का खर्च पहुंचा सकता है जेल, इतने साल की मिलेगी सजा

Thu, 28 Mar 2019 01:35 PM IST
प्रभापुंज मिश्रा यूपी डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
यूपी डेस्क, अमर उजाला, कानपुर Published by: प्रभापुंज मिश्रा Updated Thu, 28 Mar 2019 01:35 PM IST
विज्ञापन
expenditure limit in lok sabha elections 2019
कैश बरामद (फाइल फोटो) - फोटो : amar ujala
लोकसभा चुनाव में कालेधन के प्रवाह को रोकने के लिए आयकर विभाग ने इस बार कड़ी तैयारी की है। सड़क मार्ग और हवाई अड्डों पर नजर रखने के अलावा तकनीक का सहारा भी लिया जा रहा है। बताया जा रहा है कि चुनाव में यदि किसी व्यक्ति का कालाधन इस्तेमाल होता हुआ पाया गया तो मुकदमा तक दर्ज कराया जाएगा। 
विज्ञापन


आयकर विभाग के सूत्र बताते हैं कि प्रत्याशियों के लिए चुनाव में खर्च की सीमा 70 लाख रुपये निर्धारित की गई है, लेकिन धन इससे ज्यादा खर्च होता है। कई प्रत्याशी तो कई गुना अधिक तक खर्च करते हैं। यह अतिरिक्त खर्च प्रत्याशियों के सहयोगी उठाते हैं। हालांकि इसे पता लगा पाना कठिन होता है लेकिन इस बार इसे पता लगाने के कई तरह से इंतजाम किए गए हैं।
विज्ञापन


 

चुनाव में कालेधन का इस्तेमाल न करने की चेतावनी

अप्रत्याशित लेनदेन का पता लगाने के लिए कई तरह के सॉफ्टवेयर भी सक्रिय हैं। जमीनी स्तर पर भी टीमें यह पता लगाने में जुटी हैं कि कौन व्यक्ति किस प्रत्याशी के पक्ष में पैसा खर्च कर सकता है। आयकर विभाग के सूत्र बताते हैं कि मुकदमा जैसी कार्रवाई के लिए उन लोगों को चुना जाएगा जो धन का गलत तरीके से इस्तेमाल करते हुए चुनाव को प्रभावित करने का प्रयास करेंगे।

ऐसे लोगों के यहां सर्वे और छापे की भी कार्रवाई की जा सकती है। बीते वर्षों के रिटर्न के साथ ही कारोबार की स्थिति समेत कई तरह की जांचें संभव हैं। आयकर अफसरों ने चुनाव में कालेधन का इस्तेमाल न करने की चेतावनी दी है। 

 

आयकर चला सकता है मुकदमा 

यदि कोई व्यक्ति कालाधन रखने के बावजूद उसे स्वीकार नहीं करता है, अथवा आय से अधिक संपत्ति का हिसाब नहीं दे पाता है। कर चोरी में लिप्त रहता अथवा कर चोरी करने वालों का साथ देता है तो उस पर आयकर विभाग अभियोजन चला सकता है।

अभियोजन चलाने से पहले प्रधान मुख्य आयकर आयुक्त से अनुमति लेना जरूरी होता है। इस तरह का मुकदमा आयकर अधिनियम की धारा 276, 276(क), 277(क) आदि के तहत दर्ज होता है। इसमें छह महीने से सात साल तक सजा का प्रावधान है। 
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed