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इटावा: बुन्देलखण्ड एक्सप्रेसवे पर गड्ढे में डूबकर हुई दो मासूमों की मौत
Sat, 07 Mar 2020 10:16 PM IST
Mohit Mudgal
संवाद न्यूज एजेंसी, इटावा
संवाद न्यूज एजेंसी, इटावा
Published by: Mohit Mudgal
Updated Sat, 07 Mar 2020 10:16 PM IST
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सांकेतिक तस्वीर
निर्माणाधीन बुन्देलखण्ड एक्सप्रेसवे के बने गड्ढे में भरे पानी मे एक ही परिवार का एक बच्चे और बच्ची की डूबकर मौत हो गई। थाना क्षेत्र नगला पछाय निवासी श्यामसुंदर पुत्र शोभाराम के दो बच्चे डॉली 12 वर्ष व अंकित 6 वर्ष शनिवार को दोपहर 3:30 बजे करीब के एक गांव के अन्य बच्चो के साथ गांव किनारे बन रहे बुन्देलखण्ड एक्सप्रेसवे की तरफ खेलने निकल गए।
इसी दौरान पानी भरे गहरे गड्ढे में डॉली व अंकित गिर पड़े, जिसकी सूचना साथ खेल रहे गांव के ही बबलू के बच्चे शरद सहित अन्य बच्चो ने गांव में दी। जिस पर गांव के ही अवधेश व ब्रजेन्द्र ने आनन-फानन में पानी भरे गड्ढे में छलांग लगा दी, मगर पानी मे डूब चुके अंकित व डॉली को बचा नही सके। उन्हें मृत अवस्था मे निकाला गया।
घटना के दौरान मृतक बच्चो के पिता गांव में नही होने पर परिवार के रामवीर ने बताया कि मृतक बच्चो के पिता अपनी पत्नी का इलाज कराने बीती 5 मार्च से इटावा स्थित एक हॉस्पिटल गए हुए है,उन्हें सूचना कर दी है। घटना की सूचना पर एसडीएम इंद्रजीत सिंह, नंद प्रकाश मौर्य, कोतवाल बलिराज शाही पुलिस फोर्स के साथ मौके पर पहुँचे।
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अस्पाल में भर्ती मां को नहीं दी बच्चों की मौत की खबर
पानी भरे गड्ढे में डूबने से डाली और अंकित की मां विमला देवी के पेट में गांठ थी। 5 मार्च को उनका इटावा शहर के प्राइवेट अस्पताल में ऑपरेशन हुआ था। अस्पताल में भर्ती विमला की देखरेख के लिए पति श्याम सुंदर अस्पताल में ही थे।
शाम करीब चार बजे उनको बच्चों की मौत की खबर मिली। श्याम सुंदर ने बीमार पत्नी को बच्चों की मौत होने की भनक नहीं लगने दी। जरूरी काम से घर जाने की बात विमला से कहकर श्याम सुंदर गांव पहुंच गए।
मजूदरी कर परिवार चलाने वाली श्याम सुंदर ने बताया कि उनके छह बच्चे थे। इसमें बड़ी बेटी वंदना की दो साल पहले शादी कर चुके हैं। दूसरी नंबर की बेटी 12 वर्षीय डॉली और चौथे नंबर का बेटा अंकित छह साल का था।
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इसी दौरान पानी भरे गहरे गड्ढे में डॉली व अंकित गिर पड़े, जिसकी सूचना साथ खेल रहे गांव के ही बबलू के बच्चे शरद सहित अन्य बच्चो ने गांव में दी। जिस पर गांव के ही अवधेश व ब्रजेन्द्र ने आनन-फानन में पानी भरे गड्ढे में छलांग लगा दी, मगर पानी मे डूब चुके अंकित व डॉली को बचा नही सके। उन्हें मृत अवस्था मे निकाला गया।
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घटना के दौरान मृतक बच्चो के पिता गांव में नही होने पर परिवार के रामवीर ने बताया कि मृतक बच्चो के पिता अपनी पत्नी का इलाज कराने बीती 5 मार्च से इटावा स्थित एक हॉस्पिटल गए हुए है,उन्हें सूचना कर दी है। घटना की सूचना पर एसडीएम इंद्रजीत सिंह, नंद प्रकाश मौर्य, कोतवाल बलिराज शाही पुलिस फोर्स के साथ मौके पर पहुँचे।
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अस्पाल में भर्ती मां को नहीं दी बच्चों की मौत की खबर
पानी भरे गड्ढे में डूबने से डाली और अंकित की मां विमला देवी के पेट में गांठ थी। 5 मार्च को उनका इटावा शहर के प्राइवेट अस्पताल में ऑपरेशन हुआ था। अस्पताल में भर्ती विमला की देखरेख के लिए पति श्याम सुंदर अस्पताल में ही थे।
शाम करीब चार बजे उनको बच्चों की मौत की खबर मिली। श्याम सुंदर ने बीमार पत्नी को बच्चों की मौत होने की भनक नहीं लगने दी। जरूरी काम से घर जाने की बात विमला से कहकर श्याम सुंदर गांव पहुंच गए।
मजूदरी कर परिवार चलाने वाली श्याम सुंदर ने बताया कि उनके छह बच्चे थे। इसमें बड़ी बेटी वंदना की दो साल पहले शादी कर चुके हैं। दूसरी नंबर की बेटी 12 वर्षीय डॉली और चौथे नंबर का बेटा अंकित छह साल का था।