{"_id":"7628be5b712e38a61a82ce1ae9b2ef68","slug":"esi-hair-treatment-close-to-home-hindi-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"ईएसआई वालों का इलाज, घर के पास","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
ईएसआई वालों का इलाज, घर के पास
अमर उजाला ब्यूरो/कानपुर
Updated Sun, 14 Feb 2016 01:57 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
कर्मचारी राज्य बीमा निगम (ईएसआईसी) के लाभार्थियों को इलाज के लिए सीधे प्राइवेट अस्पताल या क्लीनिक में जाने का भी अवसर मिलने वाला है।
विज्ञापन
बीमा अस्पताल से अनुमति लेने के बजाय सीधे पास के संबद्ध प्राइवेट अस्पताल में जा सकेंगे। ईएसआईसी ने हर जिले और छोटे शहरों में प्राइवेट अस्पतालों और क्लीनिकों से करार का निर्णय लिया है। आवेदन मांगे गए हैं। आवेदन जमा करने की आखिरी तिथि 29 फरवरी है।
विज्ञापन
अस्पताल या क्लीनिक में जाने वाले लाभार्थी (बीमित व्यक्ति या आईपी) के इलाज का खर्च ईएसआईसी उठाएगी। उत्तर प्रदेश में ईएसआईसी से 13 लाख से ज्यादा लोग जुड़े हैं। अकेले कानपुर में इनकी संख्या ढाई लाख से ज्यादा है। ईएसआईसी ने कुछ समय पहले हर जिले में स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाने का निर्णय लिया था।
विज्ञापन
कई जगहों पर डॉक्टरों की कमी के कारण डिस्पेंसरियां बंद हैं तो कई जगह पर दूरी के कारण लाभार्थियों को दिक्कतें होती हैं। इसे देखते हुए निगम ने हर जिले और छोटे शहरों में प्राइवेट अस्पतालों व क्लीनिकों से करार का निर्णय लिया है।
ईएसआईसी डिप्टी डायरेक्टर सुमित ने कहा हर लाभार्थी को जल्द स्वास्थ्य सेवा उपलब्ध कराने के लिए निगम कटिबद्ध है। योजना से ज्यादा प्राइवेट अस्पतालों और क्लीनिकों को जोड़ा जाएगा।
अभी यह है व्यवस्था
बीमित लाभार्थी को इलाज के लिए पहले बीमा डिस्पेंसरी जाना होगा। यहां यदि डॉक्टर नहीं हैं या बीमारी अस्पताल लायक है तो उसे बीमा अस्पताल रेफर किया जाएगा। बीमा अस्पताल से जरूरत के हिसाब से लाभार्थी को हैलट रेफर किया जाएगा। यदि हैलट में इलाज की सुविधा नहीं है तो बीमा निगम से संबद्ध सुपर स्पेशिएलिटी अस्पताल भेजा जाएगा।
नौ साल में पीरियड तो लंबी नहीं होगी बेटी
कानपुर। आठ साल से कम उम्र में लड़की की छाती का विकास, नौ साल से कम उम्र में पीरियड या दस साल तक लंबाई 137 सेंटीमीटर से कम हो तो यह बीमारी है। इसकी अनदेखी कई बीमारियों को जन्म देगी और बिटिया लंबी भी नहीं हो पाएगी। हार्मोन से इन दिक्कतों को दूर किया जा सकता है।
यह कहना है बाल हार्मोन रोग विशेषज्ञ डॉ. अनुराग वाजपेयी का। डॉ. वाजपेयी शनिवार को इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (आईएमए) की ओर से आयोजित सीएमई को संबोधित कर रहे थे।
उन्होंने कहा कि दस तक की उम्र में लड़के के शरीर पर बाल, टेस्टिस (अंडकोष) की साइज बढ़ें तो शारीरिक के विकास में रुकावट आती है। वर्तमान में लड़कियों में पीरियड्स की शुरुआत कम से कम 12 वर्ष और लड़कों में टेस्टिक साइज 15 साल में बढ़ना सामान्य है।
समय रहते इन बच्चों का इलाज शुरू हो जाए तो लंबाई बढ़ने के साथ ही बीमारियों से भी बचे रहेंगे। ग्रोथ हार्मोन से बच्चों के विकास में छह गुना तक बढ़ोतरी होती है। डॉ. वाजपेयी ने कहा कि ग्रो सोसाइटी की ओर से कराए गए 10 स्कूलों के छह हजार बच्चों पर कराए गए सर्वे में 20 फीसदी से ज्यादा बच्चे मोटे मिले हैं।
बच्चे के स्वास्थ्य पर ध्यान देना चाहिए न कि उसे गोल-मटोल बनाने पर। आईएमए सचिव डॉ. अर्चना भदौरिया,उपाध्यक्ष डॉ. एससी सक्सेना ने योग व व्यायाम की सलाह दी। इस दौरान डॉ. रश्मि कपूर, डॉ. निखिल गुप्ता, डॉ. यूथिका वाजपेयी, डॉ. जया अग्रवाल मौजूद रहीं।
वेबसाइट करेगी मदद
डॉ. अनुराग वाजपेयी ने बताया कि बच्चे के ग्रोथ, बीमारी, मोटापा, डायबिटीज आदि की पूरी जानकारी के लिए वेबसाइट www.dranuragbajpai.com पर लॉग ऑन किया जा सकता है।
आश्रम में 50 यूनिट रक्तदान
कानपुर। श्री प्रेम प्रकाश आश्रम कौशलपुरी में शनिवार को आयोजित शिविर में 50 यूनिट रक्तदान हुआ। संत भोला राम के मार्ग दर्शन में लगे कैंप में कई लोगों ने रक्तदान का संकल्प लिया।
इस दौरान महेश मेघानी, वासुदेव आस्वानी, नरेश टेकवानी, मनोहर लाल, मनोज टेकचंदानी, मुरधीधर, किशोर बनवारी आदि की विशेष भूमिका रही। वहीं युवा एकता सिंधी समाज के तत्वावधान में 14 फरवरी को श्री झूलेलाल मंदिर पी रोड रामबाग में रक्तदान शिविर लगेगा। कैंप में शुगर, ब्लड ग्रुप व ब्लड प्रेशर की जांच निशुल्क होगी।
पर्चा बनाने वाले पर फोड़ा ठीकरा
कानपुर। केपीएम अस्पताल बिरहाना रोड में शुक्रवार को सुबह 11ः30 बजे ओपीडी बंद करने का ठीकरा पर्चा बनाने वाले पर फोड़ा गया है। सीएमएस ने पर्चा बनाने वाले को नोटिस जारी कर स्पष्टीकरण मांगा है।
सीएमएस डॉ. ओंकारनाथ ने कहा कि पर्चा बनाने वाले कर्मचारी का एक दिन का वेतन काटा जाएगा। शुक्रवार को केपीएम में हॉफ ओपीडी चली थी। बताया गया कि पर्चा बनाने वाला कर्मचारी श्रीराम काम से चला गया। उसने अवधेश से पर्चा बनाने को कहा लेकिन वह भी नहीं आया।
नेत्र शिविर में पांच सौ मरीजों की जांच
कानपुर साउथ। बिधनू के रमईपुर स्थित दयानंद दीनानाथ कॉलेज में जवाहरलाल रोहतगी नेत्र चिकित्सालय एवं श्रीमती ललिता देवी दीनानाथ सचान चैरिटेबल एजूकेशन ट्रस्ट के सहयोग से नि:शुल्क नेत्र परीक्षण शिविर लगाया गया।
इसमें पांच सौ मरीजों की आंखों की जांच की गई। इसके अलावा दवाएं और चश्मे भी बांटे गए। शिविर का शुभारंभ कॉलेज चेयरमैन योगेश सचान ने किया। इस मौके पर सौरभ सचान, अर्चना सचान, अनुपम सचान, अनीता गोयल, अनुराग आदि मौजूद रहे।