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चुनावी दंगल: यूपी में राजनीतिक पार्टियों का ब्राह्मण मोह, जीत-हार का तय करेंगे समीकरण

Thu, 28 Mar 2019 01:22 PM IST
प्रभापुंज मिश्रा यूपी डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
यूपी डेस्क, अमर उजाला, कानपुर Published by: प्रभापुंज मिश्रा Updated Thu, 28 Mar 2019 01:22 PM IST
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equation up in of lok sabha elections 2019
पीएम मोदी, राहुल गांधी, अखिलेश यादव, मायावती (फाइल फाेटो)
कानपुर देहात की अकबरपुर लोकसभा सीट पर सभी पार्टियों के प्रत्याशियों की घोषणा के बाद अब जीत और हार का समीकरण बैठाने में राजनीतिक पार्टियां और प्रत्याशी जुट गए हैं। अकबरपुर लोकसभा सीट पर पिछड़ी जाति से जुड़े तीन प्रत्याशी मैदान में हैं।
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जिसमें कांग्रेस और शिवपाल यादव की प्रगतिशील समाजवादी पार्टी से यादव बिरादरी और सपा-बसपा गठबंधन से सचान यानि कुर्मी बिरादरी का प्रत्याशी उतारा गया है। इससे अलग भाजपा ने सामान्य जाति से ठाकुर बिरादरी पर फिर से दांव लगाया है। एक बिरादरी जो मतदाताओं की संख्या के हिसाब से सबसे अधिक है, वह है ब्राह्मण।
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एक प्रत्याशी ने बिगाड़ दिए समीकरण

ब्राह्मण बिरादरी से किसी भी पार्टी ने प्रत्याशी नहीं उतारा है। ऐसे में यह तय हो गया है कि ब्राह्मण मतदाता ही यहां पर जीत हार का समीकरण तय करेंगे। अकबरपुर लोकसभा क्षेत्र में कुल मतदाता 17 लाख 64 हजार 397 हैं। जिसमें सामान्य मतदाताओं की संख्या करीब 5 लाख 21 हजार से अधिक है।

इसमें ब्राह्मणों की संख्या सवा तीन लाख से अधिक है। यह संख्या सभी जातियों के मतदाताओं में सबसे ज्यादा है। बसपा पिछले कुछ वर्षों में ब्राह्मणों को साथ लेकर अपनी राजनीति में नया मोड़ लेकर आई थी, 2014 के लोकसभा चुनाव में इसी सीट पर ब्राह्मण प्रत्याशी भी उतारा था। लेकिन अब तालमेल गड़बड़ा गया है।

अकबरपुर लोकसभा सीट पर जातियों के वोट का समीकरण अनुमानित

इसी तरह भाजपा को ब्राह्मणों का समर्थन हमेशा से मिलता रहा है। ब्राह्मण और ठाकुर के बीच तनातनी भी रहती है। पिछड़ों और ब्राह्मणों के बीच भी तालमेल ठीक नहीं रहा है। ऐसे में ब्राह्मण मतदाताओं का वोट हासिल करने के लिए सभी पार्टियों के प्रत्याशियों को इस बार काफी मशक्कत करनी पड़ सकती है। कहा जा रहा है कि यदि किसी एक प्रत्याशी के पक्ष में 50 प्रतिशत ब्राह्मण वोट भी गिरता है तब भी उसे अच्छी खासी बढ़त हासिल हो सकती है।

ब्राह्मण....3,15,800
क्षत्रिय....1, 55, 700
वैश्य.......49, 883

ये हैं प्रत्याशी...
भाजपा....देवेंद्र सिंह भोले
कांग्रेस....राजाराम पाल
सपा-बसपा.....निशा सचान
प्रसपा....महेेंद्र सिंह यादव
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कुछ ऐसा है जातियों का समीकरण

पिछड़ी जातियों के कुल वोटर....6,81,050
यादव....1,38,125
कुशवाहा, मौर्य, शाक्य, सैनी...1,25,472
कुर्मी, पटेल, सचान, कटियार....62,982
लोधी राजपूत.....48,355
पाल, गड़रिया, बघेल, धनगर...1,10,590
निषाद, बाथम, मांझी, कश्यप....75,181
प्रजापति........24,999
नोनिया, चौहान.....20,218
लोहार, बढ़ई, विश्वकर्मा...33,818
अन्य ....40,000

अनुसूचित जाति के कुल वोटर.....4,46, 170
जाटव, संखवार, दोहरे, अहिरवार....1,55,926
कोरी, वर्मा, अनुरागी.....70,968
धोबी, दिवाकर....36,659
धानुक, कठेरिया, बरार....38,879
बाल्मीकि......43,042
खटिक, सोनकर....32,336
पासी, पासवान, सरोज....62316
अन्य....6044

मुस्लिम मतदाताओं की संख्या
1,15,794 
 
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