Orai: बिजली विभाग में निजीकरण का विरोध, कर्मचारियों ने किया प्रदर्शन, बोले- काम के साथ आंदोलन जारी रहेगा
Orai News: कर्मचारियों ने स्पष्ट किया कि जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं होतीं, तब तक विरोध प्रदर्शन और कार्य के साथ-साथ आंदोलन जारी रहेगा। उन्होंने कहा कि जैसे ही संगठन के निर्देशक निर्देश देंगे, उसी अनुसार आंदोलन की दिशा तय की जाएगी।
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उरई में बिजली विभाग के कार्यालय प्रथम में निजीकरण के विरोध में कर्मचारियों ने लंच के समय विरोध सभा आयोजित की। कर्मचारियों ने निजीकरण के दुष्प्रभावों को उजागर करते हुए बताया कि इसका नुकसान केवल विभाग के कर्मचारियों तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि किसान, आम जनता और उपभोक्ता सभी प्रभावित होंगे।
प्रदर्शन के दौरान वक्ताओं ने कहा कि फिलहाल किसानों को मुफ्त बिजली की सुविधा मिल रही है, जो निजीकरण के बाद समाप्त हो सकती है। अभी बिजली का मूल्य रुपये 6 प्रति यूनिट है, लेकिन निजीकरण के बाद यह दर बढ़कर रुपये 10 से 15 प्रति यूनिट तक पहुंच सकती है। इससे आम जनता को गंभीर परेशानियों का सामना करना पड़ेगा।
कार्य के साथ-साथ आंदोलन जारी रहेगा
वहीं, गरीब उपभोक्ता मुफ्त कनेक्शन का लाभ उठा रहे हैं, उनके लिए महंगी बिजली चलाना संभव नहीं होगा। कर्मचारियों ने यह भी स्पष्ट किया कि जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं होतीं, तब तक विरोध प्रदर्शन और कार्य के साथ-साथ आंदोलन जारी रहेगा। उन्होंने कहा कि जैसे ही संगठन के निर्देशक निर्देश देंगे, उसी अनुसार आंदोलन की दिशा तय की जाएगी।
प्रदर्शन में शामिल प्रमुख लोग
विरोध प्रदर्शन में मोहम्मद सफीक, देवेंद्र सिंह, मयंक बाजपेयी, रवि यादव, राहुल साहू, महिप परिहार, गौरव पटेल, शिवम झा, योगेश साहू, खगेश कुशवाहा और अरविंद्र असाठिया ने अपनी सक्रिय भागीदारी दर्ज कराई। कर्मचारियों ने कहा कि निजीकरण के खिलाफ यह आंदोलन जनता और उनके हितों को बचाने के लिए जारी रहेगा।