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पुलिस व पैरामिलिट्री के आधुनिकीकरण पर जोर
अमर उजाला कानपुर
Updated Sat, 05 Sep 2015 01:48 AM IST
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केंद्रीय गृह राज्यमंत्री किरण रिजिजू ने कहा कि सरकार पुलिस, पैरामिलिट्री फोर्स के आधुनिकीकरण पर तेजी से काम कर रही है। विशेषकर उनके सुरक्षा उपकरणों पर ज्यादा ध्यान है।
इसके लिए शहर स्थित डिफेंस मैटीरियल एंड स्टोर्स रिसर्च डेवलपमेंट इस्टैब्लिशमेंट (डीएमएसआरडीई) और डिफेंस रिसर्च डेवलपमेंट आर्गनाइजेशन (डीआरडीओ) की मदद ली जाएगी। राज्यों सहित देश की सुरक्षा के लिए गृह मंत्रालय और रक्षा मंत्रालय मिलकर काम करेंगे।
सिक्योरिटी फोर्सों को वर्तमान सामरिक परिस्थितियों के अलावा भविष्य की सामरिक जरूरतों के अनुसार तैयार करने की दिशा में काम शुरू है। शुक्रवार को शहर आए गृह राज्यमंत्री ने डीएमएसआरडीई में सिक्योरिटी फोर्सों की रक्षा जरूरतों पर बैठक करने के बाद पत्रकारों से बातचीत में यह जानकारी दी।
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उन्होंने बताया कि डीएमएसआरडीई व डीआरडीओ पुराने और प्रतिष्ठित संस्थान हैं। इनके विशेषज्ञों के साथ सिक्योरिटी फोर्स की वर्तमान दिक्कतों, उनके चैलेंजों पर विस्तार से चर्चा की गई। नक्सल प्रभावित पूर्वोत्तर राज्यों, सीमावर्ती इलाकों की सुरक्षा में इन दोनों संस्थानों की भूमिका और सहयोग पर भी चर्चा की गई।
गृह राज्यमंत्री ने कहा कि रक्षा क्षेत्र में प्राइवेट कंपनियों की भूमिका पर भी बात हुई, जिसमें अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सुरक्षा उपकरण बनाने वाली कंपनियों को इसमें भागीदार बनाया जा सकता है। हालांकि सरकार मेक इन इंडिया के तहत इनकी भूमिका बेहद सीमित रख सक ती है।
गृह राज्यमंत्री बनने के बाद पहली बार शहर आए किरण रिजिजू ने कहा कि कानपुर के उद्योगों चर्चा पूरे देश में होती हैं। हालांकि पिछले कुछ वर्षों की तुलना में यहां की गतिविधियों में कमी देखी जा रही है। शहर में छोटे और मध्यम उद्योग हैं। इनको मेक इन इंडिया के तहत रक्षा क्षेत्र में भी लाने के प्रयास हो रहे हैं। इससे यूपी में उद्योगों को बढ़ावा मिलेगा।
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इसके लिए शहर स्थित डिफेंस मैटीरियल एंड स्टोर्स रिसर्च डेवलपमेंट इस्टैब्लिशमेंट (डीएमएसआरडीई) और डिफेंस रिसर्च डेवलपमेंट आर्गनाइजेशन (डीआरडीओ) की मदद ली जाएगी। राज्यों सहित देश की सुरक्षा के लिए गृह मंत्रालय और रक्षा मंत्रालय मिलकर काम करेंगे।
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सिक्योरिटी फोर्सों को वर्तमान सामरिक परिस्थितियों के अलावा भविष्य की सामरिक जरूरतों के अनुसार तैयार करने की दिशा में काम शुरू है। शुक्रवार को शहर आए गृह राज्यमंत्री ने डीएमएसआरडीई में सिक्योरिटी फोर्सों की रक्षा जरूरतों पर बैठक करने के बाद पत्रकारों से बातचीत में यह जानकारी दी।
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उन्होंने बताया कि डीएमएसआरडीई व डीआरडीओ पुराने और प्रतिष्ठित संस्थान हैं। इनके विशेषज्ञों के साथ सिक्योरिटी फोर्स की वर्तमान दिक्कतों, उनके चैलेंजों पर विस्तार से चर्चा की गई। नक्सल प्रभावित पूर्वोत्तर राज्यों, सीमावर्ती इलाकों की सुरक्षा में इन दोनों संस्थानों की भूमिका और सहयोग पर भी चर्चा की गई।
गृह राज्यमंत्री ने कहा कि रक्षा क्षेत्र में प्राइवेट कंपनियों की भूमिका पर भी बात हुई, जिसमें अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सुरक्षा उपकरण बनाने वाली कंपनियों को इसमें भागीदार बनाया जा सकता है। हालांकि सरकार मेक इन इंडिया के तहत इनकी भूमिका बेहद सीमित रख सक ती है।
गृह राज्यमंत्री बनने के बाद पहली बार शहर आए किरण रिजिजू ने कहा कि कानपुर के उद्योगों चर्चा पूरे देश में होती हैं। हालांकि पिछले कुछ वर्षों की तुलना में यहां की गतिविधियों में कमी देखी जा रही है। शहर में छोटे और मध्यम उद्योग हैं। इनको मेक इन इंडिया के तहत रक्षा क्षेत्र में भी लाने के प्रयास हो रहे हैं। इससे यूपी में उद्योगों को बढ़ावा मिलेगा।