{"_id":"a2370d9c05ee30bfab7996149b44b74a","slug":"emi-bounce-so-give-fine-hindi-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"ईएमआई बाउंस तो झेलो फाइन","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
ईएमआई बाउंस तो झेलो फाइन
ब्यूरो, अमर उजाला कानपुर
Updated Fri, 13 Mar 2015 02:58 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
अगर आप स्टेट बैंक के ग्राहक हैं और आपने लोन लिया हुआ है और किस्त में देरी हो गई है तो आपके खाते से पेनाल्टी कटना तय है। इसी माह से एसबीआई में लागू हुई खास पेनाल्टी प्रोसीजर के तहत ऐसे मामलों में 562 रुपये फाइन भी कटने लगा है।
मुंबई स्थित सेंट्रल ऑफिस से पहली बार शुरू हुई इस पेनाल्टी से हजारों लोगों के खाते से यह रकम कट गई। अचानक रकम कटने से परेशान उपभोक्ता वजह जानने बैंक पहुंचे।
इस वित्तीय वर्ष में स्टेट बैंक के नॉन परफॉर्मिंग एसेट्स (एनपीए) में भारी बढ़ोतरी हुई है। यह स्थिति अकेले कानपुर नहीं पूरे देश में एसबीआई के सभी मॉड्यूल में है।
विज्ञापन
कानपुर में कार लोन डिफॉल्ट के मामले बेतहाशा बढ़े हैं। इसे लेकर बैंक ने एक ओर तो लोन देने की पॉलिसी बदली है, वहीं दूसरी ओर किस्त समय से नहीं अदा करने वालों पर पेनाल्टी की कार्रवाई शुरू कर दी है।
इसके तहत इस माह की शुरुआत में ही सभी लोन खाताधारकों को एसएमएस भेजकर यह बता दिया गया था कि अपनी किस्त का भुगतान निर्धारित तारीख के पूर्व कर दें, यदि ऐसा नहीं होता है तो 562 रुपये की पेनाल्टी लगाई जाएगी। तमाम लोगों ने इसे बेहद संजीदगी से लेते हुए किस्त समय से अदा कर दी।
वहीं बड़ी तादाद में ऐसे भी लोग थे, जिन्होंने इस चेतावनी पर ध्यान नहीं दिया। नतीजा यह हुआ कि मार्च के पहले हफ्ते में ही कई हजार लोनधारकों के खाते से 562 रुपये की कटौती हो गई।
सूत्रों के मुताबिक मुंबई स्थित मुख्यालय के सर्वर में ऐसी प्रोग्रामिंग कर दी गई है कि किस्त का समय पूरा होने के अगले दिन पेनाल्टी काट ली जाएगी। उधर बैंकों में कटौती की शिकायत लेकर पहुंच रहे ग्राहकों को बैंक कर्मी हेडऑफिस का सर्कुलर दिखाकर समझा रहे हैं।
डीजीएम (एसबीआई) महेश गोयल ने बताया कि मुख्यालय से यह कंप्यूटराइज्ड सिस्टम शुरू हुआ है, जिसमें समय से किस्त न अदा किए जाने पर पेनाल्टी का प्रावधान किया गया है। लोन खाताधारक समय से अपनी किस्त जमा करके इससे बच सकते हैं।
विज्ञापन
मुंबई स्थित सेंट्रल ऑफिस से पहली बार शुरू हुई इस पेनाल्टी से हजारों लोगों के खाते से यह रकम कट गई। अचानक रकम कटने से परेशान उपभोक्ता वजह जानने बैंक पहुंचे।
विज्ञापन
इस वित्तीय वर्ष में स्टेट बैंक के नॉन परफॉर्मिंग एसेट्स (एनपीए) में भारी बढ़ोतरी हुई है। यह स्थिति अकेले कानपुर नहीं पूरे देश में एसबीआई के सभी मॉड्यूल में है।
विज्ञापन
कानपुर में कार लोन डिफॉल्ट के मामले बेतहाशा बढ़े हैं। इसे लेकर बैंक ने एक ओर तो लोन देने की पॉलिसी बदली है, वहीं दूसरी ओर किस्त समय से नहीं अदा करने वालों पर पेनाल्टी की कार्रवाई शुरू कर दी है।
इसके तहत इस माह की शुरुआत में ही सभी लोन खाताधारकों को एसएमएस भेजकर यह बता दिया गया था कि अपनी किस्त का भुगतान निर्धारित तारीख के पूर्व कर दें, यदि ऐसा नहीं होता है तो 562 रुपये की पेनाल्टी लगाई जाएगी। तमाम लोगों ने इसे बेहद संजीदगी से लेते हुए किस्त समय से अदा कर दी।
वहीं बड़ी तादाद में ऐसे भी लोग थे, जिन्होंने इस चेतावनी पर ध्यान नहीं दिया। नतीजा यह हुआ कि मार्च के पहले हफ्ते में ही कई हजार लोनधारकों के खाते से 562 रुपये की कटौती हो गई।
सूत्रों के मुताबिक मुंबई स्थित मुख्यालय के सर्वर में ऐसी प्रोग्रामिंग कर दी गई है कि किस्त का समय पूरा होने के अगले दिन पेनाल्टी काट ली जाएगी। उधर बैंकों में कटौती की शिकायत लेकर पहुंच रहे ग्राहकों को बैंक कर्मी हेडऑफिस का सर्कुलर दिखाकर समझा रहे हैं।
डीजीएम (एसबीआई) महेश गोयल ने बताया कि मुख्यालय से यह कंप्यूटराइज्ड सिस्टम शुरू हुआ है, जिसमें समय से किस्त न अदा किए जाने पर पेनाल्टी का प्रावधान किया गया है। लोन खाताधारक समय से अपनी किस्त जमा करके इससे बच सकते हैं।