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जीवन रक्षक प्रणाली का तौर-तरीका जानना बेहद जरूरी, ताकि घायल अस्पताल पहुंचने से पहले दम न तोड़े
Mon, 24 Dec 2018 12:29 PM IST
शिखा पांडेय
यूपी डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
यूपी डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
Published by: शिखा पांडेय
Updated Mon, 24 Dec 2018 12:29 PM IST
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कोई हादसा होने पर आम लोग भी जीवन रक्षक प्रणाली के संबंध में इतनी जानकारी तो रखें कि घायल अस्पताल पहुंचने के पहले दम न तोड़ें। इस प्रोजेक्ट के लिए मेडिकल कालेज को शासन ने दो करोड़ रुपये आवंटित कर दिए हैं।
जीवन रक्षक प्रणाली का तौर-तरीका कैसा हो? इसके लिए अमेरिकी इमरजेंसी अवधारण से मदद ली जाएगी। मेडिकल कालेज की प्राचार्य डॉ. आरती लालचंदानी ने बताया कि हैलट में इमरजेंसी व्यवस्था चाक-चौबंद करने के लिए अमेरिका के पुलिस ईएमएस एकेडमी, न्यूयॉर्क के निदेशक डॉ. कृष्ण कुमार से सहयोग लिया जाएगा।
प्राचार्य ने बताया कि इस संबंध में उन्होंने डॉ. कृष्ण कुमार से बात की है। उन्होंने इमरजेंसी की नवीनतम उच्चीकृत सिस्टम की अवधारणा देने का वादा किया है। डॉ. कुमार मेडिकल कालेज के पढ़े-लिखे हैं और स्वरूपनगर के रहने वाले हैं। इससे उनकी शहर और प्रदेश की इमरजेंसी व्यवस्था सुधारने में दिलचस्पी है। प्राचार्य डॉ. लालचंदानी ने बताया कि डॉ. कृष्ण कुमार 15 नवंबर को कालेज आए थे।
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जीवन रक्षक प्रणाली का तौर-तरीका कैसा हो? इसके लिए अमेरिकी इमरजेंसी अवधारण से मदद ली जाएगी। मेडिकल कालेज की प्राचार्य डॉ. आरती लालचंदानी ने बताया कि हैलट में इमरजेंसी व्यवस्था चाक-चौबंद करने के लिए अमेरिका के पुलिस ईएमएस एकेडमी, न्यूयॉर्क के निदेशक डॉ. कृष्ण कुमार से सहयोग लिया जाएगा।
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प्राचार्य ने बताया कि इस संबंध में उन्होंने डॉ. कृष्ण कुमार से बात की है। उन्होंने इमरजेंसी की नवीनतम उच्चीकृत सिस्टम की अवधारणा देने का वादा किया है। डॉ. कुमार मेडिकल कालेज के पढ़े-लिखे हैं और स्वरूपनगर के रहने वाले हैं। इससे उनकी शहर और प्रदेश की इमरजेंसी व्यवस्था सुधारने में दिलचस्पी है। प्राचार्य डॉ. लालचंदानी ने बताया कि डॉ. कृष्ण कुमार 15 नवंबर को कालेज आए थे।
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इमरजेंसी व्यवस्था सुदृढ़ किए जाने के संबंध में उनसे बात हुई। बाद में भी उनसे संपर्क किया गया। इस संबंध में शुरुआत हो गई है। इमरजेंसी लाइफ स्किल्ड ट्रेनिंग शुरू करेगा। इसके लिए दो करोड़ रुपये मिल गए हैं।
आईडीएच के पास सेंटर का भवन भी बनाया जा रहा है। अनेस्थेसिया विभाग कार्डियोपल्मोनरी रिसससिटेशन (सीपीआर) की व्यवस्था संभालेगा। इस संबंध में डॉ. कृष्ण कुमार ने प्रदेश सरकार और केंद्र सरकार को भी मशविरा दिया था।
आईडीएच के पास सेंटर का भवन भी बनाया जा रहा है। अनेस्थेसिया विभाग कार्डियोपल्मोनरी रिसससिटेशन (सीपीआर) की व्यवस्था संभालेगा। इस संबंध में डॉ. कृष्ण कुमार ने प्रदेश सरकार और केंद्र सरकार को भी मशविरा दिया था।