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आठ साल में चालू नहीं हो सकी इमरजेंसी, भवन हो रहा खंडहर

Tue, 01 Jun 2021 12:48 AM IST
Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Tue, 01 Jun 2021 12:48 AM IST
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Emergency could not start in eight years in chc
फोटो संख्या 31-एकेबीपी-16 सलेमपुर सीएचसी परिसर में खड़ी झाडिय़ां
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फोटो संख्या 31-एकेबीपी-17 बदहाल सीएचसी भवन
फोटो संख्या 31-एकेबीपी-18 सलेमपुर सीएचसी की इमरजेंसी कक्ष का बदहाल वासवेसन व टूटी टोटी
फोटो संख्या 31-एकेबीपी-19 सीएचसी के कक्ष में रखी लकडिय़ां
आठ साल में भी नहीं चली इमरजेंसी, भवन हो रहा खंडहर
संसाधनों के अभाव में सलेमपुर सीएचसी बदहाल, करोड़ खर्च होने पर भी लोगों को नहीं मिल रहा बेहतर उपचार
संवाद न्यूज एजेंसी
कानपुर देहात/राजपुर। बीहड़ पट्टी के लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधा मिले इसके लिए करीब आठ साल पहले 2013 में ढाई करोड़ से सलेमपुर सीएचसी बनाई गई। इसमें अभी तक इमरजेंसी सेवा नहीं शुरू हो सकी है। ओपीडी के नाम पर महज औपचारिकता की जा रही है। भवन खंडहर में तब्दील होता जा रहा है। ग्रामीणों की समस्या पहले जैसी बनी हुई है। विभाग की ओर से कोई ठोस प्रयास भी नहीं किए गए है।
साल 2013 में जब राजपुर के बैना सलेमपुर गांव में सीएचसी भवन बनकर तैयार हुआ तो आसपास गांव के लोगों में बेहतर उपचार की आस जगी। समय के साथ उनकी यह आस भी टूटती गई। विभागीय उदासीनता के चलते सीएचसी में आज तक इमरजेंसी सुविधा नहीं शुरू हो सकी है। इससे बीहड़ पट्टी के लोगों की समस्या बरकरार है। बीहड़ पट्टी के लोगों को रात में बीमार होने पर आज भी लंबी दूरी तय करनी पड़ती है। सलेमपुर सीएचसी वहां के लोगों के लिए सफेद हाथी साबित हो रही है। कई बार ग्रामीणों ने जनप्रतिनिधि से लेकर जिला प्रशासन तक से सीएचसी में बेहतर सुविधा उपलब्ध कराने की मांग की, लेकिन आज तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया। वहीं दिन में होने वाली ओपीडी में स्वास्थ्य कर्मियों की ओर से औपचारिकता निभाई जा रही है।
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खंडहर हो रहा भवन, जानवरों का बना आशियाना
राजपुर। सलेमपुर सीएचसी में आठ बड़े कमरों के अलावा पानी की टंकी है। ओपीडी कक्ष के अलावा प्रसव कक्ष भी है, लेकिन आज तक वहां एक भी प्रसव नहीं हुआ है। स्वास्थ्य कर्मी के वहां न रुकने से भवन जर्जर हो चुका है। परिसर में बड़ी-बड़ी घास व झाड़ियां खड़ी हो गई हैं। घास होने से परिसर के अंदर जानवरों का आना जाना लगा रहता है। कमरों के टाइल्स उखड़ चुके हैं। खिड़कियों के शीशे टूट चुके हैं।
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अस्पताल में एक डॉक्टर सहित तीन की तैनाती
राजपुर। सलेमपुर सीएचसी में चिकित्सा प्रभारी डॉ. शीतल वर्मा, डॉ. स्वाती वर्मा, स्टाफ नर्स शशि देवी, फार्मासिस्ट शंकर सिंह व वार्ड ब्वॉय गोविंद सिंह, कपिल सचान की तैनाती है। इनमें से डॉ. स्वाती वर्मा, स्टाफ नर्स शशि के अलावा वार्ड ब्वॉय कपिल सचान की ड्यूटी राजपुर पीएचसी में कोविड में लगा दी गई है। ऐसे में सीएचसी भगवान भरोसे चल रही है।
दिन हो या रात डॉक्टर रहते लापता
राजपुर। गांव की पूर्व प्रधान शिम्पी देवी, समाजसेवी रजनीश सिंह, रामगोविंद, केशव सिंह ने बताया कि दिन हो या रात सीएचसी में कभी डॉक्टर नहीं आते हैं। तैनात डॉक्टर ने आज तक किसी मरीज को नहीं देखा है। अस्पताल में तैनात आयुष फार्मासिस्ट शंकर सिंह व वार्ड ब्वॉय गोविंद के सहारे ही अस्पताल खुलता है। डॉक्टर के न आने से ग्रामीण क्षेत्र के लोग या तो लंबी दूरी तय करते हैं। या फिर झोलाछाप से उपचार कराने को मजबूर हो जाता है।
बयान
राजपुर की सलेमपुर सीएचसी की कई बार शिकायत मिल चुकी है। सीएमओ को इमरजेंसी सेवा व डॉक्टरों के रुकने की व्यवस्था करने के लिए पत्र लिखा गया है। - रमेश चंद्र यादव, एसडीएम सिकंदरा

सीएचसी सलेमपुर में इमरजेंसी सेवा की सुविधा नहीं है। अस्पताल में ओपीडी चालू है। राजपुर ब्लॉक पीएचसी पर इमरजेंसी सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है। - डॉ. एपी वर्मा, डिप्टी सीमओ
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