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Kanpur News: पुराने कर्मों को खत्म करके नए और अच्छे कर्म करें

Tue, 25 Feb 2025 01:45 AM IST
Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Tue, 25 Feb 2025 01:45 AM IST
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Eliminate old deeds and do new and good deeds
कानपुर। भगवान भी विकास के साथ-साथ पुरानी चीजों को नष्ट करते जाते हैं। हमें भी अपने पुराने कर्मों को खत्म करके नए और अच्छे कर्म करने चाहिए, जिससे समाज में कुछ सकारात्मक परिवर्तन ला सके। यह बातें छत्रपति शाहूजी महाराज विवि में स्कूल ऑफ आर्ट्स ह्यूमैनिटीज एंड सोशल साइंसेज में सोमवार को भगवत गीता पर आयोजित राष्ट्रीय संगोष्ठी में मुख्य अतिथि आईआईएम बंगलूरू के प्रो. बी महादेवन ने कहीं।
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इस आयोजन में देश भर से स्कॉलर्स ने ऑनलाइन एवं ऑफलाइन प्रतिभाग किया। कार्यक्रम में आईआईएम लखनऊ से आए डॉक्टर कीर्ति वर्धन गुप्ता ने गीता के विश्व भर में प्रचार प्रसार के लिए मार्केटिंग मॉडल पर चर्चा की। उन्होंने बताया कि गीता अब वैश्विक संस्थानों में अध्ययन-अध्यापन के लिए प्रमुख विषय है। विशिष्ट अतिथि आयुर्वेदाचार्य डॉ. वंदना पाठक ने कहा कि कठिन समय में भगवत गीता का पाठ मन को शांति प्रदान करता है। यह मानसिक कष्ट को कम करता है। हमें भगवत गीता सिर्फ पढ़ना ही नहीं बल्कि उसको अपने जीवन में उतारना भी चाहिए।
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प्रतिकुलपति प्रो. सुधीर कुमार अवस्थी ने बताया कि गीता के दो अर्थ होते हैं एक मृत्यु और एक समय। यही जीवन में दोनों आगे जाकर एक साथ जुड़ जाते हैं। यूके से ऑनलाइन माध्यम से जुड़े डॉ. आनंद कुलकर्णी ने जीवन में भगवत गीता के महत्व को बताया। कार्यक्रम के संयोजक डॉ. प्रशांत ने धन्यवाद ज्ञापित दिया। शोध पीठ के संरक्षक डॉ. उमेश पालीवाल ने सभी अतिथियों का स्वागत किया। मौके पर डायरेक्टर सीडीसी प्रो. राजेश कुमार द्विवेदी, प्रो. संदीप सिंह, डॉ. किरण झा, बलराम नरुला, अवनीश अवस्थी शामिल रहे।
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