{"_id":"6083080e8ebc3e592e0eb7ac","slug":"election-school-bsa-voter-dm-kanpur-news-knp625049399","type":"story","status":"publish","title_hn":"743 परिषदीय स्कूलों में नहीं विद्युत संयोजन","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
743 परिषदीय स्कूलों में नहीं विद्युत संयोजन
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
बांदा। त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव की तैयारियां जोरों पर है। मतगणना केंद्रों को सभी तरह की सुविधाओं से लैस किया जा रहा है। जनपद के 743 परिषदीय विद्यालयों में विद्युत संयोजन नहीं हो सका है। ऐसे में बिना विद्युत के मतदान कार्मिकों को भीषण गर्मी में दिक्कतों का सामना करना पड़ सकता है।
मतदाताओं को भी दिक्कत उठानी पड़ सकती है। जनपद के कुल 1729 परिषदीय विद्यालयों में 986 में विद्युत संयोजन किया गया है। इन विद्यालयों में यह सुविधा ऑपरेशन कायाकल्प के जरिए कंपोजिट ग्रांट से की गई है। 1592 विद्यालय कक्षों में वायरिंग और विद्युत उपकरण का काम पूरा किया गया है। मंडलायुक्त दिनेश कुमार सिंह ने स्कूलों में इस प्रगति को नाकाफी बताया था। परिषदीय विद्यालयों में ज्यादातर को मतदान केंद्र बनाया गया है। इनमें बिना विद्युत संयोजन वाले स्कूल भी केंद्र बन गए हैं। विद्युत संयोजन न होने से मतदान कार्मिकों और मतदाताओं को मतदान के दिन दिक्कत का सामना करना पड़ सकता है।
इंसेट--
986 स्कूलों में विद्युत संयोजन की सुविधा है। शेष में ऑपरेशन कायाकल्प से कंपोजिट ग्रांट से कार्य कराया जा रहा है। जो विद्यालय मतदान केंद्र बनाए गए हैं, अगर उनमें विद्युत संयोजन नहीं है, तो वहां प्राथमिकता पर विद्युत संयोजन कराया जाएगा।
विज्ञापन
-हरिश्चंद्र नाथ, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी।
विज्ञापन
मतदाताओं को भी दिक्कत उठानी पड़ सकती है। जनपद के कुल 1729 परिषदीय विद्यालयों में 986 में विद्युत संयोजन किया गया है। इन विद्यालयों में यह सुविधा ऑपरेशन कायाकल्प के जरिए कंपोजिट ग्रांट से की गई है। 1592 विद्यालय कक्षों में वायरिंग और विद्युत उपकरण का काम पूरा किया गया है। मंडलायुक्त दिनेश कुमार सिंह ने स्कूलों में इस प्रगति को नाकाफी बताया था। परिषदीय विद्यालयों में ज्यादातर को मतदान केंद्र बनाया गया है। इनमें बिना विद्युत संयोजन वाले स्कूल भी केंद्र बन गए हैं। विद्युत संयोजन न होने से मतदान कार्मिकों और मतदाताओं को मतदान के दिन दिक्कत का सामना करना पड़ सकता है।
विज्ञापन
इंसेट--
986 स्कूलों में विद्युत संयोजन की सुविधा है। शेष में ऑपरेशन कायाकल्प से कंपोजिट ग्रांट से कार्य कराया जा रहा है। जो विद्यालय मतदान केंद्र बनाए गए हैं, अगर उनमें विद्युत संयोजन नहीं है, तो वहां प्राथमिकता पर विद्युत संयोजन कराया जाएगा।
विज्ञापन
-हरिश्चंद्र नाथ, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी।