{"_id":"5d8f86738ebc3e93c202bbe4","slug":"eight-places-in-this-city-of-up-are-not-drinkable","type":"story","status":"publish","title_hn":"यूपी के इस शहर में आठ जगहों का पानी पीने लायक नहीं, एनजीटी की जांच में हुआ ये खुलासा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
यूपी के इस शहर में आठ जगहों का पानी पीने लायक नहीं, एनजीटी की जांच में हुआ ये खुलासा
Sun, 29 Sep 2019 09:56 AM IST
प्रभापुंज मिश्रा
यूपी डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
यूपी डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
Published by: प्रभापुंज मिश्रा
Updated Sun, 29 Sep 2019 09:56 AM IST
विज्ञापन
कानपुर
- फोटो : अमर उजाला
कानपुर में आठ स्थानों का पानी पीने लायक नहीं है। नेशनल ग्रीन ट्रिब्युनल (एनजीटी) की जांच में यहां के ग्राउंड वाटर में क्रोमियम की मात्रा अधिक पाई गई है। एनजीटी ने जल निगम और प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड को ग्राउंड वाटर की नए सिरे से जांच कराने के निर्देश दिए हैं।
एनजीटी सलाहकार समिति के चेयरमैन एके टंडन की टीम ने एक सप्ताह पहले दौरा कर अलग-अलग जगहों से ग्राउंड वाटर का सैंपल लिया था। जांच में जूही में राखी मंडी, बम्बूरहिया, दादानगर में नौरैयाखेड़ा, जाजमऊ में वाजिदपुर, उसके आगे के गांव शेखपुर, मदार, जाना और कानपुर देहात के चांदपुर के पानी में क्रोमियम ज्यादा पाया गया।
बताया जा रहा कि जहां-जहां पानी की स्थिति खराब पाई गई है, वहां काफी समय पहले फैक्ट्रियां थीं। इनसे निकलने वाला हानिकारक पदार्थ जमीन के नीचे डाला गया। इससे पानी में हानिकारक तत्व की मात्रा बढ़ गई। इस पर एनजीटी ने नगर विकास विभाग के प्रमुख सचिव सहित प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड और उप्र पर्यावरण मंत्रालय को निर्देश दिया है कि वे इन क्षेत्रों में स्वच्छ पानी मुहैया कराएं।
विज्ञापन
विज्ञापन
एनजीटी सलाहकार समिति के चेयरमैन एके टंडन की टीम ने एक सप्ताह पहले दौरा कर अलग-अलग जगहों से ग्राउंड वाटर का सैंपल लिया था। जांच में जूही में राखी मंडी, बम्बूरहिया, दादानगर में नौरैयाखेड़ा, जाजमऊ में वाजिदपुर, उसके आगे के गांव शेखपुर, मदार, जाना और कानपुर देहात के चांदपुर के पानी में क्रोमियम ज्यादा पाया गया।
विज्ञापन
बताया जा रहा कि जहां-जहां पानी की स्थिति खराब पाई गई है, वहां काफी समय पहले फैक्ट्रियां थीं। इनसे निकलने वाला हानिकारक पदार्थ जमीन के नीचे डाला गया। इससे पानी में हानिकारक तत्व की मात्रा बढ़ गई। इस पर एनजीटी ने नगर विकास विभाग के प्रमुख सचिव सहित प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड और उप्र पर्यावरण मंत्रालय को निर्देश दिया है कि वे इन क्षेत्रों में स्वच्छ पानी मुहैया कराएं।
विज्ञापन