Vikas Dubey: ईडी करेगी खजांची जय की बेनामी संपत्तियों की जांच, EOW ने सौंपा है ब्योरा, अब ऐसे कसेगी नकेल
Kanpur Crime: विकास दुबे के खजांची जय की बेनामी संपत्तियों की जांच ईडी करेगी। ईओडब्ल्यू ने शुरुआती जांच में मिली संपत्तियों का ब्योरा सहित जांच ईडी को ट्रांसफर की है। अब बेनामी संपत्तियों के मालिकों और धन शोधन के एंगल से जांच होगी।
विस्तार
कानपुर में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) बिकरू कांड के मुख्य आरोपी रहे विकास दुबे के खजांची जय बाजपेई की बेनामी संपत्तियों की भी जांच करेगा। आर्थिक अपराध अनुसंधान शाखा (ईओडब्ल्यू) ने शुरुआती जांच में जय की कई बेनामी संपत्तियों की जानकारी जुटाई थी।
लेकिन बेनामी संपत्तियों की जांच का अधिकार न होने की वजह से मामला ईडी को भेज दिया गया है। बता दें, ईओडब्ल्यू को शुरुआती जांच में कुछ ऐसी संपत्तियां मिली हैं, जो कहने को तो किसी चालक और किसान परिवार के व्यक्ति के पास थीं, लेकिन उनका लिंक कहीं न कहीं जय से जुड़ा था।
अब ईडी उन संपत्तियों की खरीद के लिए जुटाए गए धन का स्रोत पता कर उसके हिसाब से कार्रवाई करेगा। सूत्रों का कहना है कि चूंकि विकास दुबे की काली कमाई के निवेश का जिम्मा जय के पास ही था। ऐसे में जांच एजेंसी अब धन शोधन के बिंदु से जांच करेगी।
जय की संपत्तियों की भी जांच कर रही एजेंसी
वर्तमान में जांच एजेंसी जय बाजपेई की उन संपित्तयों की खरीद का स्रोत जुटा रही है, जो खुद उसके नाम हैं। हाल में इस संबंध में ईडी ने जिला प्रशासन और रजिस्ट्री कार्यालय से पत्राचार भी किया था। इसमें उसकी संपत्तियों का ब्योरा मांगा गया था। जिन संपत्तियों की जानकारी मिल चुकी है, उन्हें खरीदने के लिए जय के पास पैसा कहां से आया, इसका भी पता लगाया जा रहा है।
ऐसे कसेगी नकेल...
- दो जुलाई 2020 को बिकरू कांड के दूसरे दिन चार गाड़ियां लावारिस मिली थीं। गाड़ियां जय बाजपेई के नाम फाइनेंस थीं। तब विकास दुबे को फरारी कटवाने व असलहा, कारतूस मुहैया कराने में जय का नाम सामने आया था।
- पुलिस की जांच में जय बाजपेई विकास दुबे का खजांची निकला था, जो उसकी काली कमाई के निवेश का काम देखता था।
- पुलिस ने जय समेत उसके तीनों भाइयों पर गैंगस्टर लगाया।
- जांच में पता चला कि जय ने रेलवे की संपत्तियों पर कब्जा जमा रखा था।
- तीनों भाइयों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस ने 25-25 हज़ार का इनाम घोषित किया था
- इसके बाद जय की गिरफ्तारी हुई और तब से जेल में है।
- हाल ही में चर्चा में आया जब कोर्ट में विवेचक ने इसके पक्ष में गैगेस्टर में रिपोर्ट लगा दी थी, जिसके बाद जेसीपी ने विवेचक की जांच के आदेश दे दिए।