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दशहरा : 6000 पुलिसकर्मी संभालेंगे सुरक्षा, 18 ड्रोन से होगी निगरानी
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कानपुर। विजयादशमी पर मंगलवार को शहर में होने वाले दशहरा मेलों और रावण दहन के आयोजनों को लेकर कमिश्नरेट पुलिस ने सुरक्षा का व्यापक खाका तैयार किया है। शहरभर में 6000 पुलिसकर्मियों के साथ पीएसी की तीन कंपनियां तैनात रहेंगी। यातायात व्यवस्था संभालने के लिए 700 ट्रैफिक पुलिसकर्मियों की ड्यूटी लगाई गई है। भीड़ के बीच संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखने के लिए 18 ड्रोन उड़ाए जाएंगे जबकि वीडियो रिकॉर्डिंग के लिए 20 टीमें भी सक्रिय रहेंगी।
अपर पुलिस आयुक्त कानून एवं व्यवस्था डॉ. विपिन ताडा ने बताया कि दशहरा आयोजनों को शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने के लिए पर्याप्त पुलिस बल की व्यवस्था की गई है। प्रमुख रामलीला मैदानों और मेला स्थलों पर भीड़ के दबाव को देखते हुए सुरक्षा प्रबंध किए गए हैं। पुलिसकर्मियों को सतर्कता के साथ ड्यूटी करने और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना मिलने पर तत्काल कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए हैं।
शहर में परेड रामलीला मैदान का रावण दहन सबसे बड़ा और ऐतिहासिक आयोजन माना जाता है। इस बार आयोजन के 150वें वर्ष के उपलक्ष्य में यहां रावण के पुतले का दहन बड़ी संख्या में लोगों के पहुंचने की संभावना है। पुलिस की निगरानी में लोगों की आवाजाही और यातायात व्यवस्था संभाली जाएगी। इसी तरह मोतीझील, गोविंदनगर, लाजपतनगर, स्वरूपनगर और पनकी के रतनपुर रामलीला मैदान में भी रावण दहन के आयोजन होंगे। इन सभी स्थानों पर पुलिस बल तैनात रहेगा।
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जमीन से आसमान तक चप्पे-चप्पे पर नजर
भीड़भाड़ वाले इलाके में पुलिस की निगरानी के लिए तकनीक और सादे कपड़ों में तैनात जवानों की मदद ली जाएगी। 18 ड्रोन से प्रमुख आयोजन स्थलों पर नजर रखी जाएगी। वीडियो रिकॉर्डिंग की 20 टीमें गतिविधियों को रिकॉर्ड करेंगी, जबकि सीसीटीवी कैमरों से भी निगरानी होगी। बम निरोधक दस्ते की दो टीमें सुरक्षा जांच में मदद करेंगी। 50 एंटी रोमियो टीमें भीड़भाड़ वाले स्थानों पर महिलाओं और युवतियों की सुरक्षा सुनिश्चित करेंगी।
अपील: संदिग्ध गतिविधि दिखे तो दें सूचना
पुलिस ने शहरवासियों से दशहरा मेले में सतर्कता बरतने और सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने में सहयोग करने की अपील की है। किसी भी संदिग्ध गतिविधि या लावारिस वस्तु के दिखाई देने पर तत्काल पुलिस को सूचना दें। अफवाहों पर ध्यान न दें और बिना पुष्टि के कोई संदेश या वीडियो प्रसारित न करें। मेले में बच्चों को अकेला न छोड़ें, वाहनों को निर्धारित स्थानों पर खड़ा करें और रावण दहन के दौरान सुरक्षित दूरी बनाए रखें।
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अपर पुलिस आयुक्त कानून एवं व्यवस्था डॉ. विपिन ताडा ने बताया कि दशहरा आयोजनों को शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने के लिए पर्याप्त पुलिस बल की व्यवस्था की गई है। प्रमुख रामलीला मैदानों और मेला स्थलों पर भीड़ के दबाव को देखते हुए सुरक्षा प्रबंध किए गए हैं। पुलिसकर्मियों को सतर्कता के साथ ड्यूटी करने और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना मिलने पर तत्काल कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए हैं।
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शहर में परेड रामलीला मैदान का रावण दहन सबसे बड़ा और ऐतिहासिक आयोजन माना जाता है। इस बार आयोजन के 150वें वर्ष के उपलक्ष्य में यहां रावण के पुतले का दहन बड़ी संख्या में लोगों के पहुंचने की संभावना है। पुलिस की निगरानी में लोगों की आवाजाही और यातायात व्यवस्था संभाली जाएगी। इसी तरह मोतीझील, गोविंदनगर, लाजपतनगर, स्वरूपनगर और पनकी के रतनपुर रामलीला मैदान में भी रावण दहन के आयोजन होंगे। इन सभी स्थानों पर पुलिस बल तैनात रहेगा।
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जमीन से आसमान तक चप्पे-चप्पे पर नजर
भीड़भाड़ वाले इलाके में पुलिस की निगरानी के लिए तकनीक और सादे कपड़ों में तैनात जवानों की मदद ली जाएगी। 18 ड्रोन से प्रमुख आयोजन स्थलों पर नजर रखी जाएगी। वीडियो रिकॉर्डिंग की 20 टीमें गतिविधियों को रिकॉर्ड करेंगी, जबकि सीसीटीवी कैमरों से भी निगरानी होगी। बम निरोधक दस्ते की दो टीमें सुरक्षा जांच में मदद करेंगी। 50 एंटी रोमियो टीमें भीड़भाड़ वाले स्थानों पर महिलाओं और युवतियों की सुरक्षा सुनिश्चित करेंगी।
अपील: संदिग्ध गतिविधि दिखे तो दें सूचना
पुलिस ने शहरवासियों से दशहरा मेले में सतर्कता बरतने और सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने में सहयोग करने की अपील की है। किसी भी संदिग्ध गतिविधि या लावारिस वस्तु के दिखाई देने पर तत्काल पुलिस को सूचना दें। अफवाहों पर ध्यान न दें और बिना पुष्टि के कोई संदेश या वीडियो प्रसारित न करें। मेले में बच्चों को अकेला न छोड़ें, वाहनों को निर्धारित स्थानों पर खड़ा करें और रावण दहन के दौरान सुरक्षित दूरी बनाए रखें।