बाबाघाट पर डूबने का मामला: पुलिस ने फुटेज के किए सत्यापन, घाट का किया निरीक्षण, बच्चों की अनुग्रह राशि पर रोक
Kanpur News: बाबा घाट में डूबे तीन बच्चों के परिजनों को मिलने वाली अनुग्रह राशि हत्या की रिपोर्ट दर्ज होने के बाद रोक दी गई है। 24 मई को बिल्हौर घाट पर तीन, शिवराजपुर में दो और बाबा घाट पर तीन बच्चों की गंगा में नहाने के दौरान डूबने से मौत हो गई थी।
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कानपुर में कोतवाली क्षेत्र के बाबाघाट पर गंगा में डूबकर भाजपा नेता के बेटे व उसके दो दोस्तों की मौत के मामले में कैंट पुलिस ने विवेचना शुरू कर दी है। गुरुवार को पुलिस ने दिए गए फुटेज के आधार पर आवागमन के रास्ते का सत्यापन किया। इसके साथ ही आरोपी छात्र की निशानदेही पर मार्ग पर लगे कैमरों के फुटेज लिए और घाट का निरीक्षण किया।
कैंट निवासी भाजपा मंडल अध्यक्ष सुमित तिवारी के बेटे प्रेम तिवारी की 21 मई को कोतवाली थानाक्षेत्र के बाबा घाट पर दो दोस्तों संग डूबकर मौत हो गई थी। एक दोस्त वहां से डूबे छात्रों के मोबाइल, हेलमेट और स्कूटी लेकर भाग निकला था। ये सारा सामान पुल के नीचे से पुलिस ने बरामद कर लिया था। परिजनों के हंगामे के बाद कोतवाली में रिपोर्ट दर्ज की गई थी, लेकिन परिजनों की मांग पर डीसीपी पूर्वी श्रवण कुमार ने विवेचना कैंट थाने ट्रांसफर कर दी थी।
पुलिस ने मल्लाहों के भी बयान लिए
सुमित तिवारी के मुताबिक कैंट पुलिस ने गुरुवार सुबह मृतक छात्रों के परिजनों संग घटनास्थल का निरीक्षण किया। पुलिस ने भाग निकले छात्र के बयानों के आधार पर छात्रों के आवागमन के मार्ग का सत्यापन किया। इस दौरान पुलिसकर्मियों ने गंगा किनारे मल्लाहों के भी बयान लिए। एसओ कैंट कमलेश राय ने बताया विवेचना शुरू हो गई है। जांच रिपोर्ट के आधार पर कार्रवाई की जाएगी।
रिपोर्ट दर्ज न करने को लेकर नाराजगी
उधर, भाजपा नेता सुमित तिवारी के मुताबिक गुरुवार को गंगा में डूबे दूसरे छात्र आयुष्मान के परिजनों ने मोबाइल गुम होने की कोतवाली में तहरीर दी थी। आरोप है कि पुलिस ने मोबाइल की गुमशुदगी नहीं दर्ज की। कहा कि उच्चाधिकारियों से कार्रवाई की मांग करेंगे।
बाबा घाट में डूबे बच्चों की अनुग्रह राशि
बाबा घाट में डूबे तीन बच्चों के परिजनों को मिलने वाली अनुग्रह राशि हत्या की रिपोर्ट दर्ज होने के बाद रोक दी गई है। 24 मई को बिल्हौर घाट पर तीन, शिवराजपुर में दो और बाबा घाट पर तीन बच्चों की गंगा में नहाने के दौरान डूबने से मौत हो गई थी। आपदा प्रबंधन विभाग की तरफ से चार-चार लाख रुपये की अनुग्रह राशि डूबे बच्चों के परिजनों को मिलनी थी।
हत्या का आरोप लगा दर्ज करा दी रिपोर्ट
शिवराजपुर और बिल्हौर घाट में डूबे पांच बच्चों के परिजनों को अनुग्रह राशि मिल गई है। लेकिन शहर के बाबा घाट में डूबे प्रखर तिवारी, आयुष्मान दुबे, आदर्श सिंह के परिजनों को पैसा मिलने पर पेच फंस गया है। 27 मई को शहर के बाबा घाट में डूबे बच्चों के परिजनों ने दोस्त पर हत्या का आरोप लगाकर रिपोर्ट दर्ज करा दी। इससे आपदा प्रबंधन विभाग ने अनुग्रह राशि पर रोक लगा दी है।