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Kanpur News: पुलिस से पहले वाहनों को ढूंढ लेगा ड्रोन
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कानपुर। वाहन चोरी होने पर पुलिस से पहले ही ड्रोन उसको तलाश कर लेगा। बस आपको वाहन का नंबर बताना होगा। ड्रोन स्वयं ही उड़कर वाहन को ढूंढ निकालेगा।
यह बात ऑपरेशन सिंदूर में सेना को ड्रोन से मदद करने वाले आईआईटी मंडी से आए डॉ. अमित शुक्ला ने कही। संस्थान में संचालित एआई और रोबोटिक्स से जुड़े और स्वयं कंपनी संचालित करने वाले डॉ. अमित ने भविष्य को लेकर आगाह किया। उन्होंने बताया कि वह एआई से संचालित होने वाले ड्रोन पर काम कर रहे हैं। यह इतना समझदार होगा कि आपकी बड़ी परेशानी को चुटकियों में हल कर देगा। आने वाले पांच से 10 सालों में दुनिया में ड्रोन को लेकर बड़ा बदलाव देखने को मिलेगा। शिक्षा, सुरक्षा, चिकित्सा के क्षेत्र में काम करने वालों की परिभाषा बदल जाएगी। बस इसका इस्तेमाल संभल कर करना होगा। सरकार को एआई के क्षेत्र में अधिक निवेश करने की जरूरत है।
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एआई के दौर में छात्रों के मूल्यांकन तरीका भी बदलें
कानपुर। बिट्स पिलानी के कुलपति प्रो. वी रामगोपाल राव ने कहा कि बदलते तकनीक के दौर में छात्रों के मूल्यांकन स्तर में भी बदलाव होना चाहिए। छात्रों का मूल्यांकन केवल उत्तर नहीं बल्कि उनके तर्क, प्रयास और समस्या समाधान की पूरी प्रक्रिया को देखा जाना चाहिए। शोध को केवल शोधपत्र और पेटेंट तक सीमित न रखकर उसे प्रोटोटाइप, उत्पाद और स्टार्टअप में बदला जाए। उत्तर प्रदेश में बड़ी छात्र आबादी को देखते हुए राज्य को एआई स्किलिंग का बड़ा केंद्र बनाया जा सकता है।
उन्होंने चेतावनी दी कि यदि अत्यधिक शक्तिशाली एआई प्रणालियों को बिना पर्याप्त मानवीय निगरानी के संचालित होने दिया गया, तो यह भविष्य में बेहद खतरनाक साबित हो सकती हैं। यदि ऐसी तकनीकों पर उचित नियंत्रण नहीं रहा तो इसका प्रभाव पूरी दुनिया के लिए गंभीर हो सकता है।
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यह बात ऑपरेशन सिंदूर में सेना को ड्रोन से मदद करने वाले आईआईटी मंडी से आए डॉ. अमित शुक्ला ने कही। संस्थान में संचालित एआई और रोबोटिक्स से जुड़े और स्वयं कंपनी संचालित करने वाले डॉ. अमित ने भविष्य को लेकर आगाह किया। उन्होंने बताया कि वह एआई से संचालित होने वाले ड्रोन पर काम कर रहे हैं। यह इतना समझदार होगा कि आपकी बड़ी परेशानी को चुटकियों में हल कर देगा। आने वाले पांच से 10 सालों में दुनिया में ड्रोन को लेकर बड़ा बदलाव देखने को मिलेगा। शिक्षा, सुरक्षा, चिकित्सा के क्षेत्र में काम करने वालों की परिभाषा बदल जाएगी। बस इसका इस्तेमाल संभल कर करना होगा। सरकार को एआई के क्षेत्र में अधिक निवेश करने की जरूरत है।
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एआई के दौर में छात्रों के मूल्यांकन तरीका भी बदलें
कानपुर। बिट्स पिलानी के कुलपति प्रो. वी रामगोपाल राव ने कहा कि बदलते तकनीक के दौर में छात्रों के मूल्यांकन स्तर में भी बदलाव होना चाहिए। छात्रों का मूल्यांकन केवल उत्तर नहीं बल्कि उनके तर्क, प्रयास और समस्या समाधान की पूरी प्रक्रिया को देखा जाना चाहिए। शोध को केवल शोधपत्र और पेटेंट तक सीमित न रखकर उसे प्रोटोटाइप, उत्पाद और स्टार्टअप में बदला जाए। उत्तर प्रदेश में बड़ी छात्र आबादी को देखते हुए राज्य को एआई स्किलिंग का बड़ा केंद्र बनाया जा सकता है।
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उन्होंने चेतावनी दी कि यदि अत्यधिक शक्तिशाली एआई प्रणालियों को बिना पर्याप्त मानवीय निगरानी के संचालित होने दिया गया, तो यह भविष्य में बेहद खतरनाक साबित हो सकती हैं। यदि ऐसी तकनीकों पर उचित नियंत्रण नहीं रहा तो इसका प्रभाव पूरी दुनिया के लिए गंभीर हो सकता है।
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