{"_id":"5ef20f7ab1de2b4c2678634c","slug":"dr-shuchita-chaturvedi-said-that-no-pregnant-hiv-positive","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"संवासिनियों के गर्भवती होने का मामला: डॉ. शुचिता चतुर्वेदी बोलीं कोई भी गर्भवती एचआईवी पॉजिटिव नहीं","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
संवासिनियों के गर्भवती होने का मामला: डॉ. शुचिता चतुर्वेदी बोलीं कोई भी गर्भवती एचआईवी पॉजिटिव नहीं
Tue, 23 Jun 2020 07:50 PM IST
प्रभापुंज मिश्रा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
Published by: प्रभापुंज मिश्रा
Updated Tue, 23 Jun 2020 07:50 PM IST
विज्ञापन
संवासिनियों के गर्भवती और कोरोना संक्रमित मिलने के बाद सील किया गया
- फोटो : amar ujala
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
उत्तर प्रदेश में कानपुर के स्वरूप नगर स्थित संवासिनी गृह में इतनी बड़ी संख्या (57) में बालिकाओं के कोरोना पॉजिटिव आने की जांच करने दूसरी बार आईं राज्य बाल संरक्षण आयोग की सदस्य डॉ. शुचिता चतुर्वेदी ने कहा कि मामले में बड़ी चूक हुई है।
जिस दिन पहला केस (14 जून को एक किशोरी) आया था, उसी दिन बाकी बालिकाओं को क्वारंटीन कर सभी की जांच करानी चाहिए थी। लेकिन ऐसा नहीं हुआ और संक्रमण बढ़ता चला गया। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पूरे मामले पर नजर बनाए हुए हैं।
दोषी अधिकारियोें और कर्मचारियों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। मंगलवार को सर्किट हाउस में उन्होंने यह भी कहा कि यहां की एक स्टाफ भी पॉजिटिव आई है। आशंका है कि उसी के जरिये यहां संक्रमण फैला है। ऐसे में उसे क्वॉरंटीन कर दिया जाता तो इस भयावह स्थिति से बचा जा सकता था।
विज्ञापन
विज्ञापन
जिस दिन पहला केस (14 जून को एक किशोरी) आया था, उसी दिन बाकी बालिकाओं को क्वारंटीन कर सभी की जांच करानी चाहिए थी। लेकिन ऐसा नहीं हुआ और संक्रमण बढ़ता चला गया। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पूरे मामले पर नजर बनाए हुए हैं।
विज्ञापन
दोषी अधिकारियोें और कर्मचारियों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। मंगलवार को सर्किट हाउस में उन्होंने यह भी कहा कि यहां की एक स्टाफ भी पॉजिटिव आई है। आशंका है कि उसी के जरिये यहां संक्रमण फैला है। ऐसे में उसे क्वॉरंटीन कर दिया जाता तो इस भयावह स्थिति से बचा जा सकता था।
विज्ञापन
कहा कि मामले की रिपोर्ट वे दो दिन में मुख्यमंत्री को सौंपेंगी। उन्होंने यह भी कहा कि कोई गर्भवती एचआईवी पॉजिटिव नहीं है। उन्होंने बताया कि सभी पॉजिटिव बालिकाओं को हैलट, रामा और कांशीराम हॉस्पिटल में रखा गया। इनकी दूसरी टेस्टिंग 25 को होगी और 27 को रिपोर्ट आएगी। सब कुछ ठीक रहा तो बालिकाओं को बाल गृह भेज दिया जाएगा।
मैडम मुझे कुछ होगा तो नहीं
डॉ. शुचिता ने पनकी स्थित केडीए के फ्लैट में क्वॉरंटीन सेंटर में रखी गईं बालिकाओं से भी मुलाकात की। यहां बालिकाओं ने उनसे पूछा कि ‘मैडम मुझे कुछ होगा तो नहीं’। इस पर आयोग की सदस्य ने उन्हें ढांढस बंधाया और कहा कि उनकी पूरी देखभाल की जा रही है।
उन्होंने राजकीय बाल गृह बालिका की अधीक्षिका से भी संपर्क कर पूछताछ की और नाराजगी जताई। उन्होंने बालिकाओं की चिकित्सा में लगे डॉ. अरविंद भूषण से भी बालिकाओं के स्वास्थ्य एवं सुविधाओं के बारे में पूछताछ की। भोजन का परीक्षण किया। बताया कि यहां रह रहीं बालिकाओं भी जांच जल्द कराई जाएगी। इस मौके पर जिला प्रोबेशन अधिकारी अजीत कुमार भी मौजूद रहे।
मैडम मुझे कुछ होगा तो नहीं
डॉ. शुचिता ने पनकी स्थित केडीए के फ्लैट में क्वॉरंटीन सेंटर में रखी गईं बालिकाओं से भी मुलाकात की। यहां बालिकाओं ने उनसे पूछा कि ‘मैडम मुझे कुछ होगा तो नहीं’। इस पर आयोग की सदस्य ने उन्हें ढांढस बंधाया और कहा कि उनकी पूरी देखभाल की जा रही है।
उन्होंने राजकीय बाल गृह बालिका की अधीक्षिका से भी संपर्क कर पूछताछ की और नाराजगी जताई। उन्होंने बालिकाओं की चिकित्सा में लगे डॉ. अरविंद भूषण से भी बालिकाओं के स्वास्थ्य एवं सुविधाओं के बारे में पूछताछ की। भोजन का परीक्षण किया। बताया कि यहां रह रहीं बालिकाओं भी जांच जल्द कराई जाएगी। इस मौके पर जिला प्रोबेशन अधिकारी अजीत कुमार भी मौजूद रहे।