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‘लोग पूछते थे कि चुनाव में जीते तो क्या दोगे, हमने देश को कानपुर से राष्ट्रपति दिया’
टीम डिजिटल, अमर उजाला, कानपुर
Updated Sat, 16 Sep 2017 10:16 AM IST
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कानपुर के ईश्वरीगंज गांव में बोलते सांसद डॉ. मुरली मनोहर जोशी
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कानपुर के ईश्वरीगंज में स्वच्छता ही सेवा कार्यक्रम में सांसद डॉ. मुरली मनोहर जोशी ने कहा है कि हमें सफाई अभ्यास में लानी होगी। श्रीलंका और भूटान जैसे छोटे देश भी स्वच्छता में हमसे काफी आगे हैं। उन्होंने कहा कि लोकसभा चुनाव के दौरान लोग उनसे पूछते थे कि चुनाव जीत गए तो कानपुर को क्या दोगे। तब मैंने कहा था कि वक्त आने पर बताउंगा। अब बताता हूं, मैंने देश को कानपुर से राष्ट्रपति दिया है।
जोशी ने कहा कि यह संयोग ही है कि जब रामनाथ कोविंद ने भाजपा की सदस्यता ली थी तब वह पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष थे। अब जब वह कानपुर से सांसद हैं तो रामनाथ कोविंद राष्ट्रपति हैं। यह कार्यक्रम देश में सफाई के प्रति बदलाव लाने वाला है। जो भारत विश्व में सबसे स्वच्छ था अब वह सबसे गंदा हो गया है। एक ब्रिटिश लेखक ने लिखा था कि पता नहीं हिंदुस्तान इतना साफ-सुथरा कैसे रहता है। अब ईश्वरीगंज से सफाई अभियान की शुरुआत हो रही है।
हम सभी को मिलकर इसे सफल बनाना होगा। कानपुर में गंगा सबसे अस्वच्छ हैं। भारत स्वच्छ और गंगा निर्मल न हुईं तो यह अभियान अधूरा रह जाएगा। इसलिए हमें गंगा को भी अविरल और स्वच्छ बनाना है। जापान से हमें सबक लेना चाहिए। अगर वहां एक बच्चे से खाना खाते समय एक चावल भी गिर जाता है तो वह उसे उठाकर डस्टबिन में डालता है। हमें इसी आदत को अभ्यास में लाना है।
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जोशी ने कहा कि यह संयोग ही है कि जब रामनाथ कोविंद ने भाजपा की सदस्यता ली थी तब वह पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष थे। अब जब वह कानपुर से सांसद हैं तो रामनाथ कोविंद राष्ट्रपति हैं। यह कार्यक्रम देश में सफाई के प्रति बदलाव लाने वाला है। जो भारत विश्व में सबसे स्वच्छ था अब वह सबसे गंदा हो गया है। एक ब्रिटिश लेखक ने लिखा था कि पता नहीं हिंदुस्तान इतना साफ-सुथरा कैसे रहता है। अब ईश्वरीगंज से सफाई अभियान की शुरुआत हो रही है।
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हम सभी को मिलकर इसे सफल बनाना होगा। कानपुर में गंगा सबसे अस्वच्छ हैं। भारत स्वच्छ और गंगा निर्मल न हुईं तो यह अभियान अधूरा रह जाएगा। इसलिए हमें गंगा को भी अविरल और स्वच्छ बनाना है। जापान से हमें सबक लेना चाहिए। अगर वहां एक बच्चे से खाना खाते समय एक चावल भी गिर जाता है तो वह उसे उठाकर डस्टबिन में डालता है। हमें इसी आदत को अभ्यास में लाना है।
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