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फीस ले भागी दून डिफेंस एकेडमी
संतोष सिंह, कानपुर
Updated Mon, 10 Aug 2015 02:06 AM IST
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सेना में निश्चित सेलेक्शन का सपना दिखाकर काकादेव की ‘दून डिफेंस एकेडमी’ सौ से ज्यादा स्टूडेंटों के लाखों रुपये लेकर भाग गई है। एकेडमी ने प्रति स्टूडेंट सात से 15 हजार रुपये फीस ली थी। अब पीड़ित स्टूडेंट सोमवार को काकादेव पुलिस को तहरीर देंगे।
काकादेव देवकी टाकीज की सामने वाली गली में स्थित ‘दून डिफेंस एकेडमी’ ने भारतीय सेना में निश्चित सेलेक्शन का भरोसा देकर जून-जुलाई 2015 में बड़ी संख्या में युवाओं को एडमिशन दिया। अभी तक तो जैसे-तैसे क्लास चलती रही लेकिन शनिवार से अचानक कोचिंग संचालक गायब हो गए।
पीड़ित छात्र अभिषेक सिंह, दीपक कुमार, विपिन कुमार, सौरभ मिश्रा, विकास यादव, अवधेश, शिवम राजपूत, सिद्धार्थ, विकास, अंकुर और राहुल आदि ने बताया कि एकेडमी के डॉयरेक्टर आदित्य प्रताप सिंह और मैनेजर रवि प्रकाश सिंह थे। कुछ दिन से क्लास नियमित नहीं ली जा रही थी तो स्टूडेंटों ने विरोध जताया था और फीस वापस मांगी थी।
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शनिवार को एकेडमी बंद होने के बाद छात्रों ने मकान मालिक रोहित गुप्ता से पूछा तो पता चला कि उनका दो महीने से किराया (1.30 लाख रुपये) और 40 हजार रुपये बिजली बिल भी बकाया है। कोचिंग कर्मचारियों का वेतन भी बकाया है।
संचालक ने एक बार पहले स्टूडेंटों को कंपेनियन कोचिंग क्लासेस की मदद से पढ़ाई का भरोसा दिलाया था लेकिन कंपेनियन कोचिंग गए तो स्टूडेंटों से दोबारा फीस मांगी गई। सबने आदित्य का फोन मिलाया तो वह बंद मिला। स्टूडेंटो ने कहा कि सोमवार को इस मामले में तहरीर देंगे।
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काकादेव देवकी टाकीज की सामने वाली गली में स्थित ‘दून डिफेंस एकेडमी’ ने भारतीय सेना में निश्चित सेलेक्शन का भरोसा देकर जून-जुलाई 2015 में बड़ी संख्या में युवाओं को एडमिशन दिया। अभी तक तो जैसे-तैसे क्लास चलती रही लेकिन शनिवार से अचानक कोचिंग संचालक गायब हो गए।
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पीड़ित छात्र अभिषेक सिंह, दीपक कुमार, विपिन कुमार, सौरभ मिश्रा, विकास यादव, अवधेश, शिवम राजपूत, सिद्धार्थ, विकास, अंकुर और राहुल आदि ने बताया कि एकेडमी के डॉयरेक्टर आदित्य प्रताप सिंह और मैनेजर रवि प्रकाश सिंह थे। कुछ दिन से क्लास नियमित नहीं ली जा रही थी तो स्टूडेंटों ने विरोध जताया था और फीस वापस मांगी थी।
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शनिवार को एकेडमी बंद होने के बाद छात्रों ने मकान मालिक रोहित गुप्ता से पूछा तो पता चला कि उनका दो महीने से किराया (1.30 लाख रुपये) और 40 हजार रुपये बिजली बिल भी बकाया है। कोचिंग कर्मचारियों का वेतन भी बकाया है।
संचालक ने एक बार पहले स्टूडेंटों को कंपेनियन कोचिंग क्लासेस की मदद से पढ़ाई का भरोसा दिलाया था लेकिन कंपेनियन कोचिंग गए तो स्टूडेंटों से दोबारा फीस मांगी गई। सबने आदित्य का फोन मिलाया तो वह बंद मिला। स्टूडेंटो ने कहा कि सोमवार को इस मामले में तहरीर देंगे।