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Kanpur News: मेडिकल कॉलेज में मरीजों को बाहर की दवाएं लिख रहे डॉक्टर

Sun, 28 Jun 2026 12:52 AM IST
कानपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, कानपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, कानपुर Updated Sun, 28 Jun 2026 12:52 AM IST
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Doctors at the medical college are prescribing medicines from outside sources to patients.
कानपुर देहात। मेडिकल कॉलेज में मरीजों को बाहर की दवाएं लिखी जा रही हैं। मरीजों को दवा देने के बाद मेडिकल स्टोर संचालक पर्चा अपने पास ही जमा कर ले रहे हैं। इसका खुलासा शनिवार को एसीएमओ डॉ. एसएल वर्मा के एक मेडिकल स्टोर पर छापा मारने के दौरान हुआ है।
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मरीजों को इलाज में आर्थिक बोझ से बचाने के लिए शासन की ओर से मेडिकल कॉलेज, सीएचसी, पीएचसी आदि में निशुल्क दवाइयां उपलब्ध करवाई जाती हैं। डॉक्टरों को अस्पताल में संबंधित दवा उपलब्ध न होने पर प्रधानमंत्री जन औषधि केंद्र पर सस्ते दामों पर बेची जाने वाली दवाइयां लिखने के निर्देश हैं। इसके बाद भी डॉक्टरों का बाहरी दवाइयां लिखने का मोह खत्म नहीं हो रहा है। दवाइयां खरीदने के बाद मरीजों को पर्चा वापस करने के स्थान पर मेडिकल स्टोर पर ही जमा किया जा रहा है।
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शनिवार दोपहर को एसीएमओ डॉ. एसएल वर्मा ने मेडिकल कॉलेज के गेट के सामने स्थित एक मेडिकल स्टोर पर छापा मारा। इस दौरान एसीएमओ को मेडिकल स्टोर पर करीब 50 से अधिक मेडिकल कॉलेज के पर्चे रखे मिले। पर्चों पर प्राइवेट कंपनियों की दवाइयां लिखी थीं। कुछ पर्चों पर कोडीन सिरप का भी परामर्श दिया गया था। इसके अलावा रजिस्टर में दवा लिखने वाले डॉक्टर का पूरा नाम लिखने की जगह महज उनका उपनाम लिखा मिला। एसीएमओ ने बताया कि मेडिकल स्टोर के रजिस्टर में अंकित डॉक्टर के नाम के बारे में संचालक नहीं बता सका है। अधिक मात्रा में मिले मेडिकल कॉलेज के पर्चों को लेकर संचालक ने बताया कि कई मरीज दवा लेने के बाद पर्चा लेना भूल गए थे। इसके चलते उन्होंने पर्चे रख लिए हैं। एसीएमओ डॉ. एसएल वर्मा ने बताया कि मेडिकल कॉलेज में बाहर की दवाइयां लिखी जाने को लेकर कॉलेज के प्राचार्य को जानकारी दी जाएगी। साथ ही ड्रग इंस्पेक्टर को पत्राचार किया जाएगा।
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बयान....
मेडिकल स्टोरों पर ज्यादा मात्रा में कोडीन सिरप रखने की अनुमति नहीं हैं। मेडिकल स्टोर संचालक डॉक्टर के परामर्श पर ही कोडीन सिरप मरीज को बेच सकते हैं। इसके साथ ही उनको रजिस्टर में भी मरीज व डॉक्टर का विवरण दर्ज करना है। यदि कहीं इसका पालन नहीं किया जा रहा है तो जांच कर कार्रवाई की जाएगी। - अजय कुमार संतोषी, ड्रग इंस्पेक्टर
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