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डॉक्टर नदारद, रामभरोसे चल रहे पीएचसी

Thu, 03 Jun 2021 12:49 AM IST
Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Thu, 03 Jun 2021 12:49 AM IST
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Doctor absent, PHC running on God's trust
कानपुर देहात। जिला प्रशासन बेहतर स्वास्थ्य सेवा उपलब्ध कराने का दावा भले कर रहा है, लेकिन हकीकत कोसों दूर हैं। पीएचसी में डॉक्टर जाते ही नहीं हैं। वहां रामभरोसे इलाज हो रहा है। डॉक्टरों के न मिलने पर लोग झोलाछाप से इलाज कराने को मजबूर हैं।
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अकबरपुर सांसद के पैतृक घर के पास प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र का भी यही हाल है। यहां भी डॉक्टर नहीं आ रहे हैं। अफसरों के निर्देश को भी स्वास्थ्य कर्मी दरकिनार कर रहे हैं। ऐसे में कोरोना की तीसरी लहर को लेकर क्या तैयारी की गई है यह बड़ा सवाल है।
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कंचौसी पीएचसी में एक साल से डॉक्टर नदारद
झींझक। कंचौसी पीएचसी में मरीजों का इलाज फार्मासिस्ट कर रहे हैं। वहां आयुष डॉ. आर कुमार, डॉ. शिलपल कुशवाहा, फार्मासिस्ट संजय अग्रवाल, स्टाफ नर्स समंदर सैनी की तैनाती है। डॉ. शिलपल कुशवाहा लगभग एक साल से बिना सूचना के नदारद हैं।
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फार्मासिस्ट छह मई से बिना सूचना के गायब हैं। डॉ. आर कुमार की कोविड में ड्यूटी के चलते पीएचसी में स्टाफ नर्स आने वाले मरीजों का उपचार कर रहे हैं।
कंचौसी के अखिलेश, रानेपुर के विद्याराम का कहना है कि अस्पताल में डॉक्टर कभी आते नहीं है। इससे लोगों को उपचार के लिए लंबी दूरी तय करनी पड़ रही है। कई बार अधिकारियों से शिकायत की गई, लेकिन कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई।
स्टाफ की कमी से जूझ रहा बनीपारा पीएचसी
रूरा। झींझक ब्लॉक की बनीपारा पीएचसी में डॉ. वरुण, फार्मासिस्ट मुख्तार अली की तैनाती है। ग्रामीणों का कहना है कि डॉक्टर अस्पताल में कम आते हैं। इससे मरीजों को फार्मासिस्ट देखता है। अस्पताल में एक और डॉक्टर, वार्ड ब्वॉय, आया की जरूरत है।
कई बार अधिकारियों को स्टाफ की कमी से अवगत कराया गया। इसके बाद भी कोई कार्रवाई नहीं की गई। इससे क्षेत्र के लोगों को झोलाछाप व प्राइवेट अस्पताल में उपचार कराना पड़ रहा है। हालांकि मंगलवार को टीकाकरण को लेकर डॉक्टर व फार्मासिस्ट मौजूद रहे।

लंबे समय से नदारद चल रहे डॉक्टर व अन्य कर्मचारी के बाबत अधिकारियों को जानकारी दी जा चुकी है। तैनात डॉक्टर को ओपीडी करने के निर्देश हैं। जिससे मरीजों को दिक्कत न हो। - राजेश कुमार, अधीक्षक झींझक सीएचसी
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