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बेटियों में खून की कमी को अनदेखा न करें, नहीं तो हो सकता है ये रोग
Sun, 05 May 2019 04:37 PM IST
प्रशांत कुमार
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
Published by: प्रशांत कुमार
Updated Sun, 05 May 2019 04:37 PM IST
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कानपुर ऑब्स एंड गायनेकोलॉजिकल सोसाइटी (कॉग्सी) के बैनर तले सेमिनार का आयोजन शनिवार को स्वरूपनगर स्थित एक होटल में किया गया। बताया गया कि बेटियों में अगर खून की कमी हो तो उसे फौरन डॉक्टर को दिखाएं। यह गर्भाश्य की झिल्ली की बीमारी एंडोमेट्रियोसिस का लक्षण है।
इसके साथ ही बच्चियों को सोया से बने उत्पादों का अधिक सेवन न करने दें। इससे शरीर में एस्ट्रोजन हार्मोन की अधिकता हो जाती है जिससे यह रोग हो सकता है। अगर समय से उपचार न हो तो एंडोमेट्रियोसिस से बांझपन हो सकता है।
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इसके साथ ही बच्चियों को सोया से बने उत्पादों का अधिक सेवन न करने दें। इससे शरीर में एस्ट्रोजन हार्मोन की अधिकता हो जाती है जिससे यह रोग हो सकता है। अगर समय से उपचार न हो तो एंडोमेट्रियोसिस से बांझपन हो सकता है।
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मासिक धर्म के दौरान अधिक पीड़ा या ब्लीडिंग अधिक हो तो फौरन चेकअप कराएं
कॉग्सी की अध्यक्ष डॉ. नीलम मिश्रा ने बताया कि फास्ट फूड के सेवन से भी यह परेशानी हो सकती है। किशोरी को मासिक धर्म के दौरान अधिक पीड़ा या ब्लीडिंग अधिक हो तो फौरन डॉक्टर से चेकअप करा लें। मेडिकल कॉलेज की स्त्री रोग विभागाध्यक्ष डॉ. किरन पांडेय ने खून की कमी के कारण महिलाओं में होने वाली कमजोरी, थकान आदि विकारों के संबंध में बताया।