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कोविड कमांड सेंटर में चल रही थी बैठक, अचानक भड़क उठे डीएम, डॉक्टर को हिरासत में भेजा, हंगामा
Tue, 27 Apr 2021 02:30 AM IST
प्रभापुंज मिश्रा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
Published by: प्रभापुंज मिश्रा
Updated Tue, 27 Apr 2021 02:30 AM IST
सार
क्टर को हिरासत में भेजने पर अन्य डॉक्टर भड़क गए और स्वरूपनगर थाने का घेराव कर दिया। पुलिसकर्मियों से उनकी नोकझोंक भी हुई। डॉ. नीरज को छोड़ने के लिए देररात तक हंगामा करते रहे।
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थाने के बाहर लगी डॉक्टरों की भीड़
- फोटो : amar ujala
विस्तार
कानपुर में इंटीग्रेटेड कोविड कमांड सेंटर (आईसीसीसी) में सोमवार देररात बैठक के दौरान टास्क न पूरा होने की जानकारी पर भड़के जिलाधिकारी आलोक तिवारी ने पतारा सीएचसी के अधीक्षक डॉ. नीरज सचान को पुलिस हिरासत में भेज दिया। डॉक्टर को हिरासत में भेजने पर अन्य डॉक्टर भड़क गए और स्वरूपनगर थाने का घेराव कर दिया।
पुलिसकर्मियों से उनकी नोकझोंक भी हुई। डॉ. नीरज को छोड़ने के लिए देररात तक हंगामा करते रहे। इस बीच, प्रशासन की तरफ डॉक्टर के खिलाफ एफआईआर भी दर्ज करा दी गई। जिलाधिकारी कमांड सेंटर में स्वास्थ्य विभाग के अफसरों के साथ कोरोना कंट्रोल के लिए दिए गए टास्क की समीक्षा कर रहे थे।
बैठक में पतारा सीएचसी के डॉ. नीरज भी थे। जिलाधिकारी ने उनसे कोरोना संबंधी जांच और रैपिड रिस्पांस टीम (आरआरटी) की गतिविधियों के बारे में पूछा। इस पर उन्होंने एक तिहाई काम होने की जानकारी दी। यह सुनकर डीएम भड़क गए। उन्होंने पहले डॉ. नीरज को फटकार लगाई, फिर साथी अफसरों से तत्काल उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज कराकर गिरफ्तार करने के आदेश दे दिए।
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पुलिसकर्मियों से उनकी नोकझोंक भी हुई। डॉ. नीरज को छोड़ने के लिए देररात तक हंगामा करते रहे। इस बीच, प्रशासन की तरफ डॉक्टर के खिलाफ एफआईआर भी दर्ज करा दी गई। जिलाधिकारी कमांड सेंटर में स्वास्थ्य विभाग के अफसरों के साथ कोरोना कंट्रोल के लिए दिए गए टास्क की समीक्षा कर रहे थे।
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बैठक में पतारा सीएचसी के डॉ. नीरज भी थे। जिलाधिकारी ने उनसे कोरोना संबंधी जांच और रैपिड रिस्पांस टीम (आरआरटी) की गतिविधियों के बारे में पूछा। इस पर उन्होंने एक तिहाई काम होने की जानकारी दी। यह सुनकर डीएम भड़क गए। उन्होंने पहले डॉ. नीरज को फटकार लगाई, फिर साथी अफसरों से तत्काल उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज कराकर गिरफ्तार करने के आदेश दे दिए।
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इस पर बैठक से ही उन्हें पुलिस हिरासत में स्वरूपनगर थाने भेज दिया गया। इससे नाराज दस-बारह डॉक्टर भी पीछे-पीछे थाने पहुंच गए। डॉ. नीरज को तत्काल छोड़ने की मांग की। नहीं छोड़ा गया तो डॉक्टरों ने हंगामा शुरू किया। कार्य बहिष्कार की चेतावनी भी दी। उनका कहना था कि महामारी के दौर में सभी डॉक्टर रात-दिन काम कर रहे हैं। इसके बावजूद इस तरह की कार्रवाई हो रही है। इंस्पेक्टर अश्विनी कुमार पांडेय ने बताया कि डॉ. नीरज के खिलाफ महामारी अधिनियम समेत अन्य धाराओं में केस दर्ज कर जांच की जा रही है।
पत्नी ने दी तहरीर, छोड़ने की मांग
अधीक्षक डॉ. नीरज सचान की पत्नी डॉ. अनु सचान ने स्वरूपनगर थाने में तहरीर देकर पति को छोड़ने की मांग की है। उन्होंने कहा कि सीएमओ ने उन्हें अधीक्षक पद के अलावा आरआरटी के नोडल का अतिरिक्त चार्ज दे दिया था। वर्तमान में केसों की संख्या बढ़ गई है पर आरआरटी की संख्या पिछले साल की तरह 40 ही है। डॉ. नीरज ने दो दिन पहले ही चार्ज संभाला है। ऐसे में राजपत्रित अधिकारी को थाने में बैठाना न्यायसंगत नहीं है। उन्हें घर जाने दिया जाए।
पत्नी ने दी तहरीर, छोड़ने की मांग
अधीक्षक डॉ. नीरज सचान की पत्नी डॉ. अनु सचान ने स्वरूपनगर थाने में तहरीर देकर पति को छोड़ने की मांग की है। उन्होंने कहा कि सीएमओ ने उन्हें अधीक्षक पद के अलावा आरआरटी के नोडल का अतिरिक्त चार्ज दे दिया था। वर्तमान में केसों की संख्या बढ़ गई है पर आरआरटी की संख्या पिछले साल की तरह 40 ही है। डॉ. नीरज ने दो दिन पहले ही चार्ज संभाला है। ऐसे में राजपत्रित अधिकारी को थाने में बैठाना न्यायसंगत नहीं है। उन्हें घर जाने दिया जाए।