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Kanpur: डीएम ने चार किसानों को दिया बैंक में बंधक खेतों का तोहफा, खुद और अन्य से ढाई लाख एकत्र कर जमा कराया ऋण

Sun, 30 Mar 2025 12:59 PM IST
हिमांशु अवस्थी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर Published by: हिमांशु अवस्थी Updated Sun, 30 Mar 2025 12:59 PM IST
सार

Kanpur News: डीएम ने चार उन किसानों को चिह्नित किया, जिनकी जमीन वर्ष 2003 से बंधक थी। इनके पास कृषि के लिए उतनी ही जमीन थी, जो बंधक थी। इसके बाद बैंक अधिकारियों को बुलाकर ऋण मोचन योजना की जानकारी ली।

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DM gifted mortgaged farms to four farmers collected Rs 2.5 lakh from himself and others and deposited the loan
किसानों से बात करते जिलाधिकारी जितेंद्र प्रताप सिंह - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

कानपुर में 23 वर्षों से बैंक में खेतों के बंधक होने से चार गरीब किसान रोटी-रोटी को मोहताज थे। जिलाधिकारी जितेंद्र प्रताप सिंह ने सरकार की ऋण मोचन योजना की मदद से इन किसानों के लिए खुद और सामाजिक लोगों से करीब 2.50 लाख रुपये इकट्ठा किए। उत्तर प्रदेश सहकारी ग्राम विकास बैंक लिमिटेड में ऋण जमा कराया। शनिवार को किसानों को डीएम ने कार्यालय बुलाकर जमीन मुक्त होने की बात बताई।

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इस पर सबकी आंखों से खुशी के आंसू छलक पड़े। फरवरी में उत्तर प्रदेश सहकारी ग्राम विकास की समीक्षा बैठक हुई थी। इसमें जिलाधिकारी ने बैंक के अधिकारियों से सबसे गरीब किसान ऋणदाताओं के नाम पूछे थे। ये वे किसान थे, जिनके खेत वर्षों से बैंक के पास बंधक थे। इसके बाद डीएम ने चार उन किसानों को चिह्नित किया, जिनकी जमीन वर्ष 2003 से बंधक थी।

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15 दिन में धनराशि का इंतजाम हुआ
इनके पास कृषि के लिए उतनी ही जमीन थी, जो बंधक थी। इसके बाद बैंक अधिकारियों को बुलाकर ऋण मोचन योजना की जानकारी ली। योजना के तहत सभी किसानों के ऋण में छूट दिलाई और बची धनराशि के लिए सामाजिक लोगों से अपील की। 15 दिन में धनराशि का इंतजाम हुआ और बैंक में जमा कराया गया। सभी किसानों की जमीन एक सप्ताह में बैंक से बंधक मुक्त हो जाएगी।

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इनका चुकाया ऋण

  • अमौली, सरसौल निवासी मृतक रविंद्र पुत्र मूलचंद ने 48,000 रुपये का लोन लिया था, जिसकी ब्याज सहित धनराशि 89,000 हुई। परिवार में पुत्र शनि है।
  • बलहापारा, पतारा निवासी मृतक गोधन ने 20,000 का लोन लिया था। ब्याज सहित धनराशि 39,000 हुई थी। परिवार में पुत्रियां कनक व गुंजन हैं।
  • मुंहपोहा, शिवराजपुर निवासी मृतक कन्हैया लाल ने 18,000 रुपये लोन लिया था। ब्याज सहित धनराशि 27000 रुपये हुई। पत्नी शिव प्यारी को अब जमीन मिल सकेगी।
  • हरदौली घाटमपुर निवासी रामवती पत्नी झेलम ने 30000 का लोन लिया था। ब्याज समेत धनराशि 60000 हो गई थी। परिवार में पुत्र प्रमोद कुमार है।
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ये ऐसे किसान थे, जो बहुत निर्धन हैं। इनके पास खुद की कोई जमीन नहीं बची थी। उनकी मजबूरी को देखते हुए मदद करने का निर्णय लिया। लोगों के सहयोग से बैंक में ऋण जमा करा दिया और सभी की जमीन बंधक मुक्त हो गईं।  -जितेंद्र प्रताप सिंह, जिलाधिकारी

31 तक गरीब परिवारों का चयन न होने पर होगी कार्रवाई
सीडीओ दीक्षा जैन ने शनिवार को विकास भवन में जीरो पॉवर्टी कार्यक्रम के तहत गरीब परिवारों को आवास देने की समीक्षा की। इसमें पता चला कि जिले में 13591 गरीब परिवारों को आवास देना था, विभाग ने 11492 परिवारों को चिह्नित किया है। इस पर सीडीओ ने नाराजगी जताई। बताया कि दो दिन बाद इस योजना के तहत बजट वापस हो जाएगा, लिहाजा 31 मार्च तक 458 आवास के लिए गरीब परिवारों को चुन लें। चेतावनी दी कि ऐसा न कर पाने पर कार्रवाई की जाएगी। सीडीओ ने फैमिली आईडी, पीएम आवास योजना, मुख्यमंत्री आवास योजना और मनरेगा कार्यों की प्रगति जानी।

लापरवाही पर तीन बीडीओ का वेतन रोका
मुख्यमंत्री आवास योजना के तहत लापरवाही और काम में शिथिलता बरतने पर सीडीओ दीक्षा जैन ने भीतरगांव, घाटमपुर और पतारा ब्लॉक के खंड विकास अधिकारियों का मार्च महीने का वेतन रोक दिया। भीतरगांव में 652 के सापेक्ष 39, ककवन में 43, पतारा में 277, कल्याणपुर में 26 और शिवराजपुर में 29 के सापेक्ष शून्य आवास पूरे किए गए हैं।

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