DM-CMO Dispute: 30 घंटे बाद डॉ. नेमी हटे, बोले- फिर कोर्ट से ही मिलेगी राहत, सीएमओ की कुर्सी पर डॉ. उदयनाथ
Kanpur News: डॉ. नेमी ने बताया कि प्रशासन के अधिकारियों ने कहा है कि आपके मामले में हाईकोर्ट का स्थगनादेश है, लेकिन शासन का पत्र नहीं है। पहले वह पत्र लेकर आएं।
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कानपुर में 30 घंटे 20 मिनट के बाद डॉ. हरिदत्त नेमी सीएमओ नगर की कुर्सी से हटे। प्रशासन और पुलिस के अधिकारियों ने गुरुवार शाम 4 बजकर 20 मिनट पर डॉ. उदयनाथ को सीएमओ की कुर्सी पर बिठा दिया। इसके साथ ही सीएमओ कार्यालय में हाई वोल्टेज ड्रामे का पटाक्षेप हो गया।
डॉ. उदयनाथ के सीएमओ चैंबर में बैठने के बाद कार्यालय में बनी ऊहापोह की स्थिति पर विराम लग गया। ऑफिस छोड़ने के बाद डॉ. नेमी ने फिर कोर्ट जाने के संकेत दिए। कहा कि उनके निलंबन और संबद्धता पर हाईकोर्ट का स्टे है। अब फिर कोर्ट से ही रिलीफ मिलेगी।
कार्यालय डॉ. नेमी और डॉ. उदयनाथ के बीच में बंट गया
हाईकोर्ट से निलंबन स्थगनादेश मिलने के बाद डॉ. हरिदत्त नेमी बुधवार सुबह 9.30 बजे सीएमओ के चैंबर में आकर बैठ गए थे। उसके बाद से सीएमओ कार्यालय डॉ. नेमी और डॉ. उदयनाथ के बीच में बंट गया। गुरुवार को चैंबर के बाहर नेम प्लेट डॉ. नेमी की लगी थी और अंदर सूची में डॉ. उदयनाथ का नाम रहा।
डॉ. नेमी ने लोगों से मुलाकात की
डॉ. नेमी ने सीएमओ की कुर्सी पर बैठ फाइलों पर दस्तखत किए। सीएमओ का सरकारी वाहन डॉ. उदयनाथ के पास रहा और वह स्वास्थ्य केंद्रों का निरीक्षण करते रहे। इस दौरान सीएमओ डॉ. नेमी ने लोगों से मुलाकात की। साथ ही हाजिरी रजिस्टर पर दस्तखत करने के संबंध में भी दिशा-निर्देश दिए।
मीडियाकर्मियों को बाहर कर दिया गया
यह स्थिति शाम चार बजे तक रही। इसके बाद एडीएम सिटी, एसीपी और पुलिस के साथ सीएमओ डॉ. उदयनाथ कार्यालय आए। सीएमओ कार्यालय गेट के चैनल को बंद करके मीडियाकर्मियों को बाहर कर दिया गया। आधे घंटे के बाद डॉ. नेमी ऑफिस से बाहर आए।
कोर्ट से ही राहत मिलेगी
उन्होंने बताया कि प्रशासन के अधिकारियों ने कहा कि आपके मामले में हाईकोर्ट का स्थगनादेश है, लेकिन शासन का पत्र नहीं है। पहले वह पत्र लेकर आएं। इसके बाद डॉ. नेमी अपने सरकारी आवास आ गए। बाद में उन्होंने बताया कि हाईकोर्ट के स्थगनादेश के बाद वह और डॉ. उदयनाथ पुरानी स्थिति में आ गए हैं। इस मामले में कोर्ट से ही राहत मिलेगी।