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दो फाड़ हुआ एनएसयूआई, जिलाध्यक्ष पर बढ़ा विवाद
Tue, 15 Jan 2019 02:41 PM IST
शिखा पांडेय
यूपी डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
यूपी डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
Published by: शिखा पांडेय
Updated Tue, 15 Jan 2019 02:41 PM IST
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कांग्रेस की छात्र इकाई नेशनल स्टूडेंट्स यूनियन ऑफ इंडिया (एनएसयूआई) में कानपुर जिलाध्यक्ष पद का विवाद शांत होने का नाम ही नहीं ले रहा है। एक तरफ प्रदेश अध्यक्ष मयंक तिवारी ने मौखिक तौर पर जिलाध्यक्ष मोहम्मद सकलेन को पद से हटाने का दावा किया तो मो. सकलेन ने लिखित आदेश मिलने तक बतौर अध्यक्ष काम करने का एलान किया।
मो. सकलेन ने बताया कि प्रदेश अध्यक्ष ने ही उन्हें जिलाध्यक्ष बनाया था और अभी तक उन्हें हटाने के लिए कोई आदेश नहीं जारी हुआ है। केवल हवा में सारी बातें हो रही है। जिले की कमान के साथ प्रदेश संगठन ने उन्हें एनएसयूआई के नए प्रोजेक्ट बेहतर भारत की जिम्मेदारी भी सौंपी है और वह लगातार इसके लिए काम कर रहे हैं। ऐसे में अगर किसी को हटाना है तो वह इसके लिए आदेश जारी करें। वहीं प्रदेश अध्यक्ष का कहना है कि पहले वह मो. सकलेन को कार्यकारी अध्यक्ष बनाने पर विचार कर रहे थे, लेकिन अब उन्हें नहीं बनाएंगे। उन्हें पद से हटा दिया गया है। हालांकि मयंक लिखित आदेश जारी करने की बात को टाल गए। बोले कि मो. सकलेन की नियुक्ति दिसंबर में की गई थी, जबकि पुनीत यादव को दो जनवरी को जिलाध्यक्ष बनाया गया है। ऐसे में स्वत: पुराना आदेश बेअसर हो गया है। वहीं एनएसयूआई के प्रदेश महामंत्री शुभम शुक्ला ने भी पुनीत यादव को ही जिलाध्यक्ष बताया। उन्होंने कहा कि किसी तरह का मतभेद नहीं है। मो. सकलेन को हटाया जा चुका है।
एबीवीपी पदाधिकारियों ने कसा तंज
एनएसयूआई में छिड़े विवाद पर अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) ने तंज कसा है। परिषद के प्रांत एसएफएस प्रमुख प्रशांत झा ने कहा कि जो खुद का संगठन नहीं संभाल पा रहा, वह छात्रों की समस्याओं का क्या निस्तारण करेगा। प्रशांत ने कहा कि संगठन के नाम पर कांग्रेस छात्रों के साथ खिलवाड़ करने की कोशिश कर रही है, लेकिन छात्र इनकी बातों में नहीं आएंगे। यूथ एनएसयूआई प्रदेश प्रभारी और यूपी कांग्रेस कमेटी श्रोत गुप्ता ने बताया कि जिले में मो. सकलेन की जगह पुनीत यादव को अध्यक्ष बनाया गया है, इसका आदेश जारी हो चुका है।
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मो. सकलेन ने बताया कि प्रदेश अध्यक्ष ने ही उन्हें जिलाध्यक्ष बनाया था और अभी तक उन्हें हटाने के लिए कोई आदेश नहीं जारी हुआ है। केवल हवा में सारी बातें हो रही है। जिले की कमान के साथ प्रदेश संगठन ने उन्हें एनएसयूआई के नए प्रोजेक्ट बेहतर भारत की जिम्मेदारी भी सौंपी है और वह लगातार इसके लिए काम कर रहे हैं। ऐसे में अगर किसी को हटाना है तो वह इसके लिए आदेश जारी करें। वहीं प्रदेश अध्यक्ष का कहना है कि पहले वह मो. सकलेन को कार्यकारी अध्यक्ष बनाने पर विचार कर रहे थे, लेकिन अब उन्हें नहीं बनाएंगे। उन्हें पद से हटा दिया गया है। हालांकि मयंक लिखित आदेश जारी करने की बात को टाल गए। बोले कि मो. सकलेन की नियुक्ति दिसंबर में की गई थी, जबकि पुनीत यादव को दो जनवरी को जिलाध्यक्ष बनाया गया है। ऐसे में स्वत: पुराना आदेश बेअसर हो गया है। वहीं एनएसयूआई के प्रदेश महामंत्री शुभम शुक्ला ने भी पुनीत यादव को ही जिलाध्यक्ष बताया। उन्होंने कहा कि किसी तरह का मतभेद नहीं है। मो. सकलेन को हटाया जा चुका है।
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एबीवीपी पदाधिकारियों ने कसा तंज
एनएसयूआई में छिड़े विवाद पर अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) ने तंज कसा है। परिषद के प्रांत एसएफएस प्रमुख प्रशांत झा ने कहा कि जो खुद का संगठन नहीं संभाल पा रहा, वह छात्रों की समस्याओं का क्या निस्तारण करेगा। प्रशांत ने कहा कि संगठन के नाम पर कांग्रेस छात्रों के साथ खिलवाड़ करने की कोशिश कर रही है, लेकिन छात्र इनकी बातों में नहीं आएंगे। यूथ एनएसयूआई प्रदेश प्रभारी और यूपी कांग्रेस कमेटी श्रोत गुप्ता ने बताया कि जिले में मो. सकलेन की जगह पुनीत यादव को अध्यक्ष बनाया गया है, इसका आदेश जारी हो चुका है।
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