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अव्यवस्था: सूचना की व्यवस्था नहीं, हैलट अस्पताल के ओपीडी में भटक रहे रोगी
Wed, 14 Sep 2022 10:42 AM IST
शिखा पांडेय
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
Published by: शिखा पांडेय
Updated Wed, 14 Sep 2022 10:42 AM IST
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हैलट अस्पताल कानपुर
- फोटो : अमर उजाला
कानपुर में हैलट की ओपीडी से न्यूरोलॉजी और न्यूरो सर्जरी की ओपीडी मल्टी सुपर स्पेशियलिटी हॉस्पिटल शिफ्ट कर दी गई है। लेकिन बहुत से रोगियों को यह जानकारी न होने पर वे हैलट ओपीडी में भटका करते हैं। पर्चा काउंटर पर भी रोगियों को मल्टी सुपर स्पेशियलिटी के संबंध में जानकारी नहीं दी जाती।
हैलट का पर्चा बना दिया जाता है। दूसरी तरफ मल्टी सुपर स्पेशियलिटी में निश्चित संख्या में ही रोगी देखे जाते हैं। इससे देर से जाने पर रोगियों का इलाज नहीं हो पाता है। मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. संजय काला ने बताया कि रोगी पर्चा काउंटर और ओपीडी में रोगियों को जानकारी देने की व्यवस्था की जाएगी।
केस -1
डेढ़ घंटे तक भटकते रहे
रूरा से आई ब्रेन ट्यूमर की रोगी मुन्नी देवी (72) के बेटे गुड्डू सिंह ने बताया कि वे सुबह 10 बजे आ गए थे। एक कर्मचारी ने सौ नंबर वार्ड जाने के लिए कहा। रोगी को गोद में उठाकर ले गए। वहां से फिर ओपीडी भेजा गया। ओपीडी के काउंटर पर बैठे कर्मचारियों ने व्हील चेयर दिया। इसके बाद मल्टी सुपर स्पेशियलिटी रोगी को ले जाने के लिए ई-एंबुलेंस मंगाई। किसी ने बताया ही नहीं कि न्यूरो सर्जरी की ओपीडी मल्टी सुपर स्पेशियलिटी में हो गई है। इस तरह डेढ़ घंटे तक भटकते रहे।
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केस -2
कोई बताने वाला नहीं
इटावा से आए रामेश्वर भी अपने रोगी देवांश (24) को दिखाने के लिए डेढ़ बजे तक हैलट ओपीडी में भटकते रहे। बाद में उन्हें भी कर्मचारियों ने मल्टी सुपर स्पेशियलिटी हॉस्पिटल पहुंचवाया।
केस -3
खुद लाना पड़ा स्ट्रेचर
इटावा से आए देवेंद्र ने बताया कि वह अपने रोगी को लेकर सुबह से लाइन लगाए हैं। तात्याटोपे नगर के रमेश कुमार पांडेय अपनी रोगी रामकिशोरी को खुद स्ट्रेचर पर लेकर आए। अब सुपर स्पेशियलिटी जा रहे हैं।
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हैलट का पर्चा बना दिया जाता है। दूसरी तरफ मल्टी सुपर स्पेशियलिटी में निश्चित संख्या में ही रोगी देखे जाते हैं। इससे देर से जाने पर रोगियों का इलाज नहीं हो पाता है। मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. संजय काला ने बताया कि रोगी पर्चा काउंटर और ओपीडी में रोगियों को जानकारी देने की व्यवस्था की जाएगी।
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केस -1
डेढ़ घंटे तक भटकते रहे
रूरा से आई ब्रेन ट्यूमर की रोगी मुन्नी देवी (72) के बेटे गुड्डू सिंह ने बताया कि वे सुबह 10 बजे आ गए थे। एक कर्मचारी ने सौ नंबर वार्ड जाने के लिए कहा। रोगी को गोद में उठाकर ले गए। वहां से फिर ओपीडी भेजा गया। ओपीडी के काउंटर पर बैठे कर्मचारियों ने व्हील चेयर दिया। इसके बाद मल्टी सुपर स्पेशियलिटी रोगी को ले जाने के लिए ई-एंबुलेंस मंगाई। किसी ने बताया ही नहीं कि न्यूरो सर्जरी की ओपीडी मल्टी सुपर स्पेशियलिटी में हो गई है। इस तरह डेढ़ घंटे तक भटकते रहे।
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केस -2
कोई बताने वाला नहीं
इटावा से आए रामेश्वर भी अपने रोगी देवांश (24) को दिखाने के लिए डेढ़ बजे तक हैलट ओपीडी में भटकते रहे। बाद में उन्हें भी कर्मचारियों ने मल्टी सुपर स्पेशियलिटी हॉस्पिटल पहुंचवाया।
केस -3
खुद लाना पड़ा स्ट्रेचर
इटावा से आए देवेंद्र ने बताया कि वह अपने रोगी को लेकर सुबह से लाइन लगाए हैं। तात्याटोपे नगर के रमेश कुमार पांडेय अपनी रोगी रामकिशोरी को खुद स्ट्रेचर पर लेकर आए। अब सुपर स्पेशियलिटी जा रहे हैं।