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‘कागज की नाव’, रब्बा खैर करे
टीम डिजिटल, अमर उजाला, कानपुर
Updated Thu, 02 Feb 2017 03:47 PM IST
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डेमो
कानपुर जिले की आबादी 55 लाख के आसपास है लेकिन लाइफ सेविंग जैकेट 90 हैं। फाइबर मोटर बोट 3, रबराइज्ड इनफ्लेटेबिल मोटर बोट 7, एल्युमिनियम मोटर बोट 2, बोट लोहा 1, लाइफ सेवर फाइबर 45, नेट फिसिंग 3, नायलान का रस्सा 100 किलोग्राम, टाचज़् फोर हेड 34, सचज़् लाइट एचं ड्रेगन लाइट 24, बैटरी 12 बोल्ट 23, सोलर लालटेन 38, लाउड हेलर 6, जरीकेन 6, पोटेबज़्ल इनफ्लेटेबुल इमरजेंसी लाइट 4 और लालटेन 10 हैं।
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राहत उपकरणों की यह सूची फाइल में दर्ज है। वास्तव में यह कहां उपलब्ध है, यह काफी प्रयास के बाद भी पता नहीं लग सका। अगर वाकई में यह सामग्री उपलब्ध है भी तो किसी आपदा की हालत में इनसे राहत पहुंचाना संभव होगा क्या ? बोलती बंद किसी अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए जिले का सूचना तंत्र भी मजबूत नहीं है। जिले में एक साथ सूचना प्रसारित की जाए, ऐसा कोई अलटज़् सिस्टम नहीं है। सूचना देने का पूरा दारोमदार लेखपाल पर है, जिनके पास एक मोबाइल के सिवाय कुछ भी (वायरलेस, इंटरनेट या दूसरे माध्यम) नहीं है।
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