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Kanpur News: ब्लाॅक कार्यालय में गंदगी और धूल, 13 कर्मी ड्यूटी से नदारद मिले
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कानपुर। जिलाधिकारी के निरीक्षण में शुक्रवार को कल्याणपुर के खंड विकास कार्यालय में 13 कर्मचारी ड्यूटी से नदारद मिले। कार्यालय में गंदगी और धूल-मिट्टी फैली मिली। जिलाधिकारी ने नदारद मिले सभी कर्मचारियों का वेतन रोकने के निर्देश दिए हैं।
जिलाधिकारी जितेंद्र प्रताप सिंह दोपहर 1.30 बजे ब्लाॅक कार्यालय पहुंच गए। उन्होंने उपस्थिति रजिस्टर चेक किया तो कई कर्मचारियों की बाहर जाने की प्रविष्टि तो दर्ज थी लेकिन वापसी का उल्लेख नहीं था। कर्मचारी दिनेश कुमार यादव, प्रिया मिश्रा, साधना यादव और जीतू आर्या गैरहाज़िर मिले। वहीं, संविदा कर्मियों में प्रिया शुक्ला, पंकज शर्मा, दीपक कुमार, सत्यम तिवारी, शिशिर कुमार, कृष्णा पाल, आनंद सिंह और नैन्सी मिश्रा अनुपस्थित थे। सहायक विकास अधिकारी (पंचायत) राजकमल अवस्थी भी कार्यालय से गायब मिले। इसे अनियमितता मानते हुए डीएम ने खंड विकास अधिकारी को तीन दिन में सभी से जवाब तलब करने के निर्देश दिए। जिलाधिकारी ने परियोजना निदेशक आलोक कुमार को एक सप्ताह और मुख्य विकास अधिकारी को 15 दिनों के भीतर निरीक्षण कर रिपोर्ट देने का निर्देश दिया।
टेक्नीशियन अपना काम तक नहीं बता पाए
निरीक्षण के दौरान तैनात बोर टेक्नीशियन अपने कार्यों का विवरण ही नहीं बता सके। इस पर जिलाधिकारी ने सहायक अभियंता (लघु सिंचाई) से रिपोर्ट मांगी है। एनआरएलएम और लेखा कक्ष समेत कई दफ्तरों में अव्यवस्था और गंदगी का आलम देखकर भी उन्होंने नाराजगी जताई।
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जिलाधिकारी जितेंद्र प्रताप सिंह दोपहर 1.30 बजे ब्लाॅक कार्यालय पहुंच गए। उन्होंने उपस्थिति रजिस्टर चेक किया तो कई कर्मचारियों की बाहर जाने की प्रविष्टि तो दर्ज थी लेकिन वापसी का उल्लेख नहीं था। कर्मचारी दिनेश कुमार यादव, प्रिया मिश्रा, साधना यादव और जीतू आर्या गैरहाज़िर मिले। वहीं, संविदा कर्मियों में प्रिया शुक्ला, पंकज शर्मा, दीपक कुमार, सत्यम तिवारी, शिशिर कुमार, कृष्णा पाल, आनंद सिंह और नैन्सी मिश्रा अनुपस्थित थे। सहायक विकास अधिकारी (पंचायत) राजकमल अवस्थी भी कार्यालय से गायब मिले। इसे अनियमितता मानते हुए डीएम ने खंड विकास अधिकारी को तीन दिन में सभी से जवाब तलब करने के निर्देश दिए। जिलाधिकारी ने परियोजना निदेशक आलोक कुमार को एक सप्ताह और मुख्य विकास अधिकारी को 15 दिनों के भीतर निरीक्षण कर रिपोर्ट देने का निर्देश दिया।
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टेक्नीशियन अपना काम तक नहीं बता पाए
निरीक्षण के दौरान तैनात बोर टेक्नीशियन अपने कार्यों का विवरण ही नहीं बता सके। इस पर जिलाधिकारी ने सहायक अभियंता (लघु सिंचाई) से रिपोर्ट मांगी है। एनआरएलएम और लेखा कक्ष समेत कई दफ्तरों में अव्यवस्था और गंदगी का आलम देखकर भी उन्होंने नाराजगी जताई।
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