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UP: यादव परिवार में डिंपल सबसे दमदार, सपा के जीते सभी सांसदों में अखिलेश से भी आगे
Sat, 08 Jun 2024 05:31 PM IST
शिखा पांडेय
तारिक इकबाल, अमर उजाला, कन्नौज
तारिक इकबाल, अमर उजाला, कन्नौज
Published by: शिखा पांडेय
Updated Sat, 08 Jun 2024 05:31 PM IST
सार
कन्नौज से दो बार सांसद रहीं डिंपल यादव अब मैनपुरी की जनप्रतिनिधि हैं। मैनपुरी में वह दूसरी बार जीती हैं। सपा के जीते सभी सांसदों में पहले नंबर पर डिंपल और दूसरे पर अखिलेश यादव हैं।
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डिंपल यादव
- फोटो : इंस्टाग्राम
विस्तार
अखिलेश यादव समाजवादी पार्टी के मुखिया हैं। उनकी ही अगुआई में पार्टी ने लोकसभा चुनाव में ऐतिहासिक कामयाबी हासिल की है। परिवार के सदस्यों के साथ ही पार्टी के उम्मीदवारों की जीत में अहम भूमिका निभाई। इन सबके बीच चुनावी नतीजों में डिंपल यादव सब पर भारी पड़ीं। उन्होंने मैनपुरी सीट दो लाख से ज्यादा वोटों से जीती है। यह परिवार के सभी सदस्यों से बड़ी जीत तो है ही, पार्टी के दूसरे निर्वाचित सांसद भी इतने बड़े अंतर से नहीं जीते।
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कन्नौज से दो बार सांसद रहीं डिंपल यादव अब मैनपुरी की जनप्रतिनिधि हैं। मैनपुरी में वह दूसरी बार जीती हैं। पिछली बार 2022 में हुए उपचुनाव में जीतीं थीं। मैनपुरी से यह उनका पहला आम चुनाव था। उन्होंने इस बार वहां से दूसरी जीत हासिल की है। उनकी जीत का अंतर 221639 वोट रहा। इतने बड़े अंतर से न तो पार्टी के दूसरे सांसद जीते हैं, न ही परिवार का कोई सदस्य। इस तरह पार्टी और परिवार दोनों में ही डिंपल यादव का नाम सबसे बड़ी जीत के रूप दर्ज हुआ। उनके ठीक बाद अखिलेश यादव कन्नौज से 170922 वोटों से जीते हैं।
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इस अंतर से जीतने वाले वह पार्टी और परिवार दोनों में ही डिंपल यादव के बाद दूसरे नंबर पर हैं। परिवार में तीसरे नंबर पर रहे धर्मेंद्र यादव। मैनपुरी और बदायूं के बाद अब वह आजमगढ़ से जीते हैं। उनकी जीत का अंतर 161035 वोट का है। परिवार में वह तीसरे नंबर पर हैं। फिरोजाबाद से दूसरी बार सांसद बने अक्षय यादव 79312 वोट के अंतर से जीत कर चौथे नंबर पर रहे। बदायूं से पहली बार उतरे और पहली ही बार में जीते आदित्य यादव की जीत का अंतर 35067 वोट का रहा। परिवार के सदस्यों में वोटों के अंतर से वह पांचवें नंबर पर रहे।
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अखिलेश यादव: कन्नौज से चौथी और कुल पांचवीं बार बने सांसद
पार्टी मुखिया पांचवीं बार लोकसभा पहुंचे हैं। कन्नौज से यह उनकी चौथी जीत है। पिछला चुनाव उन्होंने आजमगढ़ से लड़कर जीता था। बाद में इस्तीफा दे दिया था।
डिंपल यादव: चौथी बार पहुंचेंगी सदन, दो-दो बार कन्नौज और मैनपुरी फतेह
डिंपल यादव मैनपुरी से दूसरी बार सांसद चुनी गई हैं। यह उनकी कुल चौथी जीत है। इसके पहले वह दो बार कन्नौज संसदीय सीट से चुनाव जीतकर लोकसभा पहुंच चुकी हैं।
पार्टी मुखिया पांचवीं बार लोकसभा पहुंचे हैं। कन्नौज से यह उनकी चौथी जीत है। पिछला चुनाव उन्होंने आजमगढ़ से लड़कर जीता था। बाद में इस्तीफा दे दिया था।
डिंपल यादव: चौथी बार पहुंचेंगी सदन, दो-दो बार कन्नौज और मैनपुरी फतेह
डिंपल यादव मैनपुरी से दूसरी बार सांसद चुनी गई हैं। यह उनकी कुल चौथी जीत है। इसके पहले वह दो बार कन्नौज संसदीय सीट से चुनाव जीतकर लोकसभा पहुंच चुकी हैं।
धर्मेंद्र यादव: तीसरी सीट से चौथी बार बने सांसद
धर्मेंद्र यावद आजमगढ़ से चुनाव जीतने वाले सैफई परिवार के तीसरे सदस्य हैं। इसके पहले वह दो बार बदायूं से सांसद बन चुके हैं। पहली बार वह मैनपुरी से सांसद बने थे।
अक्षय यादव: फिरोजाबाद से दूसरी बार सांसद
फिरोजाबाद से जीते अक्षय यादव दूसरी बार सांसद बने हैं। पहली बार वह 2014 में जीते थे। पिछला चुनाव हार गए थे। इस बार फिर उसी सीट से जीत कर दिल्ली का सफर तय किया है।
आदित्य यादव: पहला चुनाव, पहली जीत
पहली बार चुनावी मैदान में उतरे आदित्य यादव के लिए यह चुनाव यादगार बन गया। पार्टी की परंपरागत सीट से पहली बार उन्हें मौका मिला। पहली ही बार में जीत कर सांसद निर्वाचित हो गए।
धर्मेंद्र यावद आजमगढ़ से चुनाव जीतने वाले सैफई परिवार के तीसरे सदस्य हैं। इसके पहले वह दो बार बदायूं से सांसद बन चुके हैं। पहली बार वह मैनपुरी से सांसद बने थे।
अक्षय यादव: फिरोजाबाद से दूसरी बार सांसद
फिरोजाबाद से जीते अक्षय यादव दूसरी बार सांसद बने हैं। पहली बार वह 2014 में जीते थे। पिछला चुनाव हार गए थे। इस बार फिर उसी सीट से जीत कर दिल्ली का सफर तय किया है।
आदित्य यादव: पहला चुनाव, पहली जीत
पहली बार चुनावी मैदान में उतरे आदित्य यादव के लिए यह चुनाव यादगार बन गया। पार्टी की परंपरागत सीट से पहली बार उन्हें मौका मिला। पहली ही बार में जीत कर सांसद निर्वाचित हो गए।
फिरोजाबाद छोड़कर इस बार हर सीट पर सदस्य बदले
इस बार सैफई परिवार के जो पांच सदस्य सांसद चुने गए हैं, उसमें सिर्फ अक्षय यादव ही पुरानी सीट से लड़े थे। 2019 के लोकसभा चुनाव में फिरोजाबाद सीट से अक्षय यादव चुनाव लड़े थे। इस बार भी वही चुनाव लड़े और जीते। बाकी की चारों सीट पर इस बार सदस्य बदले हुए हैं। पिछली बार मैनपुरी से मुलायम सिंह यादव लड़े और जीते थे। इस बार इस सीट से डिंपल यादव लड़कर जीती हैं। कन्नौज से पिछली बार डिंपल यादव लड़ी थीं। इस बार यहां से अखिलेश यादव लड़कर जीते हैं। आजमगढ़ से पिछली बार अखिलेश यादव लड़कर जीते थे। इस बार धर्मेंद्र लड़े और जीते हैं। बदायूं सीट से पिछली बार धर्मेंद्र यादव लड़कर हारे थे। इस बार इस सीट से आदित्य यादव लड़े और जीते।
पिता के बाद पहली परीक्षा रिकॉर्ड अंतर से पास
पिता मुलायम सिंह यादव के निधन के बाद हुए पहले लोकसभा चुनाव में अखिलेश यादव ने चुनावी परीक्षा में नया रिकॉर्ड बनाकर पास कर लिया है। सूबे में सबसे ज्यादा सीटों पर जीत के साथ ही प्रदेश में अव्वल और देश में तीसरी सबसे बड़ी पार्टी बनाने का कारनामा इससे पहले कभी नहीं हुआ।
इस बार सैफई परिवार के जो पांच सदस्य सांसद चुने गए हैं, उसमें सिर्फ अक्षय यादव ही पुरानी सीट से लड़े थे। 2019 के लोकसभा चुनाव में फिरोजाबाद सीट से अक्षय यादव चुनाव लड़े थे। इस बार भी वही चुनाव लड़े और जीते। बाकी की चारों सीट पर इस बार सदस्य बदले हुए हैं। पिछली बार मैनपुरी से मुलायम सिंह यादव लड़े और जीते थे। इस बार इस सीट से डिंपल यादव लड़कर जीती हैं। कन्नौज से पिछली बार डिंपल यादव लड़ी थीं। इस बार यहां से अखिलेश यादव लड़कर जीते हैं। आजमगढ़ से पिछली बार अखिलेश यादव लड़कर जीते थे। इस बार धर्मेंद्र लड़े और जीते हैं। बदायूं सीट से पिछली बार धर्मेंद्र यादव लड़कर हारे थे। इस बार इस सीट से आदित्य यादव लड़े और जीते।
पिता के बाद पहली परीक्षा रिकॉर्ड अंतर से पास
पिता मुलायम सिंह यादव के निधन के बाद हुए पहले लोकसभा चुनाव में अखिलेश यादव ने चुनावी परीक्षा में नया रिकॉर्ड बनाकर पास कर लिया है। सूबे में सबसे ज्यादा सीटों पर जीत के साथ ही प्रदेश में अव्वल और देश में तीसरी सबसे बड़ी पार्टी बनाने का कारनामा इससे पहले कभी नहीं हुआ।