Kanpur: जर्जर दीवार भरभराकर ढही, नानी-नाती की दबकर मौत, किस्मत से बच गईं तीन जानें
किदवईनगर थाना क्षेत्र में जर्जर दीवार ढहने से बच्चे समेत दो की मौत हो गई। वहीं, हादसे में किस्मत से तीन जानें बच गईं, जो घर के अंदर थीं। सूचना पर पहुंची पुलिस ने राहत और बचाव कार्य शुरू किया है।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
कानपुर में किदवईनगर के कंजड़नपुरवा में घर के बाहर स्थित जर्जर दीवार ढहने से वृद्धा और उसके नाती की मौत हो गई। हादसे के वक्त बच्चा दीवार में लगे गेट पर झूला झूल रहा था। सूचना पर पहुंची पुलिस ने राहत बचाव कार्य शुरू किया।
हादसे में एक कुत्ते की भी मलबे में दबकर मौत हो गई। किदवईनगर थाना क्षेत्र के कंजड़नपुरवा में मंगलवार की दोपहर कृष्णा देवी (60) धूप सेंकने के लिए घर की बाउंड्री के पास बैठी हुई थीं। उनका नाती कुनाल (7) बाउंड्री में लगे हुए लोहे के गेट पर झुला झूल रहा था।
तभी अचानक करीब छह फीट ऊंची दीवार भरभराकर ढह गई। दीवार में लगे भारीभरकम लोहे के गेट के नीचे कृष्णा व मलबे में वृद्धा दब गई। तेज धमक सुनकर आसपास के लोग उनकी मदद को दौड़े। सूचना पर पहुंची किदवईनगर व बाबूपुरवा थाना पुलिस ने लोगों की मदद से राहत बचाव कार्य शुरू किया।
मलबा हटाकर दोनों को हैलट अस्पताल भेजा गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। मौत की खबर से परिवार में कोहराम मच गया। एसीपी बाबूपुरवा संतोष कुमार सिंह ने बताया कि दीवार काफी पुरानी और जर्जर थी।सोमवार को हुई बरसात से दीवार और कमजोर हो गई थी।
किस्मत से बच गईं तीन अन्य जानें
कृष्णा देवी लोगों के घरों में चौका बर्तन करती थीं। पति की पूर्व में ही मौत हो चुकी है। वह अपने तीन बेटों नगीना, पंकज, सबनाम, बेटी दीपा, दामाद सुरेश व उनके तीन बच्चों आर्यन (12), शैलेंद्र (10) व कुनाल के साथ रहती थीं।हादसे के वक्त तीनों बेटे और दामाद काम पर गए थे।
दीपा अपने तीनों बच्चों के साथ हादसे के कुछ देर पहले इसी दीवार के पास ही मौजूद थी। लोगों ने बताया कि दीपा, आर्यन व शैलेंद्र के साथ जैसे ही घर के अंदर गई, तभी हादसा हो गया। लोगों में किस्मत से तीनों की जान बच जाने की चर्चा रही।