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Kanpur News: शनि अमावस्या पर श्रद्धालुओं लगाई आस्था की डुबकी, तर्पण कर पितरों को किया विदा
Sun, 15 Oct 2023 01:03 AM IST
कानपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कानपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, कानपुर
Updated Sun, 15 Oct 2023 01:03 AM IST
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पुखरायां। शनि अमावस्या पर श्रद्धालुओं ने यमुना व सेंगुर नदी तट में स्नान किया। तर्पण कर पितृ विसर्जन किए। वहीं संत महात्माओं को दक्षिणा देकर आर्शीवाद लिया।
शनि अमावस्या के साथ ही पितरों का तर्पण करने के लिए विकास खंड मलासा के निगोही, महोलिया के पास स्थित ऋषि दुर्वासा आश्रम के समीप सेंगुर नदी गऊ घाट में सुबह से स्नानार्थियों की भीड़ जुटने लगी। जो सूर्योदय के समय स्नान कर पितरों का तर्पण कर विदा करने लगे। इसके बाद संत महात्माओं, आचार्य से आशीर्वाद लेकर दक्षिणा दी। वहीं सेंगुर नदी तट परचंदा बाबा धाम, अमरौधा कालेश्वर मंदिर के साथ यमुना नदी के गांवों के सामने तट पर स्नान कर पितरों का तर्पण करते रहे। पंडित राजकुमार द्विवेदी ने बताया कि शनि अमावस्या का बड़ा महत्व है। श्रद्धा भाव से दान दक्षिणा करने से शनि देव प्रसन्न होते हैं। यह तो पितृ शनि अमावस्या है। इसमें पितरों की आत्मशांति के लिए श्राद्ध और धर्म कर्म करने से पितरों के साथ शनिदेव की कृपा प्राप्त होती है। जिसके कारण पितृ दोष, कालसर्प दोष और शनि दोष से मुक्ति मिलती है।
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शनि अमावस्या के साथ ही पितरों का तर्पण करने के लिए विकास खंड मलासा के निगोही, महोलिया के पास स्थित ऋषि दुर्वासा आश्रम के समीप सेंगुर नदी गऊ घाट में सुबह से स्नानार्थियों की भीड़ जुटने लगी। जो सूर्योदय के समय स्नान कर पितरों का तर्पण कर विदा करने लगे। इसके बाद संत महात्माओं, आचार्य से आशीर्वाद लेकर दक्षिणा दी। वहीं सेंगुर नदी तट परचंदा बाबा धाम, अमरौधा कालेश्वर मंदिर के साथ यमुना नदी के गांवों के सामने तट पर स्नान कर पितरों का तर्पण करते रहे। पंडित राजकुमार द्विवेदी ने बताया कि शनि अमावस्या का बड़ा महत्व है। श्रद्धा भाव से दान दक्षिणा करने से शनि देव प्रसन्न होते हैं। यह तो पितृ शनि अमावस्या है। इसमें पितरों की आत्मशांति के लिए श्राद्ध और धर्म कर्म करने से पितरों के साथ शनिदेव की कृपा प्राप्त होती है। जिसके कारण पितृ दोष, कालसर्प दोष और शनि दोष से मुक्ति मिलती है।
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