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Kanpur News: खेल में पक्षपात रोकने के लिए तैयार करें एआई पावर्ड प्लेटफार्म
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पीएसआईटी के कार्यक्रम में शामिल मंत्री स्वतंत्र देव सिंह, अविनाश सिंह और संस्थान के ग्रुप निदेश
- फोटो : संस्थान
कानपुर। खेल मंत्रालय और एआईसीटीई की समस्याओं का तकनीक समाधान खोजने के उद्देश्य से पीएसआईटी में सोमवार को स्मार्ट इंडिया हैकाथॉन 2025 के ग्रैंड फिनाले का शुभारंभ हुआ। इसमें खेल की चयन प्रक्रिया में पक्षपात रोकने के लिए एआई पावर्ड प्लेटफार्म तैयार करने, एआईसीटीई के डाटा में सेंध लगाने की रियल टाइम मॉनिटरिंग, इंटरनेट और वेबसाइट की सिक्योरिटी को और बढ़ाने जैसी समस्याओं को रखा गया। 20 में से 15 टीमों ने एआईसीटीई की तीन और पांच टीमों ने खेल मंत्रालय की ओर से दी गई एक समस्या का समाधान खोजने पर काम किया।
हैकाथॉन के लिए देश के विभिन्न राज्यों से 21 टीमों ने पंजीकरण करवाया था। हालांकि फ्लाइट की परेशानी के कारण एक टीम नहीं पहुंच सकी। दो दिवसीय ग्रैंड फिनाले का शुभारंभ सोमवार मुख्य अतिथि और उत्तर प्रदेश सरकार के जल शक्ति एवं बाढ़ नियंत्रण मंत्री स्वतंत्र देव सिंह, विशिष्ट अतिथि सदस्य विधान परिषद अविनाश सिंह चौहान एवं पीएसआईटी के समूह निदेशक डॉ. मनमोहन शुक्ला ने संयुक्त रूप से किया। एआईसीटीई के चेयरमैन प्रो. टीजी. सीताराम देश के सभी 60 नोडल सेंटर्स से वर्चुअली जुड़े और हैकाथॉन के राष्ट्रव्यापी शुभारंभ को संबोधित किया।
मंत्री स्वतंत्र देव सिंह ने कहा कि स्मार्ट इंडिया हैकाथॉन का उद्देश्य केवल समाधान बनाना नहीं बल्कि विकसित भारत के संकल्प को युवा शक्ति के माध्यम से गति देना है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का विजन है कि नवाचार प्रत्येक विद्यार्थी के विचार और कार्य का मूल तत्व रहे। अविनाश सिंह चौहान ने कहा कि नवाचार ही नए भारत की पहचान है। स्मार्ट इंडिया हैकाथॉन ऐसा मंच है जहां छात्र वास्तविक समस्याओं पर गहराई से सोचते हैं।
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36 घंटे लगातार होता है काम
पीएसआईटी ग्रुप निदेशक डॉ. मनमोहन शुक्ला ने कहा कि देश भर के विभिन्न मंत्रालयों ने मिलकर 271 समस्याएं दी थी। इसके लिए 68766 टीमों ने 72165 आइडिया प्रस्तुत किए थे। इसमें 1360 टीमों ने ग्रैंड फिनाले में प्रतिभाग किया। ग्रैंड फिनाले के लिए देश भर में 60 नोडल सेंटर बनाए गए। इसमें यूपी में जिम्मेदारी केवल पीएसआईटी और आईआईटी बीएचयू को मिली है। पीएसआईटी में दो विभागों की चार समस्याओं का समाधान खोजा जाएगा। इसमें एआईसीटीई की तीन और खेल मंत्रालय की एक समस्या है।
प्रो. शुक्ला ने बताया कि टीमें 36 घंटे के शेड्यूल में कार्य करेंगी। स्मार्ट इंडिया हैकाथॉन केवल प्रतियोगिता नहीं बल्कि भविष्य निर्माण, तकनीकी सोच और युवा प्रतिभा के विकास का राष्ट्रीय मंच है। उन्होंने कहा कि समस्या के समाधान के अलावा छात्रों की क्षमताओं, मानसिक मजबूती का भी पता चलता है। इसमें नौ ज्यूरी मेंबर्स पांच बार मूल्यांकन भी करते हैं। हर समस्या का एक विजेता होगा जिसे डेढ़ लाख रुपये और सर्टिफिकेट का पुरस्कार मिलेगा।
फ्लाइट की दिक्क्त, नहीं पहुंची तेलंगाना की टीम
कार्यक्रम में झारखंड, महाराष्ट्र, हिमांचल, पिलानी, पंजाब, पश्चिम बंगाल सहित अन्य राज्यों की टीमों ने हिस्सा लिया। फ्लाइट की दिक्कत की वजह से तेलंगाना की टीम नहीं पहुंच सकी। डॉ. मनमोहन ने कहा टीमें इस हैकाथॉन के लिए महीनों मेहनत करती हैं। टीम का न पहुंच पाना बेहद निराशाजनक है।
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हैकाथॉन के लिए देश के विभिन्न राज्यों से 21 टीमों ने पंजीकरण करवाया था। हालांकि फ्लाइट की परेशानी के कारण एक टीम नहीं पहुंच सकी। दो दिवसीय ग्रैंड फिनाले का शुभारंभ सोमवार मुख्य अतिथि और उत्तर प्रदेश सरकार के जल शक्ति एवं बाढ़ नियंत्रण मंत्री स्वतंत्र देव सिंह, विशिष्ट अतिथि सदस्य विधान परिषद अविनाश सिंह चौहान एवं पीएसआईटी के समूह निदेशक डॉ. मनमोहन शुक्ला ने संयुक्त रूप से किया। एआईसीटीई के चेयरमैन प्रो. टीजी. सीताराम देश के सभी 60 नोडल सेंटर्स से वर्चुअली जुड़े और हैकाथॉन के राष्ट्रव्यापी शुभारंभ को संबोधित किया।
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मंत्री स्वतंत्र देव सिंह ने कहा कि स्मार्ट इंडिया हैकाथॉन का उद्देश्य केवल समाधान बनाना नहीं बल्कि विकसित भारत के संकल्प को युवा शक्ति के माध्यम से गति देना है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का विजन है कि नवाचार प्रत्येक विद्यार्थी के विचार और कार्य का मूल तत्व रहे। अविनाश सिंह चौहान ने कहा कि नवाचार ही नए भारत की पहचान है। स्मार्ट इंडिया हैकाथॉन ऐसा मंच है जहां छात्र वास्तविक समस्याओं पर गहराई से सोचते हैं।
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36 घंटे लगातार होता है काम
पीएसआईटी ग्रुप निदेशक डॉ. मनमोहन शुक्ला ने कहा कि देश भर के विभिन्न मंत्रालयों ने मिलकर 271 समस्याएं दी थी। इसके लिए 68766 टीमों ने 72165 आइडिया प्रस्तुत किए थे। इसमें 1360 टीमों ने ग्रैंड फिनाले में प्रतिभाग किया। ग्रैंड फिनाले के लिए देश भर में 60 नोडल सेंटर बनाए गए। इसमें यूपी में जिम्मेदारी केवल पीएसआईटी और आईआईटी बीएचयू को मिली है। पीएसआईटी में दो विभागों की चार समस्याओं का समाधान खोजा जाएगा। इसमें एआईसीटीई की तीन और खेल मंत्रालय की एक समस्या है।
प्रो. शुक्ला ने बताया कि टीमें 36 घंटे के शेड्यूल में कार्य करेंगी। स्मार्ट इंडिया हैकाथॉन केवल प्रतियोगिता नहीं बल्कि भविष्य निर्माण, तकनीकी सोच और युवा प्रतिभा के विकास का राष्ट्रीय मंच है। उन्होंने कहा कि समस्या के समाधान के अलावा छात्रों की क्षमताओं, मानसिक मजबूती का भी पता चलता है। इसमें नौ ज्यूरी मेंबर्स पांच बार मूल्यांकन भी करते हैं। हर समस्या का एक विजेता होगा जिसे डेढ़ लाख रुपये और सर्टिफिकेट का पुरस्कार मिलेगा।
फ्लाइट की दिक्क्त, नहीं पहुंची तेलंगाना की टीम
कार्यक्रम में झारखंड, महाराष्ट्र, हिमांचल, पिलानी, पंजाब, पश्चिम बंगाल सहित अन्य राज्यों की टीमों ने हिस्सा लिया। फ्लाइट की दिक्कत की वजह से तेलंगाना की टीम नहीं पहुंच सकी। डॉ. मनमोहन ने कहा टीमें इस हैकाथॉन के लिए महीनों मेहनत करती हैं। टीम का न पहुंच पाना बेहद निराशाजनक है।