फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Kanpur News ›   Despite spending crores of rupees, the appearance of Jainpur industrial area has not changed

Kanpur News: जैनपुर औद्योगिक क्षेत्र में करोड़ाें खर्च के बाद भी नहीं बदली सूरत

Thu, 24 Jul 2025 12:33 AM IST
कानपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, कानपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, कानपुर Updated Thu, 24 Jul 2025 12:33 AM IST
विज्ञापन
Despite spending crores of rupees, the appearance of Jainpur industrial area has not changed
कानपुर देहात। यूपीसीडा करोड़ों खर्च कर व्यवस्थाएं चाक चौबंद होने का दावा करता है। मगर जैनपुर औद्योगिक क्षेत्र बदहाल है। जल निकासी व्यवस्था फेल है। खाली प्लाॅटों में फैक्टरियों का गंदा पानी भरता है। दुर्गंध व जगह-जगह कचरे के ढेर यहां की पहचान बन गए हैं।
विज्ञापन

झांसी-कानपुर हाईवे से लगा जैनपुर औद्योगिक क्षेत्र है। यह करीब 165 हेक्टेयर में फैला है। विकास व व्यवस्थाएं दुरुस्त करने का जिम्मा यूपीसीडा का है। कुल 257 औद्योगिक प्लॉट हैं। मौजूदा समय में यहां 190 फैक्टरियां संचालित हैं। अन्य प्लॉट खाली पड़े हैं या फिर कई कारोबारियों ने काम समेट लिया तो ये फैक्टरियां बंद हैं। हाईवे के दूसरी ओर हाउसिंग एरिया है। यह भी यूपीसीडा के अधीन है। औद्योगिक क्षेत्र जैनपुर में सब ठीक होने का दावा यूपीसीडा के अधिकारी करते हैं। जबकि हकीकत इतर है।
विज्ञापन

बीते कुछ माह में ही 6.38 करोड़ रुपये खर्च किए गए हैं। इसमें मार्ग प्रकाश व्यवस्था पर 82.28 लाख रुपये खर्च हुए। मगर कई क्षेत्र में रात में अंधेरा रहता है। सड़क दुरुस्तीकरण पर 4.60 करोड़ रुपये खर्च हुए। मगर सभी सड़के चकाचक नहीं हो सकी हैं। वहीं वार्षिक अनुरक्षण पर 95.65 लाख रुपये खर्च किए गए। जबकि कच्चे नाले, फैक्टरियों की दीवार से सटकर बहता गंदा पानी व इधर उधर फैली गंदगी हकीकत बयां करने को काफी है। जानकारों को कहना है कि औद्योगिक क्षेत्र में कच्ची नालियां, खराब रास्ते व फैक्टरियों के बाहर कचरा एकत्र है। प्लॉटों में गंदा पानी भरने और उससे उठने वाली दुर्गंध व्यवस्था की पोल खोल रही है।
विज्ञापन
विज्ञापन

.........................
वर्जन............
जैनपुर औद्योगिक क्षेत्र में व्यवस्था दुरुस्त करने की जिम्मेदारी यूपीसीडा की है। उनके स्तर पर ही साफ सफाई, जल निकासी मार्ग प्रकाश आदि समस्या का समाधान किया जाना है। - मोहम्मद सऊद, उपायुक्त जिला उद्योग केंद्र।
..................
जैनपुर औद्योगिक क्षेत्र में लगातार व्यवस्थाएं दुरुस्त की जा रही है। मार्ग प्रकाश, सड़क दुरुस्त करने और अनुरक्षण में काफी काम हुआ है। जल निकासी व सीईपीटी प्लांट संचालन के लिए प्रयास हो रहा है। - सलिल यादव, उप महाप्रबंधक यूपीसीडा
................
कागजों में लहलहा रही हरियाली
जैनपुर औद्योगिक क्षेत्र में पार्क के लिए करीब 16 हेक्टेयर जमीन छोड़ी गई है। इसमें से तीन पार्क स्थल फैक्टरियों के बीच हैं। मगर यहां हरियाली का नाम नहीं है। पौधरोपण और हरा-भरा परिवेश बनाने के लिए कोई काम नहीं हुआ है। केवल कागजों में तीन पार्काें में हरियाली लहलहा रही है। फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया व्यापार मंडल के जिलाध्यक्ष जेपी वर्मा कहते हैं कि औद्योगिक क्षेत्र में हरियाली के लिए पौधरोपण पर ध्यान नहीं है। इसकी वजह से पार्क वीरान पड़े हैं। कई बार प्रयास किया मगर जिम्मेदारों ने अनदेखा कर दिया।
..................
फोटो-11 जेपी वर्मा, जिलाध्यक्ष फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया व्यापार मंडल।
जिम्मेदार अधिकारी सुनते नहीं
प्रति फैक्टरी औसतन 50 हजार वसूली यूपीसीडा करता है। मगर सुनने वाला कोई नहीं है। मेंटीनेंस चार्ज के तौर पर प्रति वर्ष हर फैक्टरी से कम से कम 30 हजार रुपये वसूले जाते हैं। वहीं लीज रेंट भी 15 से 20 हजार रुपये या उससे अधिक है। निर्बाध बिजली आपूर्ति नहीं होने से उद्यमियों को नुकसान होता है। - जेपी वर्मा, जिलाध्यक्ष फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया व्यापार मंडल।
...............
फोटो-12 एसके सिंह, उद्यमी।
कई सड़कें जर्जर, जलनिकासी ध्वस्त
जैनपुर औद्योगिक क्षेत्र में कुछ सड़केें दुरुस्त की गई है। मगर अभी भी कई सड़कें खस्ताहाल हैं। बारिश में नाले ओवरफ्लो होते है। इससे भी सड़क खराब होती है। बिजली की ट्रिपिंग की बड़ी समस्या है। इससे उद्यमियों को बड़ा नुकसान उठाना पड़ता है। सबसे बड़ी बात जल निकासी नहीं है। इससे बारिश में मालवाहक वाहनों के आवागमन में असुविधा होती है। - एसके सिंह, उद्यमी।
...............
फोटो-13 आशीष पांडेय, उद्यमी।
जैनपुर में पानी शोधन के लिए सीईपीटी प्लांट है। मगर यह क्रियाशील नहीं हैं। फैक्टरी क्षेत्र के नाले मुख्य नाले से जुड़े हैं। मगर मुख्य नाला की सफाई नहीं कराई जाती है। इससे नाला अवरुद्ध है और बारिश में नाला ओवरफ्लो होने से रास्ते में गंदा पानी भरता है। कच्चा माल या तैयार माल के आवागमन में समस्या होती है। फैक्ट्रियों के सामने कचरा फैलाना गलत है। नियमित सफाई की व्यवस्था जरूरी है। - आशीष पांडेय उद्यमी।

...............
बिना बाउंड्री का है औद्योगिक क्षेत्र जैनपुर
औद्योगिक परिसर में बाउंड्रीवाल नहीं है। मुख्य मार्ग पर कुछ माह पूर्व ही दो गेट बनाए गए हैं। मगर यहां हर समय गार्ड तैनात नहीं रहते हैं। वहीं फैक्टरी परिसर में जाने के लिए रास्ते भी हैं। यहां कोई गेट नहीं लगा है। इसकी वजह से शरारती तत्वों की बेरोकटोक आवाजाही होती है। ये दिन में औद्योगिक क्षेत्र में घूमकर रेकी करते हैं। इसके बाद रात में फैक्टरियों में चोरी हो जाती है।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed