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पुस्तकालयों में धूल, 'गूगल बाबा' कर रहे गुमराह
टीम डिजिटल, अमर उजाला, कानपुर
Updated Mon, 21 May 2018 02:17 PM IST
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बीएनएसडी शिक्षा निकेतन में पुस्तक विमोचन करने पहुंचे डिप्टी सीएम
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समय के साथ हालात भी बदल गए हैं। पुस्तकालयों में धूल जम गई और गूगल बाबा का अधूरा ज्ञान युवाओं को भटका रहा है। यही वजह है कि युवाओं में पढ़ने-लिखने की रुचि घटती जा रही है। इस कारण साहित्य के स्तर में तेजी से गिरावट आ रही है। यह बात डिप्टी सीएम डॉ. दिनेश शर्मा ने रविवार को कानपुर में पुस्तक विमोचन के दौरान बीएनएसडी शिक्षा निकेतन में कही।
कविताई संस्था की ओर से अवधी के हास्य व्यंग्य कवि डॉ. ओम प्रकाश शुक्ला ‘अमिय’ की पुस्तक ‘ऊधौ चुपाय रहौ’ के विमोचन पर कार्यक्रम का आयोजन हुआ। इस दौरान मुख्य अतिथि डॉ. दिनेश शर्मा ने कहा कि कवियों की देन है कि मेरे मन में अनुराग पैदा करके गृहस्थ जीवन में शामिल करा दिया। इससे पहले तो मैं अटल जी से प्रेरित होकर विवाह नहीं करना चाहता था। इसके साथ ही बताया कि समय के साथ लोगों का नजरिया बदल रहा है। एक समय था कि मेरी पैंट साइकिल की चेन में फंसकर फट गई तो मेरी मां नई पैंट दिलाने के लिए पिता से झगड़कर रोने लगी। एक दिन दोस्त के यहां पहुंचा तो उसकी पत्नी बेटे को डैमेज जींस दिलाने के लिए पति से झगड़कर रो रही थी। इसके बाद डिप्टी सीएम के साथ ही महापौर प्रमिला पांडेय, कानपुर यूनिवर्सिटी की कुलपति प्रो. नीलिमा गुप्ता, डॉ. दया दीक्षित, डॉ. अंगद सिंह, डॉ. श्याम बाबू गुप्त, विधायक महेश त्रिवेदी, भगवती सागर, एमएलसी अरुण पाठक ने पुस्तक का विमोचन किया। इसमें डॉ. दिवाकर मिश्रा, डॉ. शिवओम अंबर, किंजल्क त्रिवेदी ने अपने विचार रखे। इसमें राजनारायण कुरील, ज्ञानेंद्र मिश्र, सतीश त्रिपाठी, मनमोहन गौड़, केदारनाथ सिंह समेत अन्य मौजूद रहे।
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कविताई संस्था की ओर से अवधी के हास्य व्यंग्य कवि डॉ. ओम प्रकाश शुक्ला ‘अमिय’ की पुस्तक ‘ऊधौ चुपाय रहौ’ के विमोचन पर कार्यक्रम का आयोजन हुआ। इस दौरान मुख्य अतिथि डॉ. दिनेश शर्मा ने कहा कि कवियों की देन है कि मेरे मन में अनुराग पैदा करके गृहस्थ जीवन में शामिल करा दिया। इससे पहले तो मैं अटल जी से प्रेरित होकर विवाह नहीं करना चाहता था। इसके साथ ही बताया कि समय के साथ लोगों का नजरिया बदल रहा है। एक समय था कि मेरी पैंट साइकिल की चेन में फंसकर फट गई तो मेरी मां नई पैंट दिलाने के लिए पिता से झगड़कर रोने लगी। एक दिन दोस्त के यहां पहुंचा तो उसकी पत्नी बेटे को डैमेज जींस दिलाने के लिए पति से झगड़कर रो रही थी। इसके बाद डिप्टी सीएम के साथ ही महापौर प्रमिला पांडेय, कानपुर यूनिवर्सिटी की कुलपति प्रो. नीलिमा गुप्ता, डॉ. दया दीक्षित, डॉ. अंगद सिंह, डॉ. श्याम बाबू गुप्त, विधायक महेश त्रिवेदी, भगवती सागर, एमएलसी अरुण पाठक ने पुस्तक का विमोचन किया। इसमें डॉ. दिवाकर मिश्रा, डॉ. शिवओम अंबर, किंजल्क त्रिवेदी ने अपने विचार रखे। इसमें राजनारायण कुरील, ज्ञानेंद्र मिश्र, सतीश त्रिपाठी, मनमोहन गौड़, केदारनाथ सिंह समेत अन्य मौजूद रहे।
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