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Kanpur Dehat: मरीजों की अनदेखी पड़ी भारी, डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक ने सीएमएस को किया निलंबित
Mon, 17 Oct 2022 08:52 PM IST
अनुराग सक्सेना
संवाद न्यूज एजेंसी, कानपुर देहात।
संवाद न्यूज एजेंसी, कानपुर देहात।
Published by: अनुराग सक्सेना
Updated Mon, 17 Oct 2022 08:52 PM IST
सार
सोमवार को डिप्टी सीएम बृजेश पाठक ने ट्वीट कर बताया कि प्रशासनिक काम में लापरवाही व पर्यवेक्षणीय दायित्वों में शिथिलता के दृष्टिगत सीएमएस डॉ. राजेंद्र प्रसाद गुप्ता को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर परिवार कल्याण निदेशालय में संबद्ध कर दिया गया है।
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डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
संयुक्त जिला अस्पताल के सीएमएस को मरीजों की अनदेखी और डॉक्टरों पर रहम भारी पड़ गया। डिप्टी सीएम बृजेश पाठक की वीडियो कांफ्रेंसिंग के पांच दिन सीएमएस डॉ. आरपी गुप्ता को निलंबित कर दिया। डिप्टी सीएम ने ट्वीट कर यह जानकारी दी है।
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संयुक्त जिला अस्पताल में आये दिन डॉक्टर लेटलतिफ ओपीडी करने पहुंचते हैं। इस वजह से मरीजों को घंटों इंतजार करना पड़ता है। साथ ही अस्पताल में सर्जरी के नाम पर खानापूर्ति होती है। जिला अस्पताल में निजी अस्पतालों से लेकर मेडिकल स्टोर तक के दलाल पूरी तरह सक्रिय हैं। ओपीडी और इमरजेंसी से मरीज को गुमराह कर दलाल अपने साथ ले जाते हैं। साथ ही कई बार डॉक्टरों ने मरीजों को अस्पताल के बाहर की दवा लिख दी।
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ऐसे में सीएमएस डॉ. आरपी गुप्ता (राजेंद्र प्रसाद) सिर्फ स्पष्टीकरण तक ही सीमित थे। साथ ही ज्यादातर मामलों में वह डॉक्टरों का बचाव करते थे। इन सब मामलों की शिकायत जनप्रतिनिधि लगातार शासन में कर रहे थे। 12 अक्टूबर को डिप्टी सीएम बृजेश पाठक ने वीडियो कांफ्रेंसिंग में सर्जरी न होने को लेकर व डॉक्टरों के जिले में न रुकने पर कड़ी नाराजगी जताई थी।
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सोमवार को डिप्टी सीएम बृजेश पाठक ने ट्वीट कर बताया कि प्रशासनिक काम में लापरवाही व पर्यवेक्षणीय दायित्वों में शिथिलता के दृष्टिगत सीएमएस डॉ. राजेंद्र प्रसाद गुप्ता को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर परिवार कल्याण निदेशालय में संबद्ध कर दिया गया है। वहीं, अपर निदेशक चिकित्सा स्वास्थ्य डॉ. जीके मिश्रा और सीएमओ डॉ. एके सिंह ने बताया कि अभी तक सीएमएस के निंलबन की जारी के संबंध में शासन से कोई पत्र नहीं आया।
शव को एंबुलेंस न मिलने पर गठित हुई थी मजिस्ट्रियल कमेटी
कानपुर-झांसी हाईवे में नबीपुर के पास हादसे में दो मासूम बच्चों की मौत हुई थी। इस मामले में शव वाहन के समय से न पहुंचने पर डीएम नेहा जैन ने मजिस्ट्रियल कमेटी गठित की थी। टीम ने इस पर भी जांच रिपोर्ट डीएम को सौंप दी है।
सात माह पहले हुई थी सीएमएस की तैनाती
जिला अस्पताल भदोही से सीएमएस डॉ. आरपी गुप्ता को संयुक्त जिला अस्पताल में अप्रैल में शासन की ओर से तैनात किया गया था। तब से वह अस्पताल का काम देख रहे थे।
सही नेतृत्व न करने पर रुका था दोनों सीएमएस का वेतन
डीएम नेहा जैन ने एसडीएम ज्ञानेश्वर प्रसाद से जिला महिला व संयुक्त अस्पताल का औचक निरीक्षण कराया तो लगभग डॉक्टर व कर्मचारी नदारद मिले थे। इस पर डीएम ने जिला अस्पताल के सीएमएस डॉ. आरपी गुप्ता और महिला अस्पताल की सीएमएस डॉ. वंदना सिंह को वेतन रोक दिया था। डीएम द्वारा जारी पत्र में लिखा था कि सही नेतृत्व न करने पर दोनों सीएमएस का वेतन रोक दिया गया।