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2500 ठेका मजदूरों का जमा करो पीएफ
अमित अवस्थी
Updated Wed, 15 Jul 2015 01:35 AM IST
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क्षेत्रीय भविष्य निधि संगठन ने सचिव नगर विकास सहित प्रदेश के तमाम नगर निगम (झांसी नगर निगम छोड़कर), नगर महापालिका, नगर पंचायतों को काम करने वाले ठेका मजदूरों का भविष्य निधि (पीएफ) नहीं जमा करने पर नोटिस दिया है। साथ ही इनसे भविष्य निधि वसूली की तैयारी की है।
पीएफ जमा होने से कानपुर सहित पूरे प्रदेश में करीब पचास हजार ठेका मजदूरों को फायदा होगा। शहर में ठेका मजदूरों की संख्या करीब ढाई हजार है। शासन ने आठ जनवरी 2012 को आदेश जारी करके पूरे प्रदेश के नगर निगम, नगर महापालिका, पंचायतों को कर्मचारी भविष्य निधि संगठन के दायरे में ला दिया था।
इसके बाद क्षेत्रीय भविष्य निधि संगठन की ओर से सभी को पीएफ नंबर भी जारी कर दिया गया। बता दें कि नगर निगमों में बड़े पैमाने पर ठेका और आउटसोर्सिंग के जरिए काम कराया जाता है। काम के दौरान मजदूरों-कर्मचारियों का भविष्य निधि भी काटने का प्रावधान हैं।
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ठेकेदार पीएफ काटता भी है लेकिन जमा नहीं करता। इस पर पीएफ विभाग ने सख्त रवैया अपनाया है। विभाग के वरिष्ठ रिकवरी अफसर एके शुक्ला ने बताया कि झांसी नगर निगम के अलावा अन्य किसी भी नगर निगम, महापालिका और पंचायतों ने आज तक भविष्य निधि नहीं जमा कराई है जबकि ये बीते तीन साल से इस दायरे में आ रहे हैं। अब विभाग ने सभी से पीएफ वसूली की तैयारी कर ली है।
सचिव नगर विकास सहित सभी निगमों, नगर महापालिकाओं, नगर पंचायतों को बुधवार को नोटिस जारी करके पीएफ जमा करने के लिए निर्देशित किया गया है। नोटिस का जवाब नहीं दिया गया तो इनके बैंक खाते सीज किए जाएंगे और संपत्ति कुर्की की कार्रवाई की जाएगी।
एफआईआर भी दर्ज कराई जाएगी। उन्होंने बताया कि बकाया की रकम कई करोड़ है। इसका सही आकलन रिटर्न आने के बाद ही पता चल सकेगा। कानपुर नगर में घाटमपुर और बिल्हौर नगर पालिका परिषद हैं। शिवराजपुर और बिठूर नगर पंचायत हैं। यहां के विकास कार्य परिषद और पंचायत से संबंधित ठेकेदार कराते हैं। इनके यहां हजारों मजदूर काम करते हैं जिनके पीएफ का भुगतान नहीं होता है।
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पीएफ जमा होने से कानपुर सहित पूरे प्रदेश में करीब पचास हजार ठेका मजदूरों को फायदा होगा। शहर में ठेका मजदूरों की संख्या करीब ढाई हजार है। शासन ने आठ जनवरी 2012 को आदेश जारी करके पूरे प्रदेश के नगर निगम, नगर महापालिका, पंचायतों को कर्मचारी भविष्य निधि संगठन के दायरे में ला दिया था।
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इसके बाद क्षेत्रीय भविष्य निधि संगठन की ओर से सभी को पीएफ नंबर भी जारी कर दिया गया। बता दें कि नगर निगमों में बड़े पैमाने पर ठेका और आउटसोर्सिंग के जरिए काम कराया जाता है। काम के दौरान मजदूरों-कर्मचारियों का भविष्य निधि भी काटने का प्रावधान हैं।
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ठेकेदार पीएफ काटता भी है लेकिन जमा नहीं करता। इस पर पीएफ विभाग ने सख्त रवैया अपनाया है। विभाग के वरिष्ठ रिकवरी अफसर एके शुक्ला ने बताया कि झांसी नगर निगम के अलावा अन्य किसी भी नगर निगम, महापालिका और पंचायतों ने आज तक भविष्य निधि नहीं जमा कराई है जबकि ये बीते तीन साल से इस दायरे में आ रहे हैं। अब विभाग ने सभी से पीएफ वसूली की तैयारी कर ली है।
सचिव नगर विकास सहित सभी निगमों, नगर महापालिकाओं, नगर पंचायतों को बुधवार को नोटिस जारी करके पीएफ जमा करने के लिए निर्देशित किया गया है। नोटिस का जवाब नहीं दिया गया तो इनके बैंक खाते सीज किए जाएंगे और संपत्ति कुर्की की कार्रवाई की जाएगी।
एफआईआर भी दर्ज कराई जाएगी। उन्होंने बताया कि बकाया की रकम कई करोड़ है। इसका सही आकलन रिटर्न आने के बाद ही पता चल सकेगा। कानपुर नगर में घाटमपुर और बिल्हौर नगर पालिका परिषद हैं। शिवराजपुर और बिठूर नगर पंचायत हैं। यहां के विकास कार्य परिषद और पंचायत से संबंधित ठेकेदार कराते हैं। इनके यहां हजारों मजदूर काम करते हैं जिनके पीएफ का भुगतान नहीं होता है।