फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Kanpur News ›   defecation in open at this village

सोच तो शौचालय की, पर खुले में शौच की मजबूरी

Sat, 01 Jul 2017 10:13 PM IST
टीम डिजिटल, अमर उजाला, कानपुर
टीम डिजिटल, अमर उजाला, कानपुर Updated Sat, 01 Jul 2017 10:13 PM IST
विज्ञापन
defecation in open at this village
शौच को खुले में जंगल जातीं महिलाएं।
शौचालय निर्माण की चौतरफा धूम के बीच उत्तर प्रदेश के बांदा जिले का ये सूरत-ए-हाल छिपाए नहीं छिप रहा। यहां तिंदवारी ब्लाक के गरौती गांव में साढ़े तीन सैकड़ा परिवारों के सामने आज भी शौच के लिए खुले में जाना मजबूरी है। उनकी सोच तो घर में ही शौचालय की है। लेकिन जंगल में जाना मजबूरी है।
विज्ञापन


दरअसल, प्रधान के चहेतों को छोड़कर अन्य दलितों के घर एक भी शौचालय नहीं बना। उनके घरों की बहू-बेटियां महिलाओं के झुंड में एक साथ शौच के लिए जंगल जाती हैं। गड़रा नदी किनारे बसे गरौती गांव में 400 परिवार आबाद हैं। बिजली, पानी व सड़क जैसी सभी सुविधाएं हैं। लेकिन शौचालय सिर्फ 50 घरों में ही हैं।
विज्ञापन


इसके लिए गांव के दलित बल्दूराम, राममूरत, जयंता, जालिम, घसीटेदाई, कालीचरण, सुरिजपाल, परमू, लोटन, सुमन, संपतिया, श्यामकली आदि पूर्व प्रधान को कोसते हैं। उनका आरोप है कि तमाम लोगों से रकम ऐंठ ली लेकिन शौचालय नहीं बनवाए। सिर्फ अपने चहेतों को ही इसका लाभ दिलाया। मौजूदा प्रधान भी फिलहाल दलितों के घर शौचालय का इंतजाम नहीं कर सके।
विज्ञापन
विज्ञापन


घर के पुरुष बताते हैं कि शाम को शौच के लिए जंगल र्गई परिवार की महिलाएं जब तक घर नहीं लौट आतीं तब तक मन में तरह-तरह के बुरे ख्याल आते हैं। उधर, नदी किनारे गांव होने से जंगल में सांप, बिषखापर और हिंसक जानवर भरे पड़े हैं। शौच को जाने वालों को इनसे भी खतरा रहता है। गरौती के अलावा पड़ोसी गांव पिपरगवां, असौरा, केवटरा, सहिंगा, तेरहीमाफी, भुजौली और गौशाला आदि गांवों में भी ज्यादातर ग्रामीण घरों में शौचालय न होने से खुले में शौच जाने की मजबूर है।


सीएम के जनता दर्शन तक पहुंचा मामला
गांव के युवा समाजसेवी रणधीर सिंह ने शौचालय वितरण में दलितों से किए गए सौतेलेपन का न केवल प्रधान से विरोध दर्ज कराया बल्कि 30 मई को गांव के देशराज, बसंतलाल व रामबाबू के साथ लखनऊ जाकर मुख्यमंत्री के जनता दर्शन में भी लिखित शिकायत दी। इसमें कहा है कि दस साल में शासन की योजनाओं आवास, मनरेगा और शौचालय निर्माण में जमकर अंधेरगर्दी की गई है। इसकी जांच कराई जानी चाहिए।

-गरौती गांव के दलित जंगल जाते शौच के लिए
-400 परिवारों में सिर्फ 50 घरों में शौचालय
-शौच के लिए महिलाएं झुंड बनाकर जाती हैं 

 
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed