फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Kanpur News ›   deewar me dhasa lote ka tukda

Kanpur News: 100 मीटर तक उड़ते गए लोहे के टुकड़े, दीवारों में धंसे...लोगों में दहशत

Thu, 26 Jan 2023 07:00 AM IST
Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Thu, 26 Jan 2023 07:00 AM IST
विज्ञापन
deewar me dhasa lote ka tukda
कन्नौज। इत्र कारखाने के बॉयलर में धमाका इतना तेज था कि इसके टुकड़े हवा में उड़ते हुए करीब 100 मीटर दूर कांशीराम कॉलोनी की दीवारों में जा धंसे। गहरी नींद में सो रहे लोगों में भगदड़ मच गई। बिजली के तार टूटने से अंधेरा छा गया। घबराए हुए लोग बाहर निकले तो हवा में झूलते तार और लोहे के बड़े-बडे़ टुकड़े देख दंग रह गए। उन्हें लगा शायद आसमान से कोई हेलीकॉप्टर गिर गया है। बाद में जब कारखाने से चीखने की आवाजें आईं तो पता चला कि हादसा हुआ है। राजमिस्त्री रामकुमार ने बताया कि पोल हिलने से तारों में स्पार्किंग हुई और बिजली गुल हो गई।
विज्ञापन

--------
राजेश कुमार
दिन में होता हादसा, तो कई की जाती जान
कांशीराम कॉलोनी निवासी राजेश कुमार ने बताया कि कॉलोनी टाइप-10 में उनके सामने राशन की दुकान में करीब तीन क्विंटल का टुकड़ा आकर धंस गया। इसके अलावा जगह-जगह लोहे के टुकड़े गिरे आकर। रात को सन्नाटा था। अगर दिन में यह हादसा होता, तो लोगों की जान जा सकती थी।
विज्ञापन

------------
रेहान
बस्ती के पास से हटाए जाएं कारखाने
कॉलोनी में रहने वाले रेहान ने बताया कि इत्र कारखाने शहर में जगह-जगह खुल गए हैं। बॉयलर फटने से लोग दहशत में हैं। बस्ती से कारखानों को औद्योगिक क्षेत्र में स्थापित कराया जाए।
विज्ञापन
विज्ञापन

नसीम
जिंदगी में पहली बार सुना इतना तेज धमाका
नसीम ने बताया कि रात करीब एक बजे इतनी तेज धमाका हुआ कि नींद टूट गई। कई लोग घरों से बाहर आ गए। करीब आधे घंटे तक किसी को कुछ समझ में नहीं आया। उन्होंने पहली बार इतनी तेज धमाका सुना।
------
धनीराम
बिजली के तारों से बचे मकान
धनीराम ने बताया कि बॉयलर का करीब तीन क्विंटल टुकड़ा इतनी तेज उछला कि बिजली के तारों को तोड़ते हुए खंभों को भी टेढ़ा कर गया। अगर बिजली के पोल से टुकड़ा न टकराता तो कॉलोनी की छत पर गिरकर बड़े हादसे का कारण बन सकता था।
-------------
शकुंतला देवी
मान लेता बेटा बात, तो न देखना पड़ता यह दिन
हादसे में गंभीर रूप से झुलसे सुनील की मां शकुंतला देवी ने जब कारखाने में फटे बॉयलर को देखा, तो वह बेसुध हो गई। उसने कहा कि एक साल पहले पूवे चेयरमैन के ईदगाह वाले कारखाने में बड़ा बेटा सुशील मजदूरी करता था। 50 हजार रुपये उधार कर लिए थे। पूर्व चेयरमैन ने एक माह काम करने पर पुराना हिसाब करने का आश्वासन दिया था। उन्होंने सुनील को काम करने से मना किया था, लेकिन बकाया मिलने के लालच में वह नए कारखाने में काम करने आने लगा।

दो बार चेयरमैन रहे हाजी रईस, पूर्व सीएम अखिलेश के हैं करीबी
हाजी रईस अहमद ने कम समय में इत्र कारोबार के क्षेत्र और राजनीति में बड़ी पहचान बना ली है। 2001 में वह बसपा से नगर पालिका का चुनाव लड़कर चेयरमैन बने थे। इसके बाद 2006 में भी बसपा से चेयरमैन चुने गए। इसके बाद से वह समाजवादी पार्टी में सक्रिय हैं। पूर्व सीएम अखिलेश यादव के बेहद करीबी हैं। मौजूदा समय शहर के बड़े इत्र कारोबारियों में उनकी पहचान है। जानकारों के मुताबिक, पहले हाजी रईस आम आदमी की तरह सामान्य काम करते थे। वर्ष 2001 से राजनीति और इत्र कारोबार के जरिये पहचान हासिल की है।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed