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थम सी गई है दारू की बिक्री
टीम डिजिटल, अमर उजाला, कानपुर
Updated Thu, 17 Nov 2016 12:53 AM IST
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नोट की चोट से पिछले एक सप्ताह में शराब की बिक्री थम सी गई
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नोट की चोट से हफ्ताभर से शराब की बिक्री थम सी गई है। इन दिनों पियक्कड़ों की संख्या में भारी कमी देखने को मिल रही है।
अंग्रेजी शराब में 25 से 30 फीसदी और बियर की बिक्री में 75 फीसदी की कमी आ गई है। शराब की बिक्री में हुई कमी के कारण विभाग का महीने का राजस्व भी पूरा होता दिखाई नही पड़ रहा है। आबकारी विभाग जिले में एक मात्र ऐसा विभाग है जो हर बार अपने लक्ष्य को पूरा करता रहा है। पिछले लक्ष्य को 150 से 200 प्रतिशत तक आगे ले जाता है। लेकिन इस बार इस विभाग के राजस्व को नुकसान उठाना पड़ रहा है। इसकी वजह 500 और एक हजार के नोटों पर प्रतिबंध लगना है। विभागीय आंकड़ों के मुताबिक आठ नवंबर की शाम को जमकर शराब की बिक्री हुई। नौ नवंबर से शराब की बिक्री में गिरावट देखने को मिली। विभागीय आंकड़े बताते हैं कि पिछले महीने हर दिन 4200 से 4500 के बीच बियर की बोतलों की बिक्री होती थी। लेकिन इन दिनों बियर की बोतलों की बिक्री 400 से 500 के बीच ही रह गई है। जबकि अंग्रेजी शराब की बोतलों की बिक्री नोटों पर लगी रोक से पहले 1200 के करीब थी। लेकिन अब घटकर 800 ही रह गई है। देशी शराब की बिक्री भी 20 प्रतिशत तक प्रभावित है। विभागीय अधिकारियों का कहना है कि देशी शराब की बिक्री कम होने से विभाग के राजस्व पर कोई असर नहीं पड़ेगा। आबकारी विभाग को नवंबर माह में राजस्व पूर्ति के लिए आठ करोड़ 25 लाख का लक्ष्य मिला है। जबकि नवबंर माह के 15 दिन बीत गए हैं।
आबकारी अधिकारी रामशरण सिंह बताते हैं कि नोटों पर लगे प्रतिबंध से शराब की बिक्री बुरी तरह प्रभावित है। लक्ष्य पूर्ति को लेकर केवल वह ही नहीं विभाग के अधिकारी भी परेशान हैं।
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अंग्रेजी शराब में 25 से 30 फीसदी और बियर की बिक्री में 75 फीसदी की कमी आ गई है। शराब की बिक्री में हुई कमी के कारण विभाग का महीने का राजस्व भी पूरा होता दिखाई नही पड़ रहा है। आबकारी विभाग जिले में एक मात्र ऐसा विभाग है जो हर बार अपने लक्ष्य को पूरा करता रहा है। पिछले लक्ष्य को 150 से 200 प्रतिशत तक आगे ले जाता है। लेकिन इस बार इस विभाग के राजस्व को नुकसान उठाना पड़ रहा है। इसकी वजह 500 और एक हजार के नोटों पर प्रतिबंध लगना है। विभागीय आंकड़ों के मुताबिक आठ नवंबर की शाम को जमकर शराब की बिक्री हुई। नौ नवंबर से शराब की बिक्री में गिरावट देखने को मिली। विभागीय आंकड़े बताते हैं कि पिछले महीने हर दिन 4200 से 4500 के बीच बियर की बोतलों की बिक्री होती थी। लेकिन इन दिनों बियर की बोतलों की बिक्री 400 से 500 के बीच ही रह गई है। जबकि अंग्रेजी शराब की बोतलों की बिक्री नोटों पर लगी रोक से पहले 1200 के करीब थी। लेकिन अब घटकर 800 ही रह गई है। देशी शराब की बिक्री भी 20 प्रतिशत तक प्रभावित है। विभागीय अधिकारियों का कहना है कि देशी शराब की बिक्री कम होने से विभाग के राजस्व पर कोई असर नहीं पड़ेगा। आबकारी विभाग को नवंबर माह में राजस्व पूर्ति के लिए आठ करोड़ 25 लाख का लक्ष्य मिला है। जबकि नवबंर माह के 15 दिन बीत गए हैं।
आबकारी अधिकारी रामशरण सिंह बताते हैं कि नोटों पर लगे प्रतिबंध से शराब की बिक्री बुरी तरह प्रभावित है। लक्ष्य पूर्ति को लेकर केवल वह ही नहीं विभाग के अधिकारी भी परेशान हैं।
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