चार मासूमों की मौत: अम्मी! ईद में तीन जोड़ी कपड़े सिलवाना, बदहवास मां रो-रोकर यही कहती रही, पढ़ें हादसे की कहानी
Unnao News: गंगाघाट कोतवाली क्षेत्र के रतिरामपुरवा के चार बच्चों के चंदनघाट पर नहाते समय गंगा में डूबने से मौत से परिवार में ईद की खुशियां मातम में बदल गईं। शनिवार की शाम कानपुर के जाजमऊ स्थित दादामिया ईदगाह के बगल में स्थित कब्रिस्तान में चारों बच्चों को सुपुर्द-ए-खाक किया गया।
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उन्नाव जिले में शुक्लागंज के चंदनघाट पर गंगा में डूबने वाले रतिरामपुरवा निवासी चार बच्चों का जनाजा जब एक साथ उठा तो परिजनों का ही नहीं, मोहल्ले वालों का भी दिल बैठ गया। बेटे राजबाबू और बेटी नाजिया बानो को यादकर मां अफशरून निशां का बिलखना वहां मौजूद हर शख्स की कोरें भिगोता रहा।
अम्मी इस बार आपने एक ही जोड़ी कपड़े बनवाए थे, अगली ईद पर तीन-तीन जोड़ी बनवाना... ईद के बाद शुक्रवार को बेटे-बेटी की ओर से की गई इस मिन्नत को कभी न पूरा कर पाने का बोझ भी अफशरून निशां को बार-बार सालता रहा। अफशरून निशां की जेठानी समेरू भी दो बेटों की मौत से बार-बार बेहोश होती रही।
जब भी होश में आती, कहती मेरे बेटों मोहम्मद मुनाजिर और आमिर उर्फ रियाज को मौत यहां तक खींच लाई। दोनों बेटे लखनऊ के लवकुशनगर में अपने नानी के यहां थे। वह बेटी जैनब के साथ यहां थी। ईद के अगले दिन भतीजों ने बच्चों को फोन कर कहा था कि यहीं आ जाओ, ईद मनाएंगे। क्या पता, यह मेरे बच्चों की आखिरी ईद होगी।
बेटी के लिए खुदा बनकर आया वो बच्चा
रतिरामपुरवा निवासी नियाज ने बताया कि छोटे भाई सलमान के बच्चों राजवाबू, नाजिया बानो के साथ उनके बच्चे मुनाजिर, आमिर व पांच साल की बेटी जैनब भी शनिवार सुबह चंदनघाट पर गंगा नहाने गई थी। पांचों गंगा में डूबने लगे थे। यह देख मोहल्ले के एक किशोर ने गंगा में छलांग लगाकर बेटी जैनब को बचा लिया। वह बच्चा मेरी बेटी के लिए खुदा बनकर आया। बता दें चारों बच्चों को शनिवार शाम को कानपुर के जाजमऊ स्थित दादामिया कब्रिस्तान में सुपुर्द-ए-खाक किया गया।
एक साथ उठा चार बच्चों का जनाजा
गंगाघाट कोतवाली क्षेत्र के रतिरामपुरवा के चार बच्चों के चंदनघाट पर नहाते समय गंगा में डूबने से मौत से परिवार में ईद की खुशियां मातम में बदल गईं। शनिवार की शाम कानपुर के जाजमऊ स्थित दादामिया ईदगाह के बगल में स्थित कब्रिस्तान में चारों बच्चों को सुपुर्द-ए-खाक किया गया। चार बच्चों का जनाजा एक साथ देख सभी की आंखें भर आईं। वहीं, परिजनों में कोहराम मचा रहा।
किशोर ने जैनब को बचा लिया
रतिरामपुरवा निवासी सलमान का पुत्र राजबाबू (7) व पुत्री नाजिया बानो (11), सलमान के बड़े भाई नियाज का पुत्र मोहम्मद मुनाजिर (10), आमिर उर्फ रियाज (8) व जैनब (5) शनिवार की सुबह चंदनघाट पर गंगा में नहाने गए थे। नहाते समय गहराई में जाने से पांचों बच्चे डूबने लगे। यह देख वहां मौजूद मोहल्ले के एक किशोर ने गंगा में छलांग लगाकर पांच वर्षीय जैनब को बचा लिया, बाकी चारों की डूबने से मौत हो गई थी।
ईद की खुशियां मातम में बदल गईं
जान गंवाने वाले चारों बच्चे चचेरे भाई-बहन थे। इनकी मौत से दो दिन पहले हुई ईद की खुशियां मातम में बदल गई। एक साथ चार जनाजे घर से उठते देख हर आंख नम हो गई। मोहल्ले के लोगों ने बताया कि शुक्रवार को ही मुनाजिर और आमिर अपने पिता नियाज के साथ लखनऊ में रहने वाली नानी के यहां से आए थे, जिन्हें मौत खींच लाई।
छोटी बेटी जैनब बानो के साथ अपनी ससुराल में थी
रतिरामपुरवा निवासी नियाज की पत्नी समेरू ने बताया कि वह अपनी छोटी बेटी जैनब बानो के साथ अपनी ससुराल में थी। बच्चे मुनाजिर और आमिर उर्फ रियाज लखनऊ के लवकुश नगर निवासी अपनी नानी के यहां थे। देवर सलमान के बच्चे चांदबाबू, आसिया, राज बाबू और नाजिया बानो ने मुनाजिर और आमिर को ईद यहां मनाने की बात कहकर बुला लिया था।
सबकुछ एक पल में खत्म हो गया
वहीं, भाई बहनों की मौत से सलमान का बड़ा बेटा और बेटी चांदबाबू और आसिया एवं समेरू की बेटी जैनब का रो-रो कर हाल बेहाल है। सलमान की पत्नी अफशरून निशां ने बताया कि कछ दिन पहले वह घायल हो गई थी। बेटा राज और बेटी नाजिया ने शुक्रवार को कहा था अम्मी इस बार तीन जोड़ी कपड़े उनके सिलवाना, उनका सबकुछ एक पल में खत्म हो गया।