मौत का क्या भरोसा: कथा में हरमोनियम बजाते कलाकार की मौत, हंस जब उड़ा, तो अकेला उड़ा...और मंच पर ही गिरे
मदारपुर गांव में कथा के दौरान हारमोनियम बजाते समय घटना हुई। कथा के दौरान कलाकार भजन गाते समय अचानक मंच पर गिर पड़ा। लोग उन्हें आनन फानन में अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां डॉक्टर ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
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कानपुर देहात में मैथा तहसील के मदारपुर गांव में कथा के दौरान हारमोनियम पर ...हंस जब उड़ा तो अकेला उड़ा गाना बजाते हुए कलाकार की मौत हो गई। सूचना पाकर परिजन जिला अस्पताल पहुंचे और बिलखने लगे। पोस्टमार्टम से इनकार कर परिजन शव औरैया के अजारा गांव स्थित घर ले गए।
मदारपुर गांव निवासी अनिल बाजपेई काफी समय से भागवत व मानस कथा कराते आ रहे हैं। रविवार की शाम को रूरा भटौली गांव निवासी आलोक कुमार पांडेय कथा कह रहे थे। इस दौरान वह कीर्तन जिंदगी में हजारों का मेला, हंस जब उड़ा तो अकेला उड़ा... गा रहे थे।
उनके साथ हारमोनियम पर औरैया के अजारा गांव निवासी कप्तान सिंह (45) संगत कर रहे थे। इसी बीच अचानक कप्तान सिंह की तबीयत बिगड़ गई और वह कथा मंच पर ही गिर गए। वहीं हारमोनियम के स्वर बंद होने पर कथा वाचक का ध्यान गया, तो उन्होंने कप्तान सिंह को उठाने का प्रयास किया।
कोई प्रतिक्रिया नहीं होने पर कथा वाचक आयोजक की मदद से उनको लेकर जिला अस्पताल गए। वहां डॉक्टर ने परीक्षण के बाद उन्हें मृत घोषित कर दिया। उधर, सूचना मिलने पर जिला अस्पताल पहुंचे परिजन बिलख पड़े। पोस्टमार्टम से इनकार कर परिजन शव लेकर गांव चले गए।
रूरा थानाध्यक्ष शैलेंद्र कुमार ने बताया कि किसी ने मामले की जानकारी नहीं दी। इधर, कथा आयोजक समिति के अनिल बाजपेई ने बताया कि घटना की वजह से कथा को विराम दिया गया है। परिजनों शव को अजारा गांव लेकर लौट गए हैं।