Death in Police Custody: परिजनों ने अंतिम संस्कार से किया इनकार, ग्रामीणों ने सीएम को बुलाने की मांग रखी
शिवली थाना क्षेत्र में पुलिस कस्टडी में युवक की मौत का मामला बढ़ता ही जा रहा है। देर रात पोस्टमार्टम के बाद मृतक के परिजनों ने शव नहीं उठाया है। साथ ही, अंतिम संस्कार करने से भी मना कर दिया है। वहीं, ग्रामीणों ने आरोपी पुलिस कर्मियों की गिरफ्तारी और सीएम को बुलाने की मांग रखी है।
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कानपुर देहात में व्यापारी चंद्रभान सिंह से हुई लूट व थाने में उनके भतीजे बलवंत सिंह की मौत के मामले में बवाल बढ़ता जा रहा है। मंगलवार देर रात मृतक के पोस्टमार्टम के बाद परिजनों ने शव को उठाने से मना कर दिया है। वहीं, बुधवार सुबह से परिजन और ग्रामीण धरने पर बैठे हैं।
परिजनों ने मृतक के अंतिम संस्कार से मना कर दिया है। साथ ही, आरोपी पुलिस कर्मियों की गिरफ्तारी की मांग कर रहे हैं। वहीं, आक्रोशित ग्रामीणों ने सीएम को बुलाने की मांग रखी है। इस सांसद भोले सिंह सरैयां गांव पहुंचे हैं। वो मृतक के परिजनों और ग्रामीणों से बातचीत कर रहे हैं।
साथ ही, गांव पहुंची डीएम और एसपी का ग्रामीणों ने घेराव करते हुए हंगामा किया। बता दें कि पूरे मामले की जांच पुलिस व प्रशासनिक स्तर से शुरू हो गई है। एसपी ने पूरे प्रकरण की जांच के लिए एसआईटी का गठन किया है। वहीं, डीएम ने मैथा एसडीएम को मजिस्ट्रेटी जांच सौंपी है।
एसपी सुनीति ने बताया पूरे प्रकरण की जांच के लिए एसआईटी गठित की गई है। इसमें दो डिप्टी एसपी व दो इंस्पेक्टरों को शामिल किया गया है। टीम ने बुधवार से जांच शुरू कर दी है। इधर, डीएम नेहा जैन ने बताया कि पुलिस हिरासत में हुई बलवंत की मौत की मजिस्ट्रेटी जांच के आदेश दिए गए है।
गांव में गमगीन रहा माहौल, ढांढस बंधाने पहुंचे लोग
पुलिस कस्टडी में बलवंत सिंह की मौत के बाद गांव का माहौल पूरे दिन गमगीन बना रहा। परिवार में महिलाएं रोती बिलखती रहीं। कोई ग्रामीण कुछ खुलकर बोलने को तैयार नहीं था। परिवार के पुरुष पोस्टमार्टम हाउस चले गए थे। घर पर गांव की महिलाएं ढांढस बंधाने पहुंचीं।
पुलिस ने कहा था पूछताछ कर छोड़ देंगे
लूट का शिकार हुए चंद्रभान सिंह ने बताया कि सोमवार रात पुलिस ने भतीजे बलवंत को उठाया था। जानकारी पर परिजनों के साथ मैथा पुलिस चौकी, शिवली थाने के कई चक्कर लगाए। दोनों जगह पुलिस वाले बलवंत के बारे में जानकारी न होने की बात कहकर टरकाते रहे।
देर रात बलवंत के रनियां थाने में होने की बात पता चली, तो वहा पहुंचे। वहां पुलिस वालों ने कहा कि बलवंत को पूछताछ के लिए लाया गया है। कुछ देर बाद बाद छोड़ दिया जाएगा। थाने में एक बार बलवंत उन्हें नजर आया, तो वह ठीक तरीके से चल नहीं पा रहा था। पुलिस ने बलवंत को छोड़ा, लेकिन जिंदा नहीं मरा।