जब 'गोलगप्पा बना काल', तड़प-तड़पकर टूट गईं नरेश की सांसें
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कानपुर घाटमपुर क्षेत्र के गांव हरबशपुर निवासी नरेश कुमार सचान (46) ट्रक चालक था। बुधवार की शाम घाटमपुर से अपने गांव जा रहा था। सांखाहारी गांव में चाट के ठेले पर रुककर पानी के बतासे (पानीपूड़ी या गोलगप्पा) खाने लगा। अचानक उसे खांसी आ गई और एक गोलगप्पा गले में फंस गया और वह छटपटाने लगा। पास में मौजूद लोगों ने उसके घरवालों को खबर करने के साथ वाहन में लादकर तत्काल सीएचसी भिजवाया। जहां डाक्टरों ने परीक्षण के बाद उसे मृत घोषित कर दिया। ड्यूटी पर तैनात सीएचसी के डा. अजीत कुमार ने बताया कि स्वांस नली में गोलगप्पा फंसने से नरेश की मौत हुई हे।
नरेश के परिजनों ने बताया कि उसके परिवार में पत्नी के अलावा दो बच्चे हैं। नरेश के पास करीब सात बीघा कृषि भूमि भी है। जबकि, वह खाली समय में ट्रक भी चलाता था। सजेती थानाध्यक्ष लोकेंद्र पाल सिंह ने बताया कि देर शाम घटना की सूचना मिली है। बताया कि परिजनों ने किसान बीमा दुर्घटना प्राप्त करने के लिए शव का पोस्टमार्टम कराने को कहा है। नरेश के शव को गुरुवार की सुबह पोस्टमार्टम के लिए भिजवाया जाएगा।