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हरदोई: मारपीट में घायल की मौत, रिपोर्ट दर्ज न करने पर थानाध्यक्ष लाइनहाजिर
Sat, 01 Aug 2020 08:48 PM IST
शिखा पांडेय
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हरदोई
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हरदोई
Published by: शिखा पांडेय
Updated Sat, 01 Aug 2020 08:48 PM IST
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विनोद की फाइल फोटो, मृतक के घर के बाहर लगी भीड़
- फोटो : अमर उजाला
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हरदोई जिले में अरवल थाना क्षेत्र के ग्राम बेहटा लाखी में गुरुवार रात दावत के दौरान दो पक्षों के बीच हुई मारपीट में घायल युवक ने जिला अस्पताल में शनिवार दोपहर दम तोड़ दिया। घटना के दूसरे दिन गंभीर रूप से घायल युवक के पिता की तहरीर पर भी रिपोर्ट दर्ज न करने के आरोप में एसपी अमित कुमार ने अरवल थानाध्यक्ष जनार्दन सिंह को लाइनहाजिर कर दिया है।
मामले में चार लोगों के खिलाफ गैर इरादतन हत्या की रिपोर्ट दर्ज की गई है। ग्राम बेहटा लाखी में गुरुवार रात गांव निवासी राम प्रसाद के पौत्र का जन्मदिन था। इसकी दावत में गांव निवासी विनोद और संजू पुत्रगण लालाराम परिजनों के साथ गए थे। गांव के ही मनोज उर्फ रावेंद्र और सनोज पुत्रगण सुखलाल भी वहां थे।
ग्रामीणों के मुताबिक देर रात दावत में शराब पी गई और इसके बाद मनोज और विनोद के बीच कहासुनी होने के बाद मारपीट होने लगी। विनोद (22) को पिटता देख भाई संजू (35), चाची सरोजनी (45) पत्नी नन्हेलाल, विनोद की बहन आरती (18) और राममूर्ति (16) उसे बचाने लगीं।
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इसी दौरान दोनों पक्षों के बीच लाठी डंडे चल गए। सनोज और मनोज ने अपने बहनोई गांव निवासी पप्पू और पिता सुखलाल के साथ मिलकर विनोद व उसके परिजनों को जमकर पीटा। विनोद को सरिया मारकर घायल कर दिया।
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मामले में चार लोगों के खिलाफ गैर इरादतन हत्या की रिपोर्ट दर्ज की गई है। ग्राम बेहटा लाखी में गुरुवार रात गांव निवासी राम प्रसाद के पौत्र का जन्मदिन था। इसकी दावत में गांव निवासी विनोद और संजू पुत्रगण लालाराम परिजनों के साथ गए थे। गांव के ही मनोज उर्फ रावेंद्र और सनोज पुत्रगण सुखलाल भी वहां थे।
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ग्रामीणों के मुताबिक देर रात दावत में शराब पी गई और इसके बाद मनोज और विनोद के बीच कहासुनी होने के बाद मारपीट होने लगी। विनोद (22) को पिटता देख भाई संजू (35), चाची सरोजनी (45) पत्नी नन्हेलाल, विनोद की बहन आरती (18) और राममूर्ति (16) उसे बचाने लगीं।
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इसी दौरान दोनों पक्षों के बीच लाठी डंडे चल गए। सनोज और मनोज ने अपने बहनोई गांव निवासी पप्पू और पिता सुखलाल के साथ मिलकर विनोद व उसके परिजनों को जमकर पीटा। विनोद को सरिया मारकर घायल कर दिया।
घटना में विनोद, संजू, सरोजनी, आरती, राममूर्ति और दूसरे पक्ष से मनोज और सनोज भी घायल हो गए। गंभीर रूप से घायल विनोद को सीएचसी हरपालपुर से जिला चिकित्सालय रेफर कर दिया गया। वहां शनिवार दोपहर विनोद की मौत हो गई।
जानकारी पर सीओ हरपालपुर राकेश वशिष्ठ ने घटनास्थल का निरीक्षण किया। सीओ ने बताया कि मृतक के पिता लालाराम की तहरीर पर सुखलाल, सुखलाल के दो पुत्रों मनोज और सरोज, दामाद पप्पू के विरुद्ध गैर इरादतन हत्या की रिपोर्ट दर्ज की गई है।
एकतरफा कार्रवाई पड़ी भारी
मारपीट की घटना में एकतरफा कार्रवाई करना और पीड़ित पक्ष की तहरीर पर रिपोर्ट दर्ज न करना अरवल थानाध्यक्ष जनार्दन सिंह को भारी पड़ गया। जनार्दन सिंह के रवैये से एसपी अमित कुमार कुछ इस कदर खफा दिखे कि लाइनहाजिर किए जाने का फैसला वायरलेस सेट पर ही सुना दिया।
सूत्रों के मुताबिक घटना के बाद अरवल थानाध्यक्ष ने सरोज की तहरीर पर विनोद पक्ष के विरुद्ध रिपोर्ट दर्ज कर ली, लेकिन घटना में गंभीर रूप से घायल विनोद के परिजनों की तहरीर पर कोई कार्रवाई नहीं की। यहां तक कि पुलिस ने घटना के अगले दिन भी विनोद के ही परिजनों को फटकारने और दबाव बनाने में कसर नहीं छोड़ी। पूरे मामले की जानकारी पर एसपी ने कार्रवाई की है।
जानकारी पर सीओ हरपालपुर राकेश वशिष्ठ ने घटनास्थल का निरीक्षण किया। सीओ ने बताया कि मृतक के पिता लालाराम की तहरीर पर सुखलाल, सुखलाल के दो पुत्रों मनोज और सरोज, दामाद पप्पू के विरुद्ध गैर इरादतन हत्या की रिपोर्ट दर्ज की गई है।
एकतरफा कार्रवाई पड़ी भारी
मारपीट की घटना में एकतरफा कार्रवाई करना और पीड़ित पक्ष की तहरीर पर रिपोर्ट दर्ज न करना अरवल थानाध्यक्ष जनार्दन सिंह को भारी पड़ गया। जनार्दन सिंह के रवैये से एसपी अमित कुमार कुछ इस कदर खफा दिखे कि लाइनहाजिर किए जाने का फैसला वायरलेस सेट पर ही सुना दिया।
सूत्रों के मुताबिक घटना के बाद अरवल थानाध्यक्ष ने सरोज की तहरीर पर विनोद पक्ष के विरुद्ध रिपोर्ट दर्ज कर ली, लेकिन घटना में गंभीर रूप से घायल विनोद के परिजनों की तहरीर पर कोई कार्रवाई नहीं की। यहां तक कि पुलिस ने घटना के अगले दिन भी विनोद के ही परिजनों को फटकारने और दबाव बनाने में कसर नहीं छोड़ी। पूरे मामले की जानकारी पर एसपी ने कार्रवाई की है।