कानपुर। रिटायर्ड असिस्टेंट कमिश्नर भैरव प्रसाद पांडेय और सेवानिवृत्त लेक्चरर पत्नी मीना पांडेय को 12 दिनों तक डिजिटल अरेस्ट कर 57 लाख की ठगी के आरोपी टेलीग्राम ग्रुप से जुड़े हुए थे। उन्हें कोलकाता राहुल नाम का युवक बैंक खाते दिलाने और रकम ट्रांसफर कराने के निर्देश दिया करता था। उसका संपर्क कंबोडिया के साइबर अपराधियों से है। यह जानकारी साइबर क्राइम ब्रांच को सीआईएएफ के जवान दाउद अंसारी से मिली है। उसे मंगलवार को कोर्ट में पेश किया जहां से उसे जेल भेज दिया गया।
साइबर क्राइम ब्रांच थाने में एफआईआर हुई थी। जांच के आधार पर जवाहरनगर के जय प्रकाश, पुराने सीसामऊ के शुभांकर सिंह, निरालानगर के विक्रम सिंह, रायपुरवा के विनय प्रताप सिंह और झारखंड के वीरमऊ क्षत्र के राजू ठाकुर को गिरफ्तार किया गया। इसका संबंध राउरकेला में तैनात सीआईएसएफ जवान दाउद अंसारी से मिले। पुलिस उसे मंगलवार को शहर लेकर आई थी। साइबर क्राइम ब्रांच थाने के प्रभारी सतीश चंद्र यादव ने बताया कि दाउद अंसारी ने कई जानकारियां दी हैं। वह टेलीग्राम ग्रुप से जुड़ा हुआ था। इसमें कई लोग शामिल हैं। उसने कोलकाता के युवक की जानकारी दी है। उसको दाउद अंसारी ने खाता मुहैया कराया था। जय प्रकाश के खाते में 24 लाख रुपये आए थे। यह खाता दाउद ने राहुल को दिया था। वहां से खाते की जानकारी साइबर अपराधियों तक पहुंचाई गई। दाउद को एक प्रतिशत कमीशन मिलता था। करीब सात से आठ महीने से इस काम में सक्रिय होने की जानकारी हुई है।