{"_id":"61688d9a65a184704d701952","slug":"dashanan-s-price-increased-inflation-came-due-to-increase-in-the-price-of-raw-material-and-diesel-used-in-effigy","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"दशानन के ‘भाव’ बढ़े: पुतले में इस्तेमाल होने वाले कच्चे माल और डीजल के दाम बढ़ने से आई महंगाई","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
दशानन के ‘भाव’ बढ़े: पुतले में इस्तेमाल होने वाले कच्चे माल और डीजल के दाम बढ़ने से आई महंगाई
Fri, 15 Oct 2021 08:42 AM IST
प्रभापुंज मिश्रा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
Published by: प्रभापुंज मिश्रा
Updated Fri, 15 Oct 2021 08:42 AM IST
विज्ञापन
महंगाई में बढ़ रावण के दाम
- फोटो : amar ujala
कमर तोड़ रही महंगाई ने त्योहारों की रंगत भी फीकी कर दी है। रावण के पुतलों पर भी महंगाई की मार है। बांस, अखबारी और रंगीन कागज के दामों में 20 से 25 प्रतिशत उछाल आने से रावण के पुतलों के भी भाव बढ़ गए हैं। इसके अलावा पुतलों की मांग बढ़ने से भी खासकर छोटे पुतले महंगे बिक रहे हैं। मांग इसलिए बढ़ी, क्योंकि कोरोना के चलते बहुत से लोग भीड़भाड़ में नहीं जाना चाहते।
इसके चलते लोगों ने छोटे-छोटे पुतले लेकर मोहल्ले में ही उनका दहन करना मुनासिब समझा है। शहर में जीटी रोड, पराग डेयरी के पास लगे पुतलों की बिक्री ज्यादा होती है। कारीगरों ने करीब दो हजार से ज्यादा छोटे-बड़े पुतले बनाए हैं। मांग के अनुरूप छोटे साइज के पुतले अधिक हैं। कारीगर रमेश कुमार बताते हैं कि दशहरा वाले दिन ही पुतलों की बिक्री ज्यादा होती है। क्योंकि इन्हें संभालकर रखना मुसीबत भरा काम है। रमेश ने बताया कि पुतलों को बनाने में इस्तेमाल आने वाला कच्चा माल महंगा हो गया है।
पहले जो अखबारी कागज 7-8 रुपये किलो में मिल जाता था। अब वह 12-13 रुपये किलो में मिल रहा है। रंगीन कागज भी पांच रुपये किलो तक महंगा हो गया है। डीजल के रेट बढ़ने से माल-भाड़ा अधिक हो गया है। वहीं लाजपत नगर दशहरा कमेटी के प्रबंधक कपिल सब्बरवाल और अध्यक्ष विक्रम पांडेय ने बताया कि कमेटी ने इस बार 45 फीट का पुतला बनवाया है। यह करीब 60 हजार रुपये में तैयार हुआ है। पिछले साल इतने ही रुपये में 70 फीट का पुतला बन गया था।
विज्ञापन
विज्ञापन
इसके चलते लोगों ने छोटे-छोटे पुतले लेकर मोहल्ले में ही उनका दहन करना मुनासिब समझा है। शहर में जीटी रोड, पराग डेयरी के पास लगे पुतलों की बिक्री ज्यादा होती है। कारीगरों ने करीब दो हजार से ज्यादा छोटे-बड़े पुतले बनाए हैं। मांग के अनुरूप छोटे साइज के पुतले अधिक हैं। कारीगर रमेश कुमार बताते हैं कि दशहरा वाले दिन ही पुतलों की बिक्री ज्यादा होती है। क्योंकि इन्हें संभालकर रखना मुसीबत भरा काम है। रमेश ने बताया कि पुतलों को बनाने में इस्तेमाल आने वाला कच्चा माल महंगा हो गया है।
विज्ञापन
पहले जो अखबारी कागज 7-8 रुपये किलो में मिल जाता था। अब वह 12-13 रुपये किलो में मिल रहा है। रंगीन कागज भी पांच रुपये किलो तक महंगा हो गया है। डीजल के रेट बढ़ने से माल-भाड़ा अधिक हो गया है। वहीं लाजपत नगर दशहरा कमेटी के प्रबंधक कपिल सब्बरवाल और अध्यक्ष विक्रम पांडेय ने बताया कि कमेटी ने इस बार 45 फीट का पुतला बनवाया है। यह करीब 60 हजार रुपये में तैयार हुआ है। पिछले साल इतने ही रुपये में 70 फीट का पुतला बन गया था।
विज्ञापन
परेड में 85 फीट के दशानन, सिर हिलाते करेंगे अट्ठाहस
बुराइयों पर अच्छाइयों के प्रतीक दशहरे का पर्व शुक्रवार को धूमधाम से मनाया जाएगा। रामलीला कमेटियों ने तैयारियां पूर कर ली हैं। इस बार परेड का रावण आकर्षण का केंद्र होगा। दशानन सिर हिलाते हुए जोर से हंसेंगे। उनकी तलवार हवा में लहराएगी। आंखों के साथ ही पूरा शरीर लाइटों से जगमग होगा।
वहीं कानपुर व आसपास के कई आतिशबाज अपनी आतिशबाजी से आकाश रोशन करेेंगे। इसके बाद रिमोट से 85 फीट के रावण का दहन होगा। इसी तरह श्री छावनी रामलीला कमेटी की ओर से रेल बाजार में 45 फीट का रावण का पुतला फूंका जाएगा। कमेटी के अध्यक्ष सिद्धार्थ काशीवार ने बताया कि मैदान के आसपास खाने के स्टॉल नहीं लगाए जाएंगे, ताकि मैदान के अंदर भीड़ न लग सके।
श्रीराम लीला समिति छोटा सेंटर पार्क शास्त्री नगर में भी 45 फीट का पुतला फूंका जाएगा। समिति के सर्वेश शुक्ला बमबम ने बताया कि आतिशबाजी आकर्षण का मुख्य केंद्र होगी। चिड़ियाघर अमरूद मंडी में 40 फीट का पुतला दहन होगा। कैलाश मंदिर शिवाला में 38 फीट का पुतला तैयार किया गया है।
बुराइयों पर अच्छाइयों के प्रतीक दशहरे का पर्व शुक्रवार को धूमधाम से मनाया जाएगा। रामलीला कमेटियों ने तैयारियां पूर कर ली हैं। इस बार परेड का रावण आकर्षण का केंद्र होगा। दशानन सिर हिलाते हुए जोर से हंसेंगे। उनकी तलवार हवा में लहराएगी। आंखों के साथ ही पूरा शरीर लाइटों से जगमग होगा।
वहीं कानपुर व आसपास के कई आतिशबाज अपनी आतिशबाजी से आकाश रोशन करेेंगे। इसके बाद रिमोट से 85 फीट के रावण का दहन होगा। इसी तरह श्री छावनी रामलीला कमेटी की ओर से रेल बाजार में 45 फीट का रावण का पुतला फूंका जाएगा। कमेटी के अध्यक्ष सिद्धार्थ काशीवार ने बताया कि मैदान के आसपास खाने के स्टॉल नहीं लगाए जाएंगे, ताकि मैदान के अंदर भीड़ न लग सके।
श्रीराम लीला समिति छोटा सेंटर पार्क शास्त्री नगर में भी 45 फीट का पुतला फूंका जाएगा। समिति के सर्वेश शुक्ला बमबम ने बताया कि आतिशबाजी आकर्षण का मुख्य केंद्र होगी। चिड़ियाघर अमरूद मंडी में 40 फीट का पुतला दहन होगा। कैलाश मंदिर शिवाला में 38 फीट का पुतला तैयार किया गया है।