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Kanpur News: गेहूं बोआई के बीच समितियों में डीएपी–यूरिया का सूखा

Thu, 11 Dec 2025 02:09 AM IST
Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Thu, 11 Dec 2025 02:09 AM IST
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DAP-urea shortage in committees amid wheat sowing
सरसौल : कहीं तीन माह से खाद नहीं तो कहीं वितरण में हो रही मारपीट
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सरसौल ब्लॉक की 11 समितियों में खाद का संकट है। पुरवामीर समिति में 15 दिन से यूरिया नहीं पहुंची। इससे किसान रोजाना चक्कर काटकर लौट रहे हैं। खुजऊपुर समिति में तीन महीने से खाद नहीं पहुंची। प्रेमपुर समिति में ताला लगा मिला। मंगलवार को यहां सचिव राजा सिंह से मारपीट के बाद अन्य सचिवों ने हड़ताल का ऐलान किया है। वहीं बुधवार को बौसर समिति में सचिव राजू सिंह ने भीड़ देखकर खाद का वितरण शुरू करवाया लेकिन 25 बोरी वितरित करने में ही धक्का-मुक्की, गालीगलौज और मारपीट शुरू हो गई। इसके बाद वितरण रोक दिया गया। काफी देर इंतजार के बाद किसान लौट गए।
भीतरगांव : समितियों में गोदाम खाली, 10 में दो जगह वितरित हुई यूरिया
विकासखंड भीतरगांव की 10 समितियों में बुधवार को हालात बेहद खराब रहे। केवल बरईगढ़ और अरंजझामी समितियों पर ही यूरिया वितरित हुई। किसान लंबी लाइन लगकर अपनी बारी का इंतजार करते दिखे। साढ़ समिति का गोदाम पूरी तरह खाली मिला। कर्मचारी बाहर धूप में बैठे मिले। भीतरगांव समिति में भी खाद नहीं थी, यहां भी कर्मचारी बैठे मिले।
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ककवन : चार समितियों में एक सप्ताह से खाद नहीं
ककवन ब्लॉक क्षेत्र में चार सहकारी समितियां ककवन, वछना, दलेलपुर और विषधन है। एक भी समिति में सप्ताह भर से खाद नहीं है। गेहूं की बोआई के लिए किसानों को खाद की जरूरत हैं। किसान सुबह समितियों में जाते हैं और बिना खाद लिए वापस लौट जाते हैं। किसानों को मजबूरी में निजी दुकानों पर अधिक दाम देकर खाद खरीदना पड़ रहा है।
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माई सिटी रिपोर्टर
कानपुर। गेहूं बोआई के बीच जिले की अधिकांश समितियों में यूरिया व डीएपी की भारी किल्लत से किसान परेशान हैं। सरसौल, भीतरगांव, शिवराजपुर, पतारा और घाटमपुर ब्लॉकों की समितियों पर लंबी लाइनें, तालाबंदी और हंगामे की स्थिति बनी हुई है। कई समितियों में 15 दिन से खाद नहीं है तो कुछ जगह दो माह से संकट है। जहां खाद उपलब्ध है वहां कर्मचारियों की मनमानी और पक्षपात के आरोप लग रहे हैं। निजी दुकानदारों की ओर से महंगे दाम वसूले जाने से किसान दोहरी मार झेल रहे हैं जबकि सहकारिता विभाग हालात पर उदासीन बना है।
तिलसड़ा समिति में आठ दिसंबर से खाद नहीं है। पांच दिसंबर को 500 बोरी यूरिया आयी थी उसी दिन वितरित भी हो गई। किसान अरुण पाठक और राम नरेश ने बताया कि तीन दिन से चक्कर लगा रहे लेकिन खाद नहीं मिल रही। घाटमपुर क्षेत्र की सजेती समिति में आठ दिसंबर को आई 440 बोरी यूरिया खत्म हो चुकी है। किसान समिति के चक्कर लगाकर खाली हाथ लौट रहे हैं। असगहा समिति में खाद के लिए किसानों की लंबी लाइन लगी मिली। शिवराजपुर क्षेत्र स्थित इफ्को किसान सेवा केंद्र में संचालक की मनमानी दिखी। यहां पर्याप्त खाद होने के बावजूद सभी किसानों को खाद नहीं दी जा रही थी। कर्मचारी अपने मनचाहे लोगों को खाद देते रहे जबकि बाकी किसान लाइन में अपनी बारी का इंतजार कर लौट गए।


वर्जन-

जिले में खाद की पूरी उपलब्धता है इसके बावजूद भी अगर समितियों पर खाद नहीं पहुंच पा रही है तो सहकारिता विभाग के अफसरों से जवाब तलब होगा। जल्द ही अधिकारियों के साथ बैठक कर सभी समितियों पर खाद पहुंचाई जाएगी। - जितेंद्र प्रताप सिंह, जिलाधिकारी
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