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Kanpur News: माहवारी पर कविता लिखने वाली दामिनी के काव्य संग्रह रफ कॉपी का विमोचन आज
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कानपुर। महिलाओं के दर्द भरे दिनों पर कविता लिखने वाली लेखिका दामिनी यादव का एक और काव्य संग्रह रफ कॉपी का विमोचन शुक्रवार को राजकीय इंटर कॉलेज चुन्नीगंज में लगे कानपुर पुस्तक मेले में किया जाएगा। मंजुल पब्लिशिंग हाउस से प्रकाशित उनकी पुस्तक के विमोचन के मौके पर लखनऊ के पैडमैन नाम से चर्चित डॉ. अमित सक्सेना भी शामिल होंगे। इस दौरान एक परिचर्चा का भी आयोजन किया जाएगा।
2007 में अपने मुश्किल वक्त के दिनों से गुजरने के दौरान ही दिल्ली निवासी दामिनी यादव ने माहवारी कविता की रचना की। अमर उजाला से बातचीत के दौरान उन्होंने बताया कि 2007 में मैगजीन के दफ्तर में काम करती थी। अपने पीरियड के दौरान काम करने के अनुभव को अपनी डायरी में कविता के तौर पर लिखा। कभी नहीं सोचा था कि इस कविता को प्रकाशित करवाऊंगी। एक दिन अपने दोस्तों के बीच में कविता को सुनाया जिसे सुनकर सब बेहद प्रभावित हुए। सब ने एक मत में कहा कि ऐसी कविताओं को तो लोगों के बीच में आना चाहिए। इसके बाद कई पब्लिकेशन से संपर्क किया लेकिन ओपन और बोल्ड विषय कहकर इसे नकार दिया गया। हालांकि 2012 में हंस पत्रिका में कविता का प्रकाशन हुआ जिसमें काफी सराहना मिली। फिर हुए निर्भया कांड के बाद कविता सोशल मीडिया पर काफी वायरल हुई। इरफान खान, यशपाल शर्मा जैसे कलाकारों ने इसे शेयर भी किया।
दामिनी कहती हैं कि हालांकि इस कविता के चर्चा में आने के बाद लोग दो वर्गों में बंट गए। कुछ लोग इसके पक्ष में थे तो कुछ ने अश्लील साहित्य तक कह डाला। अक्षय कुमार जब लखनऊ में अपनी फिल्म के प्रमोशन के लिए तब पैडमैन कहे जाने वाले डॉ. अमित सक्सेना ने इस कविता का जिक्र किया। दामिनी कहती हैं कि इस कविता के बाद लेखन के प्रति व्यवहार में बदलाव आया और पहले से ज्यादा गंभीर हो गईं। 10 सालों के अंतराल के बाद एक बार फिर जिंदगी के कशमकश पर आधारित रफ कॉपी काव्य संग्रह आ रहा है।
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2007 में अपने मुश्किल वक्त के दिनों से गुजरने के दौरान ही दिल्ली निवासी दामिनी यादव ने माहवारी कविता की रचना की। अमर उजाला से बातचीत के दौरान उन्होंने बताया कि 2007 में मैगजीन के दफ्तर में काम करती थी। अपने पीरियड के दौरान काम करने के अनुभव को अपनी डायरी में कविता के तौर पर लिखा। कभी नहीं सोचा था कि इस कविता को प्रकाशित करवाऊंगी। एक दिन अपने दोस्तों के बीच में कविता को सुनाया जिसे सुनकर सब बेहद प्रभावित हुए। सब ने एक मत में कहा कि ऐसी कविताओं को तो लोगों के बीच में आना चाहिए। इसके बाद कई पब्लिकेशन से संपर्क किया लेकिन ओपन और बोल्ड विषय कहकर इसे नकार दिया गया। हालांकि 2012 में हंस पत्रिका में कविता का प्रकाशन हुआ जिसमें काफी सराहना मिली। फिर हुए निर्भया कांड के बाद कविता सोशल मीडिया पर काफी वायरल हुई। इरफान खान, यशपाल शर्मा जैसे कलाकारों ने इसे शेयर भी किया।
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दामिनी कहती हैं कि हालांकि इस कविता के चर्चा में आने के बाद लोग दो वर्गों में बंट गए। कुछ लोग इसके पक्ष में थे तो कुछ ने अश्लील साहित्य तक कह डाला। अक्षय कुमार जब लखनऊ में अपनी फिल्म के प्रमोशन के लिए तब पैडमैन कहे जाने वाले डॉ. अमित सक्सेना ने इस कविता का जिक्र किया। दामिनी कहती हैं कि इस कविता के बाद लेखन के प्रति व्यवहार में बदलाव आया और पहले से ज्यादा गंभीर हो गईं। 10 सालों के अंतराल के बाद एक बार फिर जिंदगी के कशमकश पर आधारित रफ कॉपी काव्य संग्रह आ रहा है।
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